Thursday, February 3, 2022
आईएस नेता के खिलाफ हुई कार्रवाई में नागरिकों की मौत की जांच जरूरी: संयुक्त राष्ट्र
Monday, January 31, 2022
चीन-पाकिस्तान की खैर नहीं! सबक सिखाने के लिए बलूचों ने बनाई नई सेना BNA, सिंध और बलूचिस्तान को आजाद कराना मकसद
बलूचिस्तान के विद्रोहियों ने पाकिस्तान और चीन (China Pakistan Relation) को मुहंतोड़ जवाब देने के लिए एक नई सेना ‘बलोच नेशनलिस्ट आर्मी’ (बीएनए) बनाई है. इस सेना ने शहरों से लेकर कबायली इलाकों तक पाकिस्तान को खून के आंसू रुलाना शुरू कर दिया है. बलूचों ने ईरान से लगने वाली सीमा के पास 10 पाकिस्तानी सैनिकों को भी मार गिराया है. कुछ दिन पहले इसी ने पंजाब प्रांत (Punjab Province) के लाहौर शहर में भीषण बम विस्फोट किया था. जिससे पता चलता है कि बलूचों की सेना कितनी ताकतवर होती जा रही है. लाहौर में धमाका कर बलोच नेशनलिस्ट पार्टी (Baloch Nationalist Party) ने ये साफ कर दिया है कि उसकी लड़ाई बलूचिस्तान कर सीमित नहीं रहेगी.
पंजाब के कई शहरी इलाके इसके निशाने पर हैं. ये वही प्रांत है, जहां से पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के अधिकतर सैनिक और अफसर आते हैं. 20 जनवरी वाले दिन लाहौर में हुए विस्फोट के कारण तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 अन्य लोग घायल हुए थे. बलूचों ने इन हमलों को ऐसे समय में तेज किया है, जब इसी महीने यूनाइटेड बलूच आर्मी और बलूच रिपब्लिकन आर्मी का विलय हुआ है. यानी अब पाकिस्तान और चीन को सबक सिखाने के लिए ये दो दुश्मन भी एक साथ आ गए हैं. इस विलय के बाद बलूच नेशनलिस्ट पार्टी का गठन हुआ, जिसने लाहौर पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है.
चीन के हित भी बनेंगे निशाना
एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन पार्टियों का विलय ना केवल बलूचिस्तान की आजादी के लिए इतना जरूरी है बल्कि ये देश में चीन के हितों को भी निशाना बनाएगी. जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट सीपीईसी (चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) शामिल है, जो बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट (Belt and Road Project) का हिस्सा है. बलूच नेशनलिस्ट पार्टी इस बात का भी प्रतीक है कि बलूचिस्तान के दो मुख्य आदिवासी गुट मारिस और बुगती चीन और पाकिस्तान का मुकाबला करने के लिए एक साथ आगे आ सकते हैं. ये दोनों समुदाय कभी एक दूसरे की तरफ देखना तक पसंद नहीं करते थे. एक और गुट बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी बलूचिस्तान में पहले से ही सक्रिय है.
सिंध के ग्रुप्स का साथ मिला
बलूच विद्रोहियों को पड़ोसी प्रांत सिंध के असंतुष्ट समूहों से समर्थन मिल रहा है, जो इमरान खान की सरकार से खुश नहीं हैं. बलूच और सिंधुदेश क्रांतिकारी सेना के बीच जून 2020 में एक गठबंधन पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस गठबंधन ने सिंध और बलूचिस्तान को आजाद कराने और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (China Pakistan Economic Corridor) को निशाना बनाने की कसम खाई थी. बलूच नेशनलिस्ट आर्मी ने एक बयान में कहा कि उनका गठन पाकिस्तानी सेना के फासीवाद के खिलाफ बलूचों के प्रतिरोध को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है. अब सरकार और उसके सहयोगियों (चीन) पर हमले तेज किए जाएंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान में तालिबान के लौटने से बलूचों को एक नई ताकत मिली है. इसलिए इन्होंने अपने हमले भी बढ़ा दिए हैं.
इस्लाम के खिलाफ कथित फेसबुक पोस्ट के कारण दिल्ली के मौलवी ने गुजरात के युवक की करवाई थी हत्या! ATC ने किया गिरफ्तार
नई दिल्ली. गुजरात आतंकरोधी दस्ता यानी एटीएस ने राज्य के धंधुका शहर में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दिल्ली से एक मौलवी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक फेसबुक पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के कारण गुजरात के धंधुका शहर में किसन भरवाड नाम के एक व्यक्ति की हत्या हुई थी. किशन भरवाड की 25 जनवरी को धंधुका के मोधवाडा इलाके में बाइक सवार दो हमलावारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस वक्त बोलिया अपने भाई के दो पहिया वाहन पर पीछे बैठा था. भरवाड ने छह जनवरी को सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज कराई थी.
एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि मौलवी कमर गनी उस्मानी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले इसी मामले में शुक्रवार को अहमदाबाद से मोहम्मद अयुब जावरावाला को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में धंधुका निवासी शब्बीर चोपडा (25) और इम्तियाज पठान (27) की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.
मौलवी ने हत्या के लिए उकसाया
एटीएस के एसपी इम्तियाज शेख ने बताया कि शब्बीर चोपड़ा ने भरवाड को गोली मारी थी. शब्बीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए उस्मानी से संपर्क में थे. उन्होंने बताया कि मौलवी उस्मानी समाजिक संस्था चलाता है. उसने समुदाय के युवाओं को भड़काया और उन लोगों को इस बात के लिए उकसाया कि जिसने पैगम्बर मोहम्मद का अपमान किया है, उनसे बदला लिया जाए. अहमदाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि शब्बीर, पठान की बाइक पर पीछे बैठा था और उसने बोलिया पर गोलीबारी की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में थे आरोपी
एटीएस के अधिकारियों ने कहा कि मौलवी कमरगनी उस्मानी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है और वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले दूसरे मौलाना हैं. एटीएस के पुलिस अधीक्षक इम्तियाज शेख ने शब्बीर चोपड़ा सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ के जरिए उस्मानी के संपर्क में था. उस्मानी ने कहा चौपड़ा को जावरावाला से संपर्क रहने के लिए कहा था. उसने भरवाड के खिलाफ एक्शन लेने का निर्देश दिया था. दोनों मौलवी इस मामले को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में थे. गुजरात एटीएस ने मामले की तफ्तीश शनिवार से शुरू की है.
सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर हुई कोरोना संक्रमिक, बयान में कहा था- गोमूत्र पीने से कोई संक्रमण नहीं होता
भाजपा नेता और भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने ट्वीट किया आज, मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं डॉक्टरों की देखरेख में हूं।
भाजपा नेता और भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने ट्वीट किया आज, मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं डॉक्टरों की देखरेख में हूं। पिछले 2 दिनों में मेरे संपर्क में आने वाले सभी लोगों से आग्रह किया जाता है कि वे सतर्क रहें और यदि आवश्यक हो तो परीक्षण भी करवाएं। भगवान से प्रार्थना करती हूं कि आप सभी स्वास्थ्य रहे।
पिछले साल, प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था कि गोमूत्र का अर्क फेफड़ों के संक्रमण और कोरोनावायरस से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि "देसी गाय का 'गौ-मूत्र अर्क' (गोमूत्र का अर्क) हमें फेफड़ों के संक्रमण से दूर रखता है। मैं बहुत परेशानी (स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं) में हूं, लेकिन मैं हर दिन 'गौमूत्र सन्दूक' लेती हूं। यह, मुझे कोरोनावायरस के लिए कोई अन्य दवा नहीं लेनी चाहिए। मैं कोरोनावायरस संक्रमण से प्रभावित नहीं हूँ।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर लंबे समय से 'गोमूत्र के स्वास्थ्य लाभ' की हिमायती रही हैं। 2019 में इंडिया टुडे टीवी के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा स्वास्थ्य लाभ यह था कि गोमूत्र के सेवन से उनके कैंसर को ठीक करने में मदद मिली। भोपाल के भाजपा नेता, जो 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं, स्तन कैंसर से बचे हैं। "मैं कैंसर की मरीज थी और मैंने गौमूत्र (गोमूत्र) और पंचगव्य-मिश्रित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन करके खुद को ठीक किया।
Friday, January 28, 2022
एक और विधायक ने छोड़ा सपा का साथ, अखिलेश पर लगाया पार्टी की हिंदू छवि बनाने का आरोप
इकराम कुरैशी ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव का पार्टी में दबदबा था तो वफादार नेताओं की कद्र हुआ करती थी। लेकिन अब उनकी पार्टी में नहीं चल रही है। परिस्थितियां पहले से ज्यादा बदल चुकी हैं। वहां चापलूस हावी हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं का पाला बदलना लगातार जारी है। इन सब के बीच समाजवादी पार्टी से मुरादाबाद देहात के विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने इस्तीफा दे दिया है। वह अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इकराम कुरैशी ने अखिलेश यादव पर समाजवादी पार्टी की छवि को हिंदूवादी बनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि मुसलमान नेताओं को अब किनारे लगाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर मुरादाबाद देहात से विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है। इससे पहले कुंदरकी से विधायक हाजी रिजवान भी टिकट कटने के बाद बसपा में शामिल हो गए थे।
इकराम कुरैशी ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव का पार्टी में दबदबा था तो वफादार नेताओं की कद्र हुआ करती थी। लेकिन अब उनकी पार्टी में नहीं चल रही है। परिस्थितियां पहले से ज्यादा बदल चुकी हैं। वहां चापलूस हावी हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा के लिए उन्होंने 28 सालों तक खून पसीना बहाया है। पार्टी जिला अध्यक्ष रखकर भी सपा के जनाधार को बढ़ाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। समाजवादी पार्टी ने टिकट काटकर मेरे साथ अच्छा नहीं किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के बीच रहकर मैंने उन में विश्वास पैदा किया है जिसे बर्बाद नहीं होने दूंगा।
इतना ही नहीं, उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए यह भी कह दिया कि आजम खान को पार्टी की छवि हिंदूवादी बनाने के लिए ही जेल में डलवाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस बार के चुनाव में हम जनता को सच बताएंगे और समाजवादी पार्टी का जनाजा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में अब मुसलमानों का सम्मान नहीं है। मुस्लिम नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी में मुस्लिम नेताओं का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
Thursday, January 27, 2022
पुराणों में भारतवर्ष की महिमा - प्रताप मिश्रा
Wednesday, January 26, 2022
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