कंठ कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर देश में शोक की लहर छा गई है. देश-दुनिया से स्वर कोकिला के निधन पर लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. राष्ट्रपति ने कहा, लता जी का निधन मेरे लिए हृदयविदारक है, जैसा कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए है. उनके गीतों की विशाल श्रृंखला में भारत के सार और सुंदरता को प्रस्तुत करते हुए पीढ़ियों ने अपनी आंतरिक भावनाओं की अभिव्यक्ति पाई है. भारत रत्न, लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी.राष्ट्रपति ने कहा, सदियों में एक बार इस तरह की कलाकार जन्म लेती हैं. लता-दीदी एक असाधारण इंसान थीं, जो गर्मजोशी से भरी हुई थीं. जैसा कि मैं उनसे जब भी मिलती थी. वह दिव्य आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है, लेकिन उसकी धुन अमर रहेगी, अनंत काल तक गूंजती रहेगी. उनके परिवार और हर जगह प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.
Sunday, February 6, 2022
राष्ट्रपति कोविंद ने जताया शोक, कहा-लता जी का निधन मेरे लिए हृदयविदारक
कंठ कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर देश में शोक की लहर छा गई है. देश-दुनिया से स्वर कोकिला के निधन पर लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. राष्ट्रपति ने कहा, लता जी का निधन मेरे लिए हृदयविदारक है, जैसा कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए है. उनके गीतों की विशाल श्रृंखला में भारत के सार और सुंदरता को प्रस्तुत करते हुए पीढ़ियों ने अपनी आंतरिक भावनाओं की अभिव्यक्ति पाई है. भारत रत्न, लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी.राष्ट्रपति ने कहा, सदियों में एक बार इस तरह की कलाकार जन्म लेती हैं. लता-दीदी एक असाधारण इंसान थीं, जो गर्मजोशी से भरी हुई थीं. जैसा कि मैं उनसे जब भी मिलती थी. वह दिव्य आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है, लेकिन उसकी धुन अमर रहेगी, अनंत काल तक गूंजती रहेगी. उनके परिवार और हर जगह प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.
Saturday, February 5, 2022
सम्पूर्ण भारत मे होना चाहिए घर वापसी का टीका करण। क्योंकि कोरोना से ज्यादा घातक है जातिवाद और धर्मवाद की राजनीति: प्रताप मिश्रा
साहसी ब्लूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के तुरबत नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाया

नई दिल्ली: पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत के ब्लूच लड़ाकों ने यहां के केच जिले में पाकिस्तानी नौसैनिक ठिकाने पर कई राकेट दागने का दावा किया है।
इस प्रांत में यह पाकिस्तान का अहम नौसैनिक ठिकाना है और यहां से विवादित चीन पाकिस्तान कॉरिडोर के प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी की जाती है। ब्लूच लड़ाकों का यह दावा भी है कि उनके कब्जे में अभी भी सेना का पांगजुर शिविर है।
ब्लूचिस्तान नेशनल आर्मी (बीएलए) की माजिद ब्रिगेड ने पांगजुर में एफसी शिविर पर कब्जा कर लिया है और इसे 60 घंटे बीत गए हैं।
बीएलए ने शनिवार को टिवट्र पर जारी एक बयान में कहा कि पांच घंटे पहले पाकिस्तानी सेना के एसएसजी कमांडों ने इस शिविर में घुसने का प्रयास किया था लेकिन ब्लूच बहादुर फिदायीन ने उनका जमकर मुकाबला किया और उनके हमले को विफल कर दिया।
इससे पहले, एक अलग बयान में, बलूचिस्तान विद्रोही संगठन ने शुक्रवार को दावा किया था कि उसने पांगजुर शिविर पर एक पाकिस्तानी सैन्य ड्रोन को मार गिराया था। पांगजुर में गुरुवार से कर्फ्यू लगा दिया गया था और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया था। इसलिए स्थिति के बारे में जानकारी मिलनी मुश्किल है है और पाकिस्तानी मीडिया को भी इस तरह की खबरों को अनदेखा करने और केवल पाकिस्तानी सूत्रों द्वारा जारी किए गए बयानों को प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है।
ये हमले पाकिस्तान के सबसे सैन्यीकृत क्षेत्र अशांत ब्लूचिस्तान में सरकारी बलों के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती पेश करते हैं और पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने इन हमलों को सुरक्षा व्यवस्था का जबर्दस्त उल्लंघन करार देते हुए कहा कि यह अस्वीकार्य है।
बुधवार देर शाम को, बीएलए विद्रोहियों ने पांगजुर और नोशकी में पाकिस्तानी फ्रंटियर कोर के शिविरों पर अच्छी तरह से समन्वित दो हमले किए । ब्लूच सूत्रों का दावा है कि इस साहसिक हमले में 100 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए। पाकिस्तानी सेना नोशकी पर एक जवाबी हमले के बाद फिर से कब्जा करने में कामयाब रही। लेकिन वे स्पष्ट रूप से अभी भी पांगजुर शिविर पर नियंत्रण पाने के लिए लड़ रहे हैं।
दोनों हमले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के चीन पहुंचने से कुछ घंटे पहले शुरू हुए थे। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों को चीन को एक संदेश भेजने और सीपीईसी परियोजनाओं के लिए अधिक धन के लिए चीन के साथ उनकी बातचीत को विफल करने के मकसद से अंजाम दिया गया था।
एक पाकिस्तानी अधिकारी ने एक प्रमुख मीडिया हाऊस को बताया, हमले बहुत अच्छी तरह से समन्वित थे और वे पाकिस्तान में चीनी हितों से जुड़े हुए हैं। श्री खान और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सीपीईसी पर चर्चा करनी है और इनसे यह दिखाना था कि पाकिस्तान एक सुरक्षित देश नहीं है।
गौरतलब है कि चीन ने हाल के वर्षों में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के माध्यम से अपने सुदूर पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र को ब्लूचिस्तान में ग्वादर के महत्वपूर्ण बंदरगाह से जोड़ने वाले बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परियोजनाओं में अरबों डॉलर का निवेश किया है।
लेकिन यह बलूचिस्तान के लोगों को कुछ भी नहीं देता है और इसने ब्लूच लोगों के रोष को और बढ़ा दिया है जो पाकिस्तान सरकार द्वारा किए जा रहे अपने शोषण का विरोध कर रहे हैं। ब्लूचिस्तान में समावेशी विकास का अभाव है और यह अशांति के प्रमुख कारकों में से एक है। ब्लूच और उनकी मांगों की निरंतर अवहेलना से इस क्षेत्र के अशांत रहने से यहां चीनी निवेश के लिए खतरा बढ़ जाएगा।
ब्लूच स्वतंत्रता-समर्थक विद्रोही समूहों ने वर्षों से दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में विद्रोह छेड़ रखा है। इनका गुस्सा इस बात को लेकर है कि यहां प्राकृतिक संसाधनों की बहुलता का दोहन पकिस्तान अपने हितों के लिए कर रहा है और इस क्षेत्र का अब तक समुचित विकास नहीं हुआ है जिससे यहां के लोगों को गुरबत में दिन काटने पड़ रहे हैं। यहां के प्राकृतिक संसाधनों के प्रचुर भंडार नागरिकों की गरीबी को कम करने में राहत नहीं दे रहे हैं।
कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास और देश में अन्य जगहों सहित बलूचिस्तान में चीनी कामगारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ ऐसे हमलों ने चीनी अधिकारियों को हाई अलर्ट की स्थिति में डाल दिया है। इसने बलूचिस्तान प्रांत में उसकी चिंताओं को बढ़ा दिया है।
अब कॉमन सिविल कोड की दिशा में बढ़ी मोदी सरकार, लागू होने पर मुस्लिमों के अलग नियम कायदे होंगे खत्म
नई दिल्ली। राम मंदिर और जम्मू-कश्मीर जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 पर कदम उठाने के बाद केंद्र की मोदी सरकार अब अपने अगले मिशन में जुटती दिख रही है। सरकार अब बीजेपी के एजेंडे में शामिल समान नागरिक संहिता UCC को लागू कराने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने इसके संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये लागू हो सकता है। समान नागरिक संहिता का तमाम मुस्लिम संगठन विरोध करते हैं। इसे देखते हुए मसले का हल निकालने की जिम्मेदारी 22वें विधि आयोग को दिया जा सकता है। बता दें कि कल ही राज्यसभा में समान नागरिक संहिता पर एक निजी बिल पेश किया गया था।
पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र के समय लोकसभा में बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट समेत देश की तमाम अदालतों ने भी समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कहा है। इसके अलावा देश के संविधान के नीति निर्देशक तत्वों में भी कहा गया है कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी। निशिकांत दुबे के इस सवाल पर इस साल 31 जनवरी को कानून मंत्री ने कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 44 सभी नागरिकों के लिए एक समान संहिता लागू करने के बारे में कहता है। इसके सभी प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करने की जिम्मेदारी विधि आयोग को दी गई थी। आयोग का काम 31 अगस्त 2018 को खत्म हो गया। अब ये मसला नए विधि आयोग को दिया जा सकता है।
बता दें कि मुसलमानों के लिए कायदे कानून बनाने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड AIMPLB ने कई बार कहा है कि किसी सूरत में समान नागरिक संहिता उसे मंजूर नहीं है। इसकी वजह ये है कि समान नागरिक संहिता लागू हुई, तो मुसलमानों के लिए नियम कायदे अलग से बनने बंद हो जाएंगे। देश के सभी नागरिकों के लिए एक जैसा कानून होगा। इससे मुस्लिमों की शादी और तलाक के मसले भी अलग नहीं रह जाएंगे। अभी मुसलमानों में शादी और तलाक के लिए शरीयत के मुताबिक कदम उठाए जाते हैं।
Friday, February 4, 2022
ओवैसी के हमलावर सचिन पंडित का निकला भाजपा कनेक्ट , CM योगी संग फोटो वायरल , शुभम 10वीं पास खेतीहार
नोएडा । एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वाले दोनों युवक सचिन और शुभम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । इनमें से एक को जहां घटना के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था , वहीं दूसरे ने थाने में जाकर सरेंडर किया था । अब इन दोनों से पूछताछ की जा रही है , जिसमें सामने आए है कि हमलावर सचिन पंडित ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है । वह लॉ का छात्र रहा है और वह भारतीय जनता पार्टी का सदस्य भी रहा है । इसके साथ ही उसके सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही अन्य बड़े भाजपा नेताओं के साथ फोटो भी हैं । वहीं दूसरा हमलावर शुभम सहारनपुर का है और 10वीं पास है । वह खेती का काम करता है । दोनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है । दोनों का कहना है कि ओवैसी भाइयों के भड़काऊ भाषणों के चलते उन्हें इनसे नफरत थी ।
सचिन ने सोशल मीडिया पर डाली भाजपा की सदस्यता स्लिप
अभी तक की जांच में सामने आया है कि ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन पंडित ने भाजपा की सदस्यता ली हुई है । उनकी स्लिप उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली थी । साथ ही उसके योगी आदित्यनाथ समेत उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा , नोएडा से पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश शर्मा समेत अन्य नेताओं के साथ फोटो हैं। वह लॉ का छात्र रहा है और उसके पिता विनोद पंडित प्राइवेट कंपनियों में ठेकेदार का काम करते हैं । फेसबुक पर सचिन पंडित ने खुद का सचिन हिंदू नाम से अकाउंड बनाया हुआ है । वहीं शुभम के बारे में जानकारी मिली है कि वह सहारनपुर का रहने वाला है और खेती का काम करता है । उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है ।

ओवैसी भाइयों के भड़काऊ बयानों से थे आहत
पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया है कि दोनों ने ओवैसी भाइयों के कई भड़काऊ भाषण सुने थे । उनकी बातों से वह बहुत आहत थे । जिस तरह से वे अपने समुदाय के लोगों को भड़काने का काम करते थे , उससे दोनों को बहुत गुस्सा आता था । इसी के चलते उन्हें सबक सिखाने का फैसला लिया । जांच में सामने आया है कि दोनों ने हाल में हथियार खरीदे थे । उन्होंने उन लोगों के नाम बताए हैं , जिनसे हथियार खरीदे गए थे ।
सचिन के परिजनों से हुई लंबी पूछताछ
इस सबसे इतर , ग्रेटर नोएडा स्थित सचिन के पिता विनोद पंडित समेत अन्य से पुलिस ने करीब 5 घंटे पूछताछ की । विनोद पंडित ने बताया कि उनका बेटा उनके साथ ही ठेकेदारी के काम में हाथ बटाता है । वह कंपनियों को मजदूर मुहैया करवाने का काम करते हैं । करीब 20-25 कंपनियों में वह लेबर दिलाने का काम करते हैं , जिसमें सचिन नई कंपनियों के साथ बात करना और उनके कॉंट्रेक्ट की बात करता है । पिछले कुछ दिनों से वह तनाव में था । आज सुबह किसी कंपनी में बात करने की बात कहकर निकला था ।
हापुड़ कोर्ट में पेश किया जाएगा
बहरहाल , पुलिस आज दोनों को हापुड़ कोर्ट में पेश करेगी । इस दौरान पुलिस दोनों की कस्टडी की मांग करेगी । ऐसी संभावना है कि आज दोपहर बाद पुलिस एक पत्रकार वार्ता करके इस पूरे मामले की जानकारी साझा करेंगी ।
जानें क्या हुआ था कल छिजारसी टोल के पास
असल में गुरुवार शाम एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि किठौर में एक चुनावी कार्यक्रम के बाद दिल्ली जा रहे थे । छिजारसी टोल प्लाजा के पास 2 लोगों ने उनकी गाड़ी पर 3-4 राउंड फायरिंग की । इस घटना में वह बाल बाल बचे और दूसरी गाड़ी में बैठकर भागे । हालांकि बाद में पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया था जबकि दूसरे ने थाने में सरेंडर कर दिया था ।
Thursday, February 3, 2022
पाकिस्तान में सेना कैंप पर हमला, 50 सैनिक शहीद
अमेरिकी सेना की आतंक के खिलाफ बड़ी जीत , राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बताया ISIS सरगना को किया ढेर
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