Friday, February 11, 2022

पाकिस्तान को भारत का बड़ा तोहफा, करतारपुर कॉरिडोर के बदले अजमेर शरीफ तक स्पेशल ट्रेन


Indian Railways Special Trains: Ajmer Sharif-Kartarpur Sahib
  • अमृतसर से अजमेरशरीफ तक स्पेशल ट्रेनें इसी महीने से शुरू हो सकती हैं: रेल सूत्र
  • करतारपुर साहिब जाने वाले भारतीय श्रद्धालु 11,000 रुपये तक ही ले जा सकते हैं

नई दिल्ली:  

करतारपुर साहिब (Kartapur Sahib) कॉरिडोर के बदले अब पाकिस्तानी नागरिकों को भारत सरकार की ओर से बड़ा तोहफा मिला है. रेलवे (Railway) सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अमृतसर से अजमेरशरीफ तक स्पेशल ट्रेनें जल्द शुरू होगी. सरकारी तौर पर बॉर्डर पार करा कर अमृतसर तक लाए गए पाकिस्तानी श्रद्धालुओं (अक़ीदतमंदों) को इन स्पेशल ट्रेनों से अजमेर शरीफ़ (Ajmer Sharif) दरगाह तक ले जाने और वापस लाने तक की व्यवस्था की जाएगी. रेल सूत्रों के अनुसार ये सेवाएं इसी महीने से शुरू हो सकती हैं।

RBI ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए 11 हजार रुपये की सीमा तय की

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पैसे लेकर जाने की सीमा कम कर दी है. करतारपुर स्थित गुरुद्वारे दरबार साहिब की तीर्थयात्रा के दौरान भारतीय श्रद्धालु 11,000 रुपये या अमेरिकी डॉलर के रूप में इतनी ही राशि ले जा सकते हैं. नई सीमा भारतीय पासपोर्ट धारकों के साथ-साथ भारतीय मूल के व्यक्तियों पर भी लागू होगी, जिनके पास करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में गुरुद्वारा दरबार साहिब की यात्रा करने वाले ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड हैं।

केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि सरकार के परामर्श से रिजर्व बैंक ने फैसला किया है कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के साथ ही भारतीय मूल के ओसीआई कार्डधारकों को श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब की तीर्थयात्रा के दौरान भारत से जाते समय या वापसी करते समय अपने साथ 11,000 रुपये या अमेरिकी डॉलर के रूप में इतनी ही राशि साथ रखने की इजाजत होगी. बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के अंतिम विश्राम स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्धारे से जोड़ता है. 4 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए दरबार साहिब जाने के लिए वीजा मुक्त पहुंच सुनिश्चित करता है।

यूपी में मुस्लिम लड़की ने जीते संस्कृत में 5 मेडल


Ghazala win

लखनऊ:   लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) की एक मुस्लिम लड़की ने संस्कृत में एमए की सर्वश्रेष्ठ छात्रा होने के नाते 5 मेडल जीते हैं।

नवंबर में आयोजित अपने दीक्षांत समारोह के दौरान एलयू द्वारा गजाला के नाम की घोषणा की गई थी, लेकिन कोरोना के कारण समारोह के दौरान कुछ छात्रों को ही पदक दिए जा सके।

गुरूवार को संकाय स्तरीय पदक वितरण समारोह के दौरान कला के डीन प्रोफेसर शशि शुक्ला ने गजाला को पदक से सम्मानित किया।

दिहाड़ी मजदूर की बेटी गजाला पांच भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, अरबी और संस्कृत में पारंगत है।

जब वह 10वीं कक्षा में थी तब उनके पिता का निधन हो गया और उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए संघर्ष किया।

गजाला ने कहा, ये पदक मैंने नहीं बल्कि मेरे भाइयों शादाब और नायब ने जीते हैं जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया और क्रमश: 13 और 10 साल की उम्र में गैरेज में काम करना शुरू कर दिया ताकि मैं पढ़ाई जारी रख सकूं।

उनकी बड़ी बहन यासमीन भी एक बर्तन की दुकान में काम करने लगीं, जबकि उनकी मां नसरीन बानो उनके घर की देखभाल करती हैं।

गजाला अपने परिवार के साथ एक कमरे के घर में रहती है। सुबह 5 बजे उठकर नमाज करती है, घर के सारे काम करती है और दिन में लगभग सात घंटे संस्कृत पढ़ती है।

वह संस्कृत की प्रोफेसर बनना चाहती हैं।

गजाला परिसर में लोकप्रिय है और विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान संस्कृत के श्लोक, गायत्री मंत्र और सरस्वती वंदना का पाठ करती है।

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने संस्कृत को क्यों चुना, गजाला कहती हैं, सभी भाषाओं में भगवान की अपनी भाषा संस्कृत है। यह दिव्य है। संस्कृत में, कविता ज्यादा मधुर है।

उनके अनुसार, संस्कृत में उनकी रुचि निशातगंज के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शुरू हुई, जहां उनके शिक्षक ने उन्हें कक्षा 5 में संस्कृत पढ़ाया।

गजाला ने कहा, मेरे संस्कृत ज्ञान और रुचि अक्सर उन लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं जो मुझसे पूछते हैं कि एक मुस्लिम होने के नाते मैंने भाषा के लिए प्यार कैसे विकसित किया। वे मुझसे पूछते हैं कि मैं इसके साथ क्या करूंगी, लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मेरा समर्थन किया।

गजाला अब वैदिक साहित्य में पीएचडी करना चाहती हैं।

शिवपाल के 'अपमान' के बाद उनके समर्थकों ने सपा के खिलाफ खोला मोर्चा, अखिलेश की बढ़ेगी टेंशन


लखनऊ, 10 फरवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने जिस तरह से शिवपाल यादव को केवल एक ही सीट पर सिमटा दिया है उससे सपा और प्रसपा के बीच दूरियां बढ़ रही हैं। कई जगहों पर तो कार्यकर्ता खुद इसे शिवपाल के अपमान से जोड़कर देख रहे हैं। समाजवादी पार्टी और प्रसपा के बीच चल रहे भीतरी तनातनी के बीच प्रसपा के नेताओं ने विधानसभा चुनावों से ही दूरी बना ली है। कई नेता दूसरे दलों के साथ जुट गये हैं तो कई मौन हो गये हैं। इसका कारण है, समाजवादी पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में शिवपाल सिंह को छोड़कर किसी नेता को टिकट न देना। प्रयागराज, वाराणसी, सहित लखनऊ की सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नेताओं ने दूरी बना ली है।

शिवपाल

लखनऊ की सीटों को देखा जाय तो जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चुनाव से ही किनारा कर लिया है। यही नहीं प्रसपा लोहिया के दो पदाधिकारियों प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल व अजय कुमार ने तो पाला ही बदल लिया। वहीं शेष अन्य सात सीटों पर अब प्रसपा लोहिया के पदाधिकारियों ने चुनाव से दूरी बना ली है।

प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल ने पहले सरोजनीनगर से निर्दलीय ही नामांकन कर दिया। इसके साथ ही भाजपा की सदस्यता भी ले ली। वहीं लखनऊ कैंट से प्रसपा लोहिया से घोषित इंजीनियर अजय कुमार ने पाला बदलकर आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेकर आम आदमी पार्टी के लखनऊ कैंट के उम्मीदवार हैं। लखनऊ उत्तर से प्रसपा लोहिया के प्रदेश महासचिव अजय त्रिपाठी मुन्ना तैयारी कर रहे थे। यहां से सपा ने छात्रनेता पूर्व शुक्ला को उतारा है। ऐसे में अजय त्रिपाठी मुन्ना ने भी सपा के जनसंपर्क की दूरी बना ली है।

शिवपाल

वहीं बख्शी का तालाब से टिकट मांग रहे प्रसपा लोहिया के जिलाध्यक्ष रंजीत यादव भी सपा की सूची जारी होने के बाद से गायब चल रहे हैं। इसी तरह लखनऊ पश्चिम, लखनऊ मध्य, लखनऊ पूर्व, मलिहाबाद, मोहनलालगंज में भी प्रसपा लोहिया की कमेटी सपा के साथ चुनाव मैदान में नहीं उतरी है। प्रसपा लोहिया के इंदिरानगर स्थित महानगर कार्यालय में संगठन को लेकर भी बैठकें हो रही हैं। सपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार करने से महानगर के पदाधिकारी भी बच रहे हैं।

मैनपुरी में पीएसपी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष राजवीर यादव ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीएसपी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है और शिवपाल यादव ने बड़ी मेहनत से पार्टी बनाई है. उन्होंने कहा कि सपा ने सिर्फ एक सीट दी है और यह उनके नेता का अपमान है। उन्होंने कहा कि सपा के किसी भी होर्डिंग में उनके नेता का फोटो नहीं लगाया जा रहा है और हाल ही में करहल आए सपा प्रमुख ने जिले की सभी सीटों के लिए जनता से वोट मांगा, लेकिन वोट नहीं मांगा। इतना ही नहीं गठबंधन में पीएसपी नेताओं की उपेक्षा की जाती है और पीएसपी नेताओं को एसपी के किसी भी कार्यक्रम की जानकारी नहीं होती है।

वहीं, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (पीएसपी) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का दर्द सोमवार को मीडिया के सामने आया। अपनी विधानसभा सीट जसवंतनगर के एक होटल में सोमवार रात कुछ कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी ने कुर्बानी दी लेकिन बदले में कुछ नहीं मिला। पार्टी ने चुनाव से पहले 100 उम्मीदवारों की घोषणा की थी और उन्होंने अखिलेश यादव को 35 सीटों की सूची सौंपी थी। इसके बावजूद उन्हें एक ही सीट मिली। शिवपाल ने कहा कि उन्हें कम से कम 50 सीटें मिलनी चाहिए थीं और उनके उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते।

आतंकवाद को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार


भारत ने लंबे समय से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का दंश झेला है और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा अंजाम दिए गए 2008 के मुंबई आतंकी हमले तथा 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद में आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा विषय पर भारत की इस दृढ़ मान्यता को दोहराया कि दुनिया के एक भी हिस्से में आतंकवाद यदि है तो वह समूची दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।

उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश के रूप में जिसे 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट आतंकी हमले सहित सीमा पार आतंकवाद का खामियाजा भुगतना पड़ा है भारत आतंकवाद की मानवीय कीमत से अवगत है और इन आतंकी हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।तिरुमूर्ति ने कहा कि आतंकी हमलों की निंदा करते हुए हमारी प्रतिक्रिया एकजुट और स्पष्ट होनी चाहिए।

हमें इस तथ्य को नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका में हुए 11 सितम्बर के हमलों के 20 साल बाद भी ऐसे नेता हैं जो बिना किसी पछतावे के ओसामा बिन लादेन का, एक शहीद के रूप में बचाव करना जारी रखते हैं। तिरुमूर्ति का इशारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर था, जिन्होंने मारे गए अलकायदा प्रमुख को शहीद बताया था।

आईएसआईएल-दाएश के खतरों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस की 14वीं रिपोर्ट पर तिरुमूर्ति ने उन सभी पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, सीरिया, कांगो और युगांडा में हाल के आतंकवादी हमलों में अपने प्रियजनों को खो दिया।

तिरुमूर्ति ने परिषद के समक्ष कहा कि आतंकवाद हर किसी को प्रभावित करता है, चाहे वह किसी भी स्थान या मूल का हो। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, आतंकी कृत्यों के पीछे की मंशा के आधार पर आतंकवाद से निपटने की दोषपूर्ण मानसिकता से बाहर आने में लंबा वक्त लगा। उन्होंने कहा हमने हाल में अपने क्षेत्र में और अब संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में ड्रोन के माध्यम से आतंकवादी हमले देखे हैं, जिनकी सुरक्षा परिषद ने कड़ी निंदा की है।

हाल में परिषद के प्रस्ताव 2617 में मानव रहित विमान प्रणालियों द्वारा उत्पन्न इस खतरे पर ध्यान दिलाया गया है। हमें इन खतरों से निपटने के लिए उपयुक्त समाधान विकसित करने और वैश्विक मानकों को विकसित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
पिछले साल जून में दो ड्रोन के जरिए जम्मू हवाई अड्डे पर स्थित भारतीय वायु सेना स्टेशन पर विस्फोटक सामग्री गिराई गई, जिससे दो कर्मी घायल हो गए थे।

तिरुमूर्ति ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर की आठ सूत्री कार्य योजना को भी दोहराया। तिरुमूर्ति वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र काउंटर टेररिज्म कमेटी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र कार्यालय काउंटर-टेररिज्म और यूएन काउंटर-टेररिज्म कमेटी के कार्यकारी निदेशालय के साथ मिलकर काम करेगा और सभी हितधारकों के साथ इस मुद्दे को उठाना जारी रखेगा ताकि आतंकवाद और उसके गुनहगारों के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ का दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी विमर्श का ध्येय बन जाए।

Wednesday, February 9, 2022

UP: लखनऊ में मजदूरों को लालच में फंसाकर बनाया फर्जी मरीज! 100 मजदूरों को इलाज के बहाने अस्‍पताल में भर्ती कर बनाया बंधक


उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां दिहाड़ी मजदूरों (Daily wage Laborers) को रुपए का लालच दिया गया. उन्हें बताया गया कि आपको नाटक करके बेड पर लेटना है ताकि आप बीमार लगे. काम की तलाश में आए मजदूर पैसों की लालच में आ गए. इसके बाद उन सभी का इलाज किया जाने लगा. लेकिन मजदूरों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इसके बाद तत्काल प्रभाव से मौके पर मेडिकल टीम पहुंची. इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी गई. हालांकि पुलिस और CMO की टीम ने सभी मजदूरों को रेस्क्यू कराकर एमसी सक्सैना मेडिकल कॉलेज के खिलाफ मुकदमा कर लिया है. साथ ही मेडिकल कॉलेज के हेड को गिरफ्तार कर लिया गया है.

दरअसल, ये मामला राजधानी लखनऊ के थाना ठाकुरगंज इलाके का है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित ने बताया कि हमारे पास एक शख्स आया था, उसने हमें खाने और दिहाड़ी का लालच दिया. इसके बाद हम लोग अस्पताल पहुंचे. जहां खाने को दलिया दिया और बेड पर लेटने को कहा गया. साथ ही बताया गया कि डॉक्टर देखने आएंगे. मगर, थोड़ी देर बाद इंजेक्शन लगा दिया और विगो लगा दी. पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने आया कि चूंकि मान्यता के लिए अस्पताल में नैशनल मेडिकल कमिशन की ओर से निरीक्षण होना था. इसी सिलसिले में यह ‘खेल’ किया गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

पीड़ित से सुनाई पुलिस को अपनी आपबीती

गौरतलब है कि कुछ रुपए को लालच में बड़ी घटना शिकार होते हुए बचे पीड़ित मजदूरों में से एक पीड़ित ने बताया कि वो काम की तलाश में अड्डे पर था. इस दौरान एक बाबू जी आए और बोले, ‘चलो, हम काम और 400-400 रुपये दिलाएंगे. जितने भी लोग साथ में है, उनको सबको ले चलो. ऐसे में पीड़ित ने कहा कि बाबू जी कह रहे थे कि वहां पर काम कुछ नहीं होगा तुम्हारा, बस तुमको बेड पर लेटकर नाटक करना पड़ेगा कि मरीज हो. हालांकि उस शख्स के झांसे में आकर पीड़ित अपने 10-15 साथियों के साथ वहां चला गया. इसके बाद मजदूरों को दोने में दलिया दिया गया, जिसको सभी ने खायाय फिर बेड पर लेटने के बाद सुई लगा दी गई, जिससे खून निकलने पर जब पीड़ित ने आपत्ति जताई तो वहां के लोगों ने कहा कि जब सुई लगाएंगे तभी मरीज लगोगे. इस पर पीड़ित ने कहा कि वे बाहर नहीं जाने दे रहे थे, यहां तक कि शौच के लिए भी जाने की अनुमति नहीं थी। पीड़ित की मानें तो कम से कम 250 लोगों के साथ ऐसा हुआ है।

पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी

वहीं, लखनऊ DCP पश्चिम के मुताबिक एक मजदूर ने शिकायत की कि एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ कॉलेज में कुछ मजदूरों को अलग-अलग जगह से ले जाया गया है. जहां पर उन्हें 400 से 500 रुपए देकर तक दिहाड़ी के रूप में दिए जाने का लालच दिया गया. इसके साथ ही खाना दिया जाएगा. इस दौरान पुलिस अधिकारी ने बताया ये लोग अवैध रूप से इलाज कर रहे थे. हालांकि जिन लोगों का इलाज किया जा रहा था, वह पूरी तरह से स्वस्थ थे. ऐसे में पुलिस ने एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ कॉलेज के डॉक्टर शेखर सक्सेना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.

पंजाब: अमृतसर में ड्रोन ने गिराया विस्फोटक, बीएसएफ की गोलीबारी के बाद पाक की ओर जानें में कामयाब रहा


सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने इस आतंकी प्रयास को विफल कर दिया। अलर्ट सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ड्रोन को उड़ता देख उस पर तुरंत फायरिंग कर दी।

पंजाब (Punjab) के अमृतसर में मंगलवार देर रात अजनाला तहसील (Ajnala tehsil) में पंजग्रहियां सीमा चौकी पर एक ड्रोन (Drone) द्वारा विस्फोटक (Explosives) गिराया गया है। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने इस आतंकी प्रयास को विफल कर दिया। अलर्ट सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ड्रोन को उड़ता देख उस पर तुरंत फायरिंग कर दी। हालांकि, ड्रोन पाकिस्तान की ओर जानें में कामयाब रहा।

घटना के तुरंत बाद बीएसएफ ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए इलाके की तलाशी ली। इस दौरान दो स्थानों पर विस्फोटक मिले। अब बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। भारत में विस्फोटक, हथियार, नकदी और ड्रग्स भेजने के लिए सीमा पार से आतंकवादी संगठन ड्रोन का नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं। सुरक्षा बल अधिक सतर्क हो गए हैं और अक्सर भारत की सीमाओं पर ड्रोन विरोधी अभ्यास करते हैं।

बता दें कि पिछले महीने 28 जनवरी को पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गुरदासपुर के चंदू वडाला चौकी के पास ड्रग तस्करों और बीएसएफ जवानों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में एक जवान भी घायल हुआ था। घयाल जवान को इलाज के लिए अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वहीं गणतंत्र दिवस से ठीक पहले जवानों ने एक आतंकी हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया था। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया था कि 3.79 किलोग्राम आरडीएक्स बरामद किया गया है। पंजाब के गुरदासपुर के गाजीकोट गांव के एक शख्स से हथियार और बम बरामद किए गए।

UP: वोटिंग से ठीक पहले NIA को बड़ी कामयाबी, अलकायदा का एक आतंकी गिरफ्तार


  • एनआईए ने अलकायदा से जुड़े आतंकी को किया गिरफ्तार
  • लखनऊ में IED ब्लास्ट करने की साजिश
  • आतंकी हमलों के लिए युवाओं की कर रहा था भर्ती
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UP: वोटिंग से ठीक पहले NIA को बड़ी कामयाबी, अलकायदा का एक आतंकी गिरफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election) के लिए 10 जनवरी को होने वाली पहले चरण की वोटिंग से पहले राष्ट्रीय जांच एजेसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है और एजेंसी ने मतदान से ठीक पहले अलकायदा से जुड़े एक आंतकी को गिरफ्तार (Al-Qaeda Terrorist arrested in UP) किया  है.

लखनऊ में IED ब्लास्ट करने की साजिश

गिरफ्तार आतंकी तौहीद अहमद शाह जम्मू कश्मीर के बड़गाम जिले का रहने वाला है और इस पर लखनऊ में IED ब्लास्ट करने की साजिश रचने का आरोप है. बताया जा रहा है कि संदिग्ध आतंकी अल कायदा (Al-Qaeda) से जुड़ा है.

आतंकी हमलों के लिए युवाओं की कर रहा था भर्ती

गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी तौहीद अहमद शाह अंसार गजवतुल हिंद के नाम पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था. अंसार गजवातुल हिंद अल कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन है. तौहिद इस पूरी भर्ती प्रक्रिया का मास्टरमाइंड था और वो उत्तर प्रदेश में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की खरीद करता था.

यूपी एटीएस ने 5 आरोपियों को किया था गिरफ्तार

इस मामले में यूपी एटीएस (UP ATS) ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में 11  जुलाई 2021 को FIR दर्ज की थी. इस मामले में 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था,  जिनके खिलाफ 5 जनवरी 2022 को चार्जशीट भी दाखिल की गई थी.

कश्मीर में जैश के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश

वही दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में पुलिस और सुरक्षाबल लगातार आतंकियों के लिए काल बने हैं और उनकी हर साजिश को नाकान करने के लिए पुलिस दिन रात ऑपरेशन ऑलआउट चला रही है. इसी बीच पुलिस ने अनंतनाग और सिरगुफवारा में दो-दो आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जिसमें 3 हाइब्रिड आतंकी समेत 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. साथ ही पुलिस ने गिरफ्तार आतंकियों के कब्जे से हथियार और गोला-बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है.

सिरगुफवारा में सुरक्षाबलों ने एक चेक प्वाइंट पर चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार को रोका. तभी बाइक पर सवार तीनों आतंकी भागने लगे, लेकिन सुरक्षाबलों ने इन्हें पकड़ लिया गया. जांच के दौरान पुलिस को इनके पास से दो मेड इन चाइना पिस्टल मिले. साथ ही इसके अलावा मैग्जीन और कारतूस भी इनके पास से मिला है. इन तीनों से मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य आतंकवादियों को पकड़ा गया. इसके साख ही पुलिस ने बिजबेहरा में एक अन्य आतंकी मॉड्यूल का भी पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. जो जैश के ही आतंकी संगठन KFF से जुड़े  हैं.

परम तत्व दर्शन