Sunday, April 17, 2022

'जिस दिन भारत माता के बेटों का संयम डोलेगा, अरे तू क्या तेरा अब्बा भी भारत माता की जय बोलेगा'


'जिस दिन भारत माता के बेटों का संयम डोलेगा, अरे तू क्या तेरा अब्बा भी भारत माता की जय बोलेगा'

‘जिस दिन भारत माता के बेटों का संयम डोलेगा, अरे तू क्या तेरा अब्बा भी भारत माता की जय बोलेगा’, ये किसी फिल्म की पंक्तियां नहीं न ही किसी नेता का बयान है. बल्कि राजस्थान में हुए कवि सम्मेलन में मंच से बोली गई वो पंक्तियां हैं, जिनके बाद पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा. दरअसल, दौसा जिले के लालसोट उपखंड मुख्यालय पर जवाहरगंज पुरानी अनाज मंडी के प्रांगण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात वीर रस के कवि विनीत चौहान ,गौरव चौहान एटा ने जहां राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविताओं को प्रस्तुति देकर लोगों को राष्ट्रभक्ति के जज्बे से सरोबार कर दिया. 86 वर्षीय कवि पदम अलबेला ने बढ़ती कन्या भूण हत्या पर अपनी काव्य रचना के माध्यम से लोगों को झकझोर दिया. हास्य कवि प्रवीण कुमार मस्त ,डॉक्टर रंजन बरेली, सुनील व्यास ने हास्य कविताओं के माध्यम से लोगों को हंसा कर उनमें जन चेतना पैदा करने का भी काम किया. कल्पना शुक्ला ने श्रृंगार रस की कविताओं की प्रस्तुति देकर लोगों के मन को मोह लिया.

इस अवसर पर कवि सम्मेलन में यूपी, पंजाब के चुनाव के मुद्दे हावी रहे वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में राम राम मंदिर तथा मोदी योगी की जुगल जोड़ी की रचनाओं पर भी जोड़ रहा. यूपी में गुंडा तत्वों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान पर भी कवियों ने बेबाक टिप्पणी करते हुए अपनी रचनाओं को पेश किया.

देश तथा समाज व्यवस्था में बढ़ती रावणमयी प्रवृत्ति पर कटाक्ष करते हुए प्रख्यात वीर रस के कवि विनीत चौहान ने कहा कि किस रावण का बाहें काटू, किस रावण का शीश उड़ाऊं, घर-घर लंका, पग पग रावण, इतने राम कहां से लाऊं. वीर रस के कवि गौरव चौहान ने भारत माता को नमन तथा जय नहीं बोलने वाले लोगों पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘यह सब की जीवन दाता है, यह नहीं किसी धर्म की, यह सवा अरब की माता है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत मां को केवल धरती का टुकड़ा कहते हैं, इतनी जिद्दी है कि भारत माता की जय नहीं बोल सकते, भारत माता का अपमान हरगिज़ नहीं होने देंगे, जिस दिन भारत माता के बेटों का संयम डोलेगा, अरे तू क्या तेरा अब्बा भी भारत माता की जय बोलेगा. इसके बाद पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा. वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह माना मुल्क में कुछ मजहबी शैतानी जिंदा हैं, दिलों में गजनबी के अरमान फिर से जिंदा हैं, कोई बाबर ना फिर से तोड़ पाएगा अयोध्या , अवध में श्री राम के हनुमान जिंदा हैं.

इसी तरह 86 वर्षीय पदम अलबेला ने बढ़ती कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अपनी काव्य रचना में कहा कि जन्म से पहले बेटी को मत मारो देवदास तो होंगे मगर नहीं मिलेगी पारो. ऐसे मां-बाप को शर्म नहीं आती है यह सोच सोच कर तरस आता है अपनी नई पीढ़ी शादी को तरसेगी, दुल्हनिया क्या ऊपर से बरसेगी ?. इस काव्य रचना ने लोगों को झकझोर दियां. वही समाज व्यवस्था पर जमकर कटाक्ष किया इसी तरह डॉ रंजन ने अपनी काव्य रचना में कहा कि बड़े बड़े गुंडे बदमाश और मवेलियों की मौज भरी जिंदगी को खराब कर डाला, मोदी के बुलडोजर ने लोगों का जीना हराम कर डाला. प्रवीण कुमार मस्त अपनी हास्य कविता के माध्यम से समाज में पनप रहे प्रॉपर्टी दलालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि घर-घर प्रॉपर्टी के दलाल हो गए, 2% आपके हलाल हो गए, यह अपने बाप को प्लॉट दिलाने में उसकी दलाली खाएंगे, जमीन का भाव आसमान में हो गया, जेब नोटों से भर गया, मगर जेब के नीचे का दिल खाली है.

इस अवसर पर राष्ट्रीय संत मदन मोहन दास महाराज, रंगलाल मीणा मास्टर ,चेयरमैन रक्षा मिश्रा, पूर्व चेयरमैन दिनेश मिश्र, प्रेम प्रकाश चौधरी हरिनारायण माठा, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यालय मंत्री सुमन मीणा खुर्रा, डॉक्टर जय सिंह मीणा, डॉक्टर सुमन मीणा मंडावरी, सोनू बिनोरी, अशोक चौधरी ,धर्मेंद्र चोपड़ा, प्रेम प्रकाश शर्मा शिवाड़, रामचरण बौहरा, सहित सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद थे.

Saturday, April 16, 2022

पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगान सीमा में घुसकर 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' के आतंकी शिविरों पर बमबारी की


पाकिस्तान एयरफोर्स ने शुक्रवार की रात अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में प्रवेश करके तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कथित ट्रेनिंग सेंटरों पर जमकर बमबारी की है।

Pakistani fighter jets entered the Afghan border and bombed 'Tehreek-e-Taliban Pakistan' terror camps | पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगान सीमा में घुसकर 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' के आतंकी शिविरों पर बमबारी की

 पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में प्रवेश करके एक एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात अफगानिस्तानी सीमा में घुसकर पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कथित ट्रेनिंग सेंटरों पर बमबारी की है।

इस मामले में अफगानिस्तान के अपदस्थ उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने एक ट्वीट करके बताया है, "पाकिस्तानी वायुसेना के जेट विमानों ने अफगान क्षेत्र के अंदर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान "शिविरों" को निशाना बनाते हुए कई हमले किए। काबुल में मौजूद तालिबानी शासन ने अफगान के भीतर पहली बार किये गये पाकिस्तानी वायुसेना का हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

लेकिन जानकारी के मुताबिक पाक एयरपोर्ट के पाइटल प्लेन के भीषण बमबारी के बाद रात में तालिबान लड़ाकों ने भी गोलाबारी करके इस हमले का जवाब दिया है।

खबरों के अनुसार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने अफगान मीडिया ने कहा है कि पाक लड़ाकू विमानों ने कुनार, पक्तिका, खोस्त और बाजौर बेल्ट के इलाकों में उसके शिविरों पर एक साथ कई हवाई हमले किए। सूत्रों के मुताबिक इस हवाई हमले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कई आतंकियों के हताहत होने की खबरें भी आ रही हैं। 

अल्लाहु अकबर’ नारे के साथ हनुमान शोभा यात्रा पर भीड़ का हमला, दिल्ली में गोलीबारी और पत्थरबाजी: कई पुलिसकर्मी भी घायल


हनुमान जन्मोत्सव, जहाँगीरपुरी, दिल्ली दंगा

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा पर हमला हुआ है। हमले में पुलिसकर्मियों तक को नहीं बख्शा गया। कई गाड़ियों में जम कर तोड़फोड़ की गई है। हनुमान जन्मोत्सव की शोभा यात्रा पर हमले के साथ शुरू हुई हिंसा की खबर पाकर जब पुलिस वहाँ पर पहुँची, तो पुलिस को भी नहीं छोड़ा गया। वहाँ अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है और अफरा-तफरी के कई वीडियोज भी सामने आए हैं। शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी को लेकर फ़िलहाल पुलिस भी कुछ कहने से बच रही है।

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने सब कुछ नियंत्रण में होने की बात कहते हुए बताया कि हिंसा को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में कई इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पत्थरबाजी के साथ-साथ तीन राउंड गोलियाँ चलाने की बात भी सामने आई है। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी और कई लोग घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया है। मॉडल संभालने के लिए जवानों की एक टुकड़ी और भेजी जा रही है। भीड़ को ‘अल्लाहु अकबर’ नारा लगाते हुए भी देखा गया।

छिटपुट आगजनी भी की गई है। शाम के साढ़े पाँच के करीब ये घटना हुई। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर हुआ पथराव आतंकी हरकत है। बांग्लादेशी घुसपैठियों की बस्ती अब भारत के नागरिकों पर हमले करने की हिम्मत करने लगी है। इनके एक-एक के कागज चेक करके गैर-कानूनी घुसपैठियों को देश से निकालना अब जरूरी हो गया है।” जहाँगीरपुरी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में स्थित है।

जहाँगीरपुरी की घटना के बाद लोगों को फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की याद आ गई। वीडियोज में धुएँ के गुब्बार निकलते हुए देखा जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हालात की समीक्षा के निर्देश दे दिए हैं। दिल्ली के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को केंद्र का जिम्मा बताया। भीड़ को हथियार लहराते हुए भी देखा जा सकता है।

19 अप्रैल को शिवपाल यादव अपने पुत्र आदित्य यादव और हजारों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता लेंगे।


19 अप्रैल को शिवपाल यादव अपने पुत्र आदित्य यादव और हजारों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता लेंगे। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य शिवपाल सिंह यादव ने अपना अगला कदम तय कर लिया है। उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही समाजवादी पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे शिवपाल सिंह यादव ने अपनी अलग पार्टी भी बना ली थी, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सिंबल पर विधायक बनने वाले खांटी नेता अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद अब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। शिवपाल सिंह यादव 19 अप्रैल को भाजपा की सदस्यता लेंगे। शिवपाल यादव अपने पुत्र आदित्य यादव और हजारों समर्थकों के साथ शिवपाल भाजपा की सदस्यता लेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रभारी की मौजूदगी में शिवपाल सिंह यादव अपने बेटे आदित्य यादव तथा समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। शिवपाल सिंह यादव 19 अपैल को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेंगे।

इससे पहले शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की बैठक के अपनी सभी राज्य कार्य समितियों, राष्ट्रीय और राज्य कार्य प्रकोष्ठों और प्रवकतओं को भंग कर दिया है। उनके इस कदम को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आने के बाद से ही अपने भतीजे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज बताए जा रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मुखिया शिवपाल यादव ने अब जंग का आगाज कर दिया है। शिवपाल यादव ने शुक्रवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय/ प्रादेशिक प्रकोष्ठों के कार्यकारिणी अध्यक्ष समेत संपूर्ण प्रवक्ता मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव बीते कई दिन से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में काफी चर्चा का विषय हैं। राजनीतिक पंडित इन दिनों इटावा के जसवंतनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव के हर कदम को परखने में लगे हैं कि उनका रुख किस ओर है।

Friday, April 15, 2022

जंग के बीच पुतिन के रक्षा मंत्री को आया हार्ट अटैक, शक के आधार पर 20 जनरल अरेस्ट


शोइगु 2012 से पुतिन के करीबी सहयोगी रहे हैं. वह आक्रमण के शुरुआती दौर में मुख्य आधार थे, लेकिन हफ्तों से वह काफी हद तक गायब थे. (AP)

रूस करीब 2 महीने से यूक्रेन पर हमले (Russia-Ukraine War) कर रहा है. इस जंग में रूस को भी भारी नुकसान हुआ है. इस बीच खबर है कि रूसी रक्षा मंत्री को हार्ट अटैक आया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ( Sergei Shoigu)पिछले कुछ दिनों से दिखाई नहीं पड़े हैं. माना जा रहा है कि यूक्रेन में हो रहे नुकसान को लेकर व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और सर्गेई के बीच कुछ अनबन चल रही थी. इसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ गया.

रशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी-इजरायली कारोबारी लियोनिद नेवजलिन का दावा है कि रक्षा मंत्री और पुतिन के खास सर्गेई शोइगु (66 वर्षीय) को दिल का दौरा प्राकृतिक कारणों से नहीं पड़ा है. ऐसे में 20 जनरलों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि शोइगु को यह दिल का दौरा कुछ गलत तरीकों यानी गड़बड़ी से हुआ था.

कई दिनों से नहीं हैं एक्टिव
शोइगु 2012 से पुतिन के करीबी सहयोगी रहे हैं. वह आक्रमण के शुरुआती दौर में मुख्य आधार थे, लेकिन हफ्तों से वह काफी हद तक गायब थे. कारोबारी लियोनिद नेवजलिन के इन दावों से हड़कंप मच गया है. अगर उनके दावे सही साबित होते हैं, तो यह अलग-थलग पड़े रूसी राष्ट्रपति और उनके करीबी सलाहकारों और सैन्य नेताओं के बीच एक बड़ी दरार की पुष्टि करेगा.

नेवज़लिन कभी रूस के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक थे, लेकिन 2003 में जब पुतिन और क्रेमलिन ने उनकी तेल कंपनी को जब्त करने का फैसला किया, तो वह देश छोड़कर चले गए. ऐसे में उनका यह दावा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.

जताई है हत्या की कोशिश की आशंका

नेवजलिन ने बताया, ‘शोइगु एक दशक तक पुतिन के दाहिने हाथ और रूसी सेना के नेता रहे हैं. यूक्रेन में युद्ध के शुरुआती हफ्तों में वह मुख्य आधार थे, लेकिन हाल ही में क्रेमलिन की नियमित ब्रीफिंग से वह गायब हो गए थे. बताया जा रहा है कि आक्रमण की धीमी प्रगति पर मार्च के अंत में पुतिन और शोइगु के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी.’

नेवजलिन ने शोइगू के हार्ट अटैक पर संदेह जताते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक कारणों से नहीं हो सकता था. उन्होंने इसे हत्या का विषय बताया है. शोइगू को कल आखिरी बार आर्कटिक के विकास के बारे में पुतिन और अन्य मंत्रियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में देखा गया था, लेकिन उन्होंने इसमें कोई बात नहीं की. ऐसे में ये भी चर्चा है कि यह वीडियो पहले से रिकॉर्डेड है और लोगों को भ्रमित करने के लिए इस फुटेज का इस्तेमाल किया जा रहा है.

Thursday, April 14, 2022

यूपी में एक और गुटखा कारोबारी पर छापा, मिला इतना अकूत खजाना कि नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन


News

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुटखा कारोबारी के ठिकाने से सीजीएसटी की कानपुर टीम की सोलह घंटे तक चली छापेमारी में साढ़े छह करोड़ रुपये का कैश टीम के हाथ लगा है। कैश को कब्जे में लेकर सरकार के खजाने में जमा कराए जाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इतनी बड़ी धनराशि कारोबारी ने अपने आवास में किचिन और बेड के गद्दे में छिपाकर रखे थे। जिसे गिनने के लिए बैंक कर्मियों को तीन मशीनों की मदद लेनी पड़ी। 

सीजीएसटी की टीम को तलाशी के दौरान दस्तावेज और अन्य सामग्री भी मिली है। हमीरपुर जिले में दयाल गुटखा के निर्माता जगत गुप्ता के ठिकानों पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (CGST) विभाग की रेड में करोड़ों का कैश बरामद हुआ है। इसके साथ ही CGST टीम ने टैक्स चोरी का भी खुलासा किया है। CGST की रेड में 6 करोड़ 31 लाख से ज्यादा की कैश और बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया गया है। 18 घंटे से ज्यादा चली इस कार्रवाई में करोड़ों के गोरखधंधे का भी खुलासा हुआ है।

पूरा मामला बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कसबे का है जहां मंगलवार को सुबह 5 बजे सीजीएसटी की कानपुर की टीम के एक दर्जन अधिकारी गुटखा कारोबारी के आवास पहुंचे और टीम के सभी अधिकारियों ने आवास के मेन गेट खुलते ही छापेमारी शुरू कर दी। शुरू में कारोबारी के घर के लोगों ने मेन गेट खोलने से मना किया था लेकिन टीम ने कड़े तेवर के बाद आवास के दरवाजे और गेट खोले गये। सेंट्रल जीएसटी की इस टीम से कसबे सहित जिले में हडकंप मच गया। 

सुबह से चल रही इस कार्यवाई को कौन सी टीम अंजाम दे रही थी इस बात की किसी को जानकारी नहीं थी। कोई इस कार्यवाई को सीजीएसटी तो कोई इस ईडी की कार्यवाई बता रहा था। टीम के अधिकारीयों ने भी ये भनक नहीं लगने दी की वो किस विभाग से हैं। मीडिया के दबाव के बाद अधिकारीयों ने इस बात को स्वीकार किया की ये छापेमारी के सेंट्रल जीएसटी के द्वारा की जा रही है।

सीजीएसटी के डिप्टी कमिश्नर विजेन्द्र मीणा के नेतृत्व में टीम की छापेमारी मंगलवार की रात करीब 12 बजे तक चली जिसे लेकर पूरे कस्बे के कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। टीम ने गुटखा कारोबारी के आवास को खंगाला और तमाम गड़बड़ियां पकड़ी। सूत्र बताते हैं कि एसजीएसटी टीम ने पूरे घर को खंगालकर साढ़े छह करोड़ रुपये कब्जे में लिए हैं। यह कैश किचन व बेड के गद्दे और अन्य कमरों में बड़ी होशियारी से छिपाकर रखे गए थे। 

बताते है कि बरामद कैश में छोटे से लेकर बड़े नोटों का भारी अम्बार देख नोट गिनने वाले कर्मी भी दंग रह गए। सूत्रों के अनुसार टीम को इस बड़े गड़बड़ झाले का सुराग छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे भाई के यहां से लगा है।

सीजीएसटी टीम ने गुटखा कारोबारी के घर का कोना-कोना खंगाला जहां से देर शाम तक भारी मात्रा में कैश टीम के हाथ लगा। नोटों को गिनने के लिए अधिकारियों ने बैंक से मशीनें मंगवाई। हमीरपुर स्टेट बैंक की मेन शाखा से तीन बड़े कर्मचारी मशीन लेकर गुटखा कारोबारी के ठिकाने पहुंचे जहां बैंककर्मी देर रात तक बरामद कैश की गिनती करते रहे। 

कारोबारी के घर से साढ़े छह करोड़ 31 लाख रुपये मिले है। जिसे सीजीएसटी टीम ने कैश कब्जे में लेकर सरकार के खजाने में जमा कराए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुटखा के अवैध कारोबार से जगत गुप्ता कुछ ही सालों में धनकुबेर बन गया। 

आपको बता दें कि 11 साल पहले तत्कालीन डीएम जी. श्रीनिवास लू ने भी इस कारोबारी के यहां रेड डाली थी जिसमे सैकड़ों कुंतल सुपाड़ी और तम्बाकू पकड़ी गयी थी। इसके बाद भी कारोबारी अपने गुटखा का नेटवर्क बुन्देलखंड और आसपास के जिलों तक फैलाकर ये नम्बर वन बन गया। स्थानीय स्तर पर प्रशासन इस अवैध कारोबार पर कोई सवाल न कर इसे बढ़ावा देते रहा। शुरू में कारोबारी एक मशीन लगाकर ही व्यापार शुरू किया था लेकिन बाद में कई मशीनें लगाकर अब यह क्षेत्र में बड़ा कारोबारी बन गया।

सीजीएसटी टीम की जांच में सामने आया है कि गुटखा व्यवसायी अपना करोड़ों का गोरखधंधा दो नौकरों के नाम से चला रहा था। घर और फैक्ट्री से मिले कागजातों से टैक्स चोरी की भी पुष्टि भी हुई है। टीम जल्द ही व्यवसायी के खिलाफ टैक्स चोरी का मुकदमा भी दर्ज करा सकती है। गुटखा व्यापारी के घर की तलाशी के दौरान बैंक खातों, कारोबार से जुड़े दस्तावेज, लैपटाप कब्जे में लिए गए हैं। इन कागजादों के आधार पर CGST टीम को काफी गड़बड़ियां मिली है।

कश्मीर हमारा मुकुट इसे आतंकवाद मुक्त करना तथा पीओके वापस लेना अनिवार्य: प्रताप मिश्रा

1990 की घाटी की दहशतगर्दी के यादें ताजा होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यही है कि पूर्ण सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के साथ कश्मीरी विस्थापितों को अपने घरों में भेजा जाए। जम्मू-कश्मीर में उनकी रक्षा के उपाय ऐसे करने होंगे कि परिंदा भी पर न मार सके। ऐसे समय में जब महसूस किया जा रहा है कि घाटी में जनजीवन सामान्य होने की ओर अग्रसर है, फिर से षड्यंत्र रचे जाने लगे हैं। हाल ही में कश्मीरी पंडित दुकानदार और कुछ गैर स्थानीय लोगों पर हुए आतंकी हमले को दहशत फैलाने की साजिश के तौर पर ही देखा जा रहा है। कुलगाम में बुधवार को सेब व्यापारी सतीश कुमार सिंह राजपूत की आतंकवादियों ने हत्या कर दी। कुलगाम और शोपियां के कुछ हिस्सों में ऐसे समुदाय रहते हैं जिन्हाेंने कभी भी पलायन नहीं किया है। सतीश कुमार सिंह भी ऐसे समुदाय से थे। ये लोग मुख्यतः सेब का व्यापार करते हैं। जब भी कश्मीर में जनजीवन पटरी पर लौटने लगता है, घाटी में मौजूद और सीमा पार बैठे आतंकवादियों की नींद हराम हो जाती है। इन दिनों घाटी में जन्नत के नजारे निहारने रिकार्श तोड़ सैलानी पहुंच रहे हैं। टयूलिप गार्डन खोल दिए गए हैं। टयूलिप के फूल लहरा रहे हैं। पिछले तीन माह में 3.4 लाख पर्यटक घाटी आ चुके हैं। अप्रैल के पहले 7 दिनों में ही 58 हजार पर्यटक आए। पर्यटकों की भीड़ ने सरकार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या बढ़ाने को मजबूर कर दिया है। सभी चार और  पांच सितारा होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं। इस वर्ष टयूलिप गार्डन के अलावा दूसरे बाग भी खोल दिए  गए हैं और पर्यटक इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाउस बोट भी पूरी तरह बुक हैं, कश्मीर पूरी तरह ​खिला-खिला नजर आ रहा है।

यद्यपि घाटी में आतंकी संगठनों का काफी हद तक सफाया हो चुका है, ​अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। मगर बचे-खुचे आतंकवादी अब भी लोगों को निशाना बनाने में कामयाब हो जाते हैं। अब एक संगठन लश्कर-ए-इस्लाम ने धमकी दी है  कि वे कश्मीरी पंडितों को यहां बसने नहीं देंगे। हिन्दुओं को घाटी छोड़ने को कहा गया है। आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को निशाना  बनाए जाने के साथ-साथ गैर कश्मीरी लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। इससे पहले भी पंजाब और बिहार आदि राज्यों से वहां मजदूरी करने गए लोगों पर हमले किए गए थे। हमलों के पीछे उनका मकसद साफ है कि वे उन्हें घाटी से बाहर भगाना चाहते हैं। कुछ कश्मीरी पंडित परिवार जिन्होंने 1990 के आतंकवाद के दौरान भी पलायन नहीं किया  था और वहां रह कर अपना काम-धंधा किया, अब वे भी आतंकवादियों के निशाने पर हैं। कुछ माह पहले एक दवा ​विक्रेता कश्मीरी पंडित की हत्या कर दी गई थी। लश्कर-ए-इस्लाम की धमकी से साफ है कि आतंकी संगठनों की मंशा काफी खतरनाक है।

कश्मीर एक ऐसा स्थाई सच है कि  भारत इसे अपना मुकुट मानता है और पाकिस्तान इसे सियासत का केन्द्र बिन्दू बना बैठा है। पाकिस्तान में हुकमरान तभी गद्दी पर रह सकता है जब वह कश्मीर मुद्दे पर भारत से घृणा दिखाए। पाकिस्तान की पूरी ​सियासत भारत से घृणा और विरोध पर केन्द्रित है। इमरान खान बड़े बेगैरत ढंग से सत्ता से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह पर आए शाहबाज शरीफ ने आते ही कश्मीर का राग अलापना शुरू कर दिया है। ऐसा करना शाहबाज की मजबूरी भी है क्योंकि ऐसा न करने पर सेना उन्हें एक दिन भी सत्ता में रहने नहीं देगी। द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर गर्मागर्म सियासत के बावजूद एक सकारात्मक घटनाक्रम सामने आया। कश्मीरी पंडित अपने साथ हुए अन्याय के बाद अपनी पहचान और  अपनी संस्कृति को कायम रखने के लिए जागरूक हुए हैं। 33 साल बाद श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों के नववर्ष के पहले दिन नवरेह मिलन के लिए डल झील के किनारे देशभर से कश्मीरी पंडित वहां पहुंचे। श्रीनगर में हरि पर्वत पर स्थित शारिका देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इन कार्यक्रमों में स्थानीय मुसलमानों का सहयोग भी प्राप्त हुआ। कश्मीरी पंडितों  की गरिमापूर्ण वापसी की मांग भी जाेर पकड़ती जा रही है। कश्मीरी आतंकवादियों के खिलाफ  देशभर में एक माहौल बन रहा है। इससे आतंकवादियों में हताशा हो रही है और वे एक बार फिर साम्प्रदायिक संघर्ष की साजिशें रच रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह कश्मीरी पंडितों की वापसी का माहौल बना रहे हैं और सुरक्षा बल भी आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए हर समय तैयार हैं। हो सकता है कि पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए  घाटी में आतंकवाद को पोषित  करने के लिए कुछ नई रणनीति तैयार करें। सेना की उत्तरी कमान ने जम्मू-कश्मीर में फिलहाल सक्रिय आतंकवादियों की संख्या करीब 172 बताई है। इसमें विदेशी भाड़े के आतंकवादियों की संख्या 79 के करीब है। आतंकवादी संगठनों में शामिल युवाओं की संख्या तेजी से घट रही है। युवा अब राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया पूरी होने पर राजनीतिक प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में आतंकवादी संगठन राज्य में अशांति फैलाने का काम कर सकते हैं।

पिछले दो वर्ष से कोरोना महामारी के चलते बाधित रही बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारियां भी चल रही हैं। ऐसी स्थिति में सुरक्षा बलों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। पाक प्रायोजित आतंकवादी ‘जेहाद’ करते हैं, ये लोग हमें काफिर बताते हैं और स्वयं काे इस्लाम का पैरोकार बताते हैं। संगीनों की नोक से बेगुनाहों के जिस्म से खून बहाते हैं। कश्मीरी मुस्लिमों को इनकी साजिशो  को समझना होगा। कितना अच्छा हो यदि कश्मीरी मुस्लिम ही पंडितों की वापसी के लिए वातावरण तैयार करें।

अब समय आ गया है भारत सरकार पाकिस्तान से जब भी कोई वार्ता करे तो पी ओ के के लिए करे बाकी कश्मीर के विषय में कोई बात नहीं होनी चाहिए। भारत पाक से अब पी ओ के भारत को मिलने पर ही मित्रवत व्यवहार करें। अन्यथा मित्रता की कोई आवश्यकता नहीं है।

परम तत्व दर्शन