Wednesday, April 27, 2022

यूपी में मंदिर-मस्जिद के लाउडस्पीकर नियंत्रित कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इतिहास रच दिया: प्रताप मिश्रा



उत्तर प्रदेश में तमाम धार्मिक जगहों का अपने लाउड स्पीकर की आवाज कम करना बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. नियम कानूनों के मद्देनजर जैसे योगी आदित्यनाथ ने यूपी को राइट टाइम किया है वो आसान बिल्कुल नहीं है और इसके लिए बतौर मुख्यमंत्री उनकी तारीफ होनी ही चाहिए.

एक ऐसे समय में जब हिंदू मुस्लिम की डिबेट सातवें आसमान पर और देश के हर दूसरे नागरिक पर नफरत हावी हो. सवाल पूछा जाए कि धार्मिक दृष्टि से वो कौन सा राज्य है जो बारूद के ढेर पर बैठा है? 2017 के पहले का समय होता, तो आदमी एक झटके में उत्तर प्रदेश का नाम लेकर अपना पल्ला झाड़ लेता. लेकिन जो अभी के हाल हैं लॉ एंड आर्डर के लिहाज से उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है. उत्तर प्रदेश में जो इबारत सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ लिख रहे हैं. उसे लेकर यूं तो एक हजार बातें हो सकती हैं. लेकिन उनका सार यही है कि 'कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे.' दिलचस्प ये कि ये बात किसी एक समुदाय के लिए नहीं है, यानी ये चीज जितनी किसी हिंदू और मुसलमान पर लागू होती है. उतनी ही किसी सिख और ईसाई पर भी. नियम कानूनों के मद्देनजर जैसे योगी आदित्यनाथ ने यूपी को राइट टाइम किया है वो आसान बिल्कुल नहीं है और इसके लिए बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ होनी ही चाहिए.

लाउड स्पीकर विवाद पर जो योगी आदित्यनाथ का रुख है वो कई मायनों में ऐतिहासिक है

सवाल होगा कैसे? जवाब के लिए हम देश में चल रहे लाउड स्पीकर विवाद का रुख कर सकते हैं. खबर है कि लाउड स्पीकर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख के बाद यूपी के अलग अलग धार्मिक स्थलों से या तो लाउडस्पीकर उतार लिए गए हैं या फिर उनकी आवाज को धीमा कर दिया गया है. ध्यान रहे अभी बीते दिनों ही यूपी के मुखिया का वो बयान सुर्ख़ियों में थे जिसमें उन्होंने इस बात पर बल दिया था कि धार्मिक स्थलों में बताए गए मानकों के अनुरूप ही लाउडस्पीकर बजें और उनकी आवाज सिर्फ धार्मिक परिसर के अंदर तक ही रहे.

ध्यान रहे लाउड स्पीकर विवाद के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने तमाम तरह की बातें की हैं और बताया है कि अब तक UP में 125 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि सूबे में तकरीबन 17 हजार धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां स्पीकर की आवाज कम की गई है.

यूपी में संस्था कोई हो तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाने वालों की खैर नहीं है. एडीजी के अनुसार  शासन ने तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों की रिपोर्ट तलब की है. ADG लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि अलविदा की नमाज और इसके पहले जो अन्य धर्मों के भी त्योहार हुए हैं, उनमें लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के लिए लगभग 37,344 धर्मगुरुओं से बात की गई है.

गौरतलब है प्रदेश की शांति व्यवस्था प्रभावित न हो इसलिए यूपी सरकार ने नए आयोजनों और नए धार्मिक स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री ने ये भी कहा था अगर प्रदेश में किसी को कोई शोभायात्रा निकालनी हो या फिर जुलूस उसके लिए पहले से अनुमति लेनी होगी साथ ही आयोजकों को शांति-सौहार्द बनाए रखने के संबंध में शपथ पत्र देना होगा. अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दी जाएगी, जो पारंपरिक होंगे.

सोचने वाली बात ये है कि ये सब उस उत्तर प्रदेश में हो रहा है जहां कब दंगा हो जाए, कब स्थिति बिगड़ जाए कोई नहीं जानता था लेकिन जिस तरह यूपी में योगी के आने के बाद स्थिति संभली है कोई बड़ी बात नहीं कि कल की तारिख में ये चीज एक मॉडल के रूप में स्थापित हो जाए और देश के अलग अलग सूबे इनका अनुसरण करें. 

चाहे वो पंडित और पुजारी हों. या फिर मौलवी मौलाना जिस तरह सबको एक मंच पर बैठाकर शांति बनाए रखने की अपील न केवल की गयी. बल्कि जिस तरह लोगों न इसका अमल किया इस बात की तस्दीख खुद हो जाती है कि यूपी में योगी के आने के बाद बड़ा सुधार हुआ है और जैसा लोगों का स्वाभाव है ये कोई आसान पहल नहीं है.

‘राजू बन मंदिर में शादी, घर ले जा निकाह, मौलाना और भाइयों से रेप भी करवाया’: ग्वालियर में लव जिहाद, आरोपित का घर ध्वस्त


युवती का आरोप है कि मंदिर में शादी के बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह किया गया। इमरान के भाइयों अमन और पुन्नी तथा शहर के मौलाना ओसामा ने उसके साथ रेप किया।

ग्वालियर में लव जिहाद

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा से लव जिहाद का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोपित के अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान डबरा के जंगीपुरा में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात था। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार दीपक शुक्ला, एसडीओपी विवेक शर्मा, थाना प्रभारी सहित नगर पालिका का पूरा अमला मौजूद था।

अधिकारियों ने कहा कि एंटी माफिया अभियान के तहत इमरान के अवैध मकान को गिराया गया है। आरोपित का मकान गली में अंदर होने के कारण बुलडोजर नहीं पहुँच पा रहा था। इस कारण मकान को पहले खाली करवाया और उसके बाद फिर नगर निगम टीम ने मजदूरों की मदद से मकान ध्वस्त कर दिया।

ग्वालियर के गोल पहाड़िया की रहने वाली एक युवती ने डबरा निवासी इमरान को हिंदू युवक राजू जाटव बनकर दोस्ती करने और फँसाने का आरोप लगाया था। युवती के अनुसार राजू उर्फ इमरान ने 18 सितंबर 2021 को शीतला माता मंदिर में उससे शादी की। शादी से पहले उसने युवती का गर्भपात भी करवाया था। शादी के बाद जब वह राजू के घर गई तो उसके इमरान होने का पता चला।

कई महीनों तक प्रताड़ना झेलने के बाद युवती ने ग्वालियर पहुँच महिला थाने में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि इमरान ने अपने भाइयों अमन और पुन्नी तथा शहर के मौलाना ओसामा से उसका दुष्कर्म करवाया। पीड़िता के मुताबिक मौलाना ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद उसका इमरान से निकाह कराया और निकाह वाली रात ही उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने ससुराल पक्ष पर निकाह के बाद से मारपीट करने और 7 महीने तक बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया।

महिला का आरोप है कि उसकी सास सुग्गा बेगम ने उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया था। उसे एक कमरे में बंद करके रखा गया था, उसके कमरे में कुछ युवक आते थे और वे उसके साथ दुष्कर्म करते थे। 20 अप्रैल को कमरे का दरवाजा खुला रह गया, जिससे वह किसी तरह से वहाँ से भाग कर अपने मायके आ गई। इसके बाद उसने पूरी कहानी अपने परिवार वालों को बताई। इसके बाद पीड़िता ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

युवती ने एसपी से मुलाकात कर सुरक्षा की भी माँग की। ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक (SP ग्वालियर) अमित सांघी ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कथित पति इमरान, देवर अमन, पुन्नी, मौलाना ओसामा खान और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों इमरान और उसकी अम्मी सुग्गा बेगम को गिरफ्तार किया है और तीन आरोपित फरार हैं। इनकी तलाश की जा रही है।

UP में दारोगा रश्मि यादव की मौत के जिम्मेदार आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की मोहनगंज पुलिस ने महिला हेल्प डेस्क प्रभारी रश्मि यादव की मौत के लिए कथित रूप से जिम्मेदार आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

अमेठी जिले के मोहनगंज थाने में तैनात दारोगा और महिला हेल्पडेस्क प्रभारी रश्मि यादव का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में थाना परिसर में बने सरकारी आवास के कमरे में फंदे से लटका मिला था ।

पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि इस मामले में वांछित अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू को अलीगढ से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया ।

उन्होंने बताया कि रश्मि यादव के पिता मुन्ना लाल यादव ने थाना मोहनगंज पर लिखित तहरीर दी थी कि मेरी पुत्री रश्मी यादव थाना मोहनगंज में प्रभारी महिला चौकी पद पर तैनात थी ।

पिता ने अपने तहरीर में कहा है कि इससे पूर्व मेरी बेटी बहराइच जनपद में प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका थी वहीं पर उसकी जान पहचान डायट मे कार्यरत सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू निवासी जनपद अलीगढ से हुई ।

पिता ने तहरीर में कहा था कि सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू मेरी बेटी को सामने मिलकर व मोबाइल फोन से वार्ता के दौरान अपमान जनक बातें बोलता था और परेशान करता था जिससे क्षुब्ध होकर मेरी बेटी ने 22 अप्रैल को थाना मोहनगंज स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी ।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सूचना पर थाना मोहनगंज मे मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपी को अलीगढ से गिरफ्तार कर लिया गया ।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को रश्मि के लखनऊ स्थित आवास पर जाकर उनके परिजन से मुलाकात की थह और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख ने न्यायालय से जातिगत मानसिक उत्पीड़न की वजह से घटी इस घटना का संज्ञान लेने का आग्रह किया था ।

पंजाब पुलिस के सामने आज पेश होंगी कांग्रेस नेत्री अलका लांबा

कांग्रेस नेत्री अलका लांबा बुधवार को पंजाब के रूपनगर जिले में पुलिस के सामने पेश होंगी। लांबा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरुद्ध “भड़काऊ बयान” देने का मामला दर्ज है।

बाजवा समेत पार्टी के अन्य नेता लांबा के साथ जाएंगे थाने

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंगलवार को कहा कि वह और प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के अन्य नेता लांबा के साथ थाने जाएंगे।

जानिए ! क्या है पूरी मामला

पंजाब पुलिस केजरीवाल के विरुद्ध “भड़काऊ बयान” को लेकर दर्ज मामले के संबंध में, 20 अप्रैल को लांबा और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास के घर गई थी। विश्वास के विरुद्ध रूपनगर के सदर थाने में 12 अप्रैल को मामला दर्ज हुआ था।

विश्वास ने केजरीवाल पर अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने कहा था कि इस मामले में पूछताछ के लिए लांबा को तलब किया गया है क्योंकि उन्होंने केजरीवाल के विरुद्ध विश्वास के बयान का समर्थन किया था।

Tuesday, April 26, 2022

सीएम योगी का आदेश- सिर्फ अपनी नहीं, अपने पूरे परिवार की संपत्ति की जानकारी दें मंत्री-अफसर

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अख्त्यार कर रखी है. अब राज्य के सभी मंत्रियों के साथ IAS और PCS अफसरों से उनके संपत्ति की जानकारी मांगी गई है. मंत्री और अफसर केवल अपनी ही नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के सदस्यों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जनता के समक्ष रखेंगे.

मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, 'स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जनप्रतिनिधियों के आचरण की शुचिता बेहद जरुरी है. इसी भावना के अनुरूप सभी माननीय मंत्रीगण शपथ ग्रहण करने के अगले तीन महीने की अवधि के अंदर, अपने और अपने परिवार के सदस्यों की समस्त चल-अचल संपत्ति का सार्वजनिक ऐलान करें.' सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि, 'सभी लोक सेवक (IAS/PCS) को अपनी व परिवार के सदस्यों की समस्त चल/अचल संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करे. यह विवरण आमजनता के अवलोकनार्थ ऑनलाइन पोर्टल पर मुहिया कराया जाए. साथ ही मंत्री के पारिवारिक सदस्य किसी भी सरकारी काम में दखल नहीं देंगे.'

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि, 'सभी मंत्रीगणों को सोमवार व मंगलवार को अनिवार्य रूप से राजधानी लखनऊ में उपस्थित रहना होगा. शुक्रवार से रविवार तक अपने निर्वाचन क्षेत्र/प्रभार के जिलों में जनता के बीच रहने का कार्यक्रम तैयार करें.'

यूक्रेन को अमेरिका की मदद से भड़का रूस- परमाणु युद्ध का खतरा अभी टला नहीं


Putin

 यूक्रेन और रूस के बीच शुरू हुआ युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देशों के बीच इस युद्ध दो महीने से अधिक का समय हो गया है. इस बीच यूक्रेन की राजधानी कीव के अलावा खारकीव जैसे कई बड़े शहर रूसी सेना के हाथों बिल्कुल बर्बाद हो चुके हैं. इसके साथ ही दोनों के बीच में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी जोरों पर है. आज यानी मंगलवार को रूस ने यूक्रेन का सहयोग कर रही नाटो पर छद्म युद्ध में शामिल होने का आरोप लगाया है. रूस ने कहा है कि नाटो के इस कदम ने क्षेत्र में परमाणु युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है. आपको बता दें कि रूस का यह बयान अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से यूक्रेन को मिलने वाली मदद की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है. 

अमेरिका और नाटो पर क्यों भड़का रूस?

 दरअसल, रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन का फेवर करते नजर आ रहे हैं. इस क्रम में अमेरिका ने मंगलवार को अपने सहयोगी देशों के साथ एक जर्मन हवाई अड्डे पर यूक्रेन को रूस के खिलाफ युद्ध में जीत के लिए जरूरी भारी हथियारों की आपूर्ति करने का संकल्प लिया. इस बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि क्षेत्र में परमाणु युद्ध का खतरा अभी टला नहीं है. रूसी विदेश मंत्री ने यह बात एक रूसी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान कही.

इमरान ने इस्लामाबाद में एक और धरने का किया आह्वान

Imran callपूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने ईद के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अपने समर्थकों से सामूहिक मार्च और विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। देश में तत्काल और जल्द आम चुनावों की घोषणा करने के लिए शहबाज शरीफ सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक और सरकार विरोधी मार्च निकाला जाएगा।

खान ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह आने वाले हफ्तों में मार्च की तारीख की घोषणा करेंगे।

उन्होंने कहा, मैंने अपनी पार्टी के सदस्यों से इस्लामाबाद तक मार्च की तैयारी शुरू करने को कहा है। मैंने पार्टी के नेताओं को, जिनमें ग्रामीण स्तर के लोग भी शामिल हैं, सच्ची आजादी के लिए मार्च की तैयारी करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा, लोगों का एक विशाल समुद्र राजधानी की ओर जाएगा, क्योंकि मैंने लोगों के बीच ऐसी राजनीतिक जागरूकता कभी नहीं देखी। इस्लामाबाद में हर कोई मेरे साथ तब तक विरोध में बैठेगा, जब तक कि आम चुनाव की घोषणा नहीं हो जाती।

ईद के बाद इमरान खान की इस्लामाबाद मार्च शुरू करने की योजना है। खान ने कहा, लोगों के साथ जो मजाक किया गया है और हम पर शासक के रूप में जो आरोप लगाए गए हैं, उसे वे समझने लगे हैं।

इमरान खान ने कहा, नवगठित संघीय कैबिनेट में अभूतपूर्व संख्या में अपराधी और जमानत पर बाहर आए लोग हैं।

इमरान खान दावा करते रहे हैं कि उनकी सरकार को विपक्षी राजनीतिक दलों के माध्यम से अमेरिका के नेतृत्व में एक विदेशी साजिश के तहत सत्ता से हटा दियाया है। खान का दावा है कि अमेरिका में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद से मिले साइफर (सांकेतिक पत्र) पर चर्चा करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) के निष्कर्षो ने पुष्टि की है कि उनका दावाोही है।

हालांकि, उसी धमकी पत्र के संबंध में एनएससी की दूसरी बैठक से निष्कर्ष निकला कि कोई विदेशी साजिश नहीं हुई है क्योंकि पाकिस्तान में शासन परिवर्तन के लिए विदेशी हस्तक्षेप को स्थापित करने के लिए ऐसा कोई सबूत नहीं मिला।

परम तत्व दर्शन