Monday, May 9, 2022

भाजपा नेताओं को सीएम की नसीहत, कहा अपनी दलाली बंद करो अफसरों को हम सुधार देंगे


 पुलिस लाइन के बंद सभागार में चली बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ के तेवर देख पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पसीने छूट गए। सीएम ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासित होकर काम करने की नसीहत दी। बैठक में कुछ नेताओं द्वारा अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले अपनी दलाली बंद करो अफसरों को तो हम सुधार देंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी, जिलाध्यक्ष का कोर ग्रुप बनाते हुए कहा कि पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपनी शिकायतें कोर ग्रुप के माध्यम से उनके पास भेजें। शिकायतों का निराकरण वह कराएंगे। आधा घंटे तक चली बैठक में सीएम ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासित होकर काम करने की नसीहत दी। बैठक में पार्टी के एक नेता ने कहा कि अफसरों के भ्रष्टाचार करने से पार्टी की साख खराब हो रही है। जनता से जुड़े विभागों में अफसर जमकर वसूली कर रहे हैं। इस दौरान जिले में बढ़ते अपराधों को लेकर भी नेताओं ने सीएम को अपनी पीड़ा बताई। वहीं, नगर पालिकाध्यक्ष ने शहर में विकास कार्यों में हो रही दिक्कतों को उठाया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद देखेंगे।

बुंदेलखंड के हर घर तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का नौजवान सीमा पर जो तोप लेकर जाएगा, वह बुंदेलखंड की धरती पर बने डिफेंस कॉरिडोर की होगी। सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर योजनाएं बना रही है। हर घर जल योजना के तहत दिसंबर माह तक बुंदेलखंड के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। सीएम योगी रविवार को संत मोरारी बापू की रामकथा के समापन पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की धरती भक्ति और शक्ति का संगम है।

Sunday, May 8, 2022

एलियंस का UFO हुआ था क्रैश, मेटल जैसे कपड़ों में मिली थी एलियंस की बॉडी, दिखते थे ऐसे, रिपोर्ट में दावा


एलियंस को लेकर लोगों में कई तरह के मत हैं। कई लोगों ने एलियंस और यूएफओ देखने के दावे किए हैं। वहीं कई विशेषज्ञों ने भी इस बात को माना है कि दूसरी दुनिया के लोग होते हैं। वही कुछ लोग इनसे सहमत नहीं हैं। वहीं अमरीका की जांच एजेंसी एफबीआई के सीक्रेट दस्तावेजों में भी एलियंस की उड़न तश्तरी UFO देखे जाने की बात सामने आ चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एफबीआई की फाइलों के दस्तावेजों में यूएफओ देखे जाने, उनके 27000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा करने और फिर दुर्घटनाग्रस्त होने की कहानियां हैं। ऐसे में एक बार फिर से 'दूसरी दुनिया' के दावे की चर्चा शुरू हो गई है।

पिछले कुछ सालों में देखे गए सैंकड़ों UFO
द सन यूके की एक रिपोर्ट के मुताबिक, FBI के दस्तावेजों में आसमान में रहस्यमय वस्तु देखने के बारे में बताया गया है। साथ ही दस्तावेजों में यह भी बताया गया कि 1940 के दशक से UFO देखे जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई। दस्तावेजों में दावा किया गया कि पिछले कुछ सालों में सैकड़ों यूएफओ देखे गए।

जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ UFO!
रिपोर्ट के अनुसार, एक बार आसामान में अजीब विमान को कथित तौर पर हाइपरसोनिक गति 27,000 मील प्रति घंटे (43452 प्रति घंटा) की रफ्तार से उड़ते हुए देखा गया था। बतया जाता है कि इस दौरान एक बार एक विमान दुर्घटनाग्रस्त भी हो गया था। दावा किया गया था कि उस विमान में तीन शव मिले थे और ये तीनों एलियंस थे।

यूपी में एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए, सीएम योगी का सख्त आदेश- दोबारा लगे तो होगी कार्रवाई


Uttar Pradesh News : Now Yogi Adityanath government 18 ministers will visit 18 division of state

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में अब तक एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए हैं और अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि उतारे गये लाउडस्पीकर दोबारा न लगने पाएं. शनिवार की शाम झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा करने के साथ ही विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा की और यह दावा किया कि प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उतारे गए लाउडस्पीकर दोबारा न लगने पाएं. योगी ने कहा कि धार्मिक आयोजन धार्मिक स्थलों के परिसर के भीतर ही सीमित होने चाहिए, किसी भी पर्व-त्योहार का आयोजन सड़क पर नहीं होना चाहिए और इन आयोजनों से सामान्य नागरिकों के आवागमन में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर लगाए गए अवैध लाउडस्पीकर को हटाने तथा अन्य लाउडस्पीकर की आवाज को निर्धारित सीमा तक सीमित करने का अभियान पिछली 25 अप्रैल को शुरू हुआ था और एक मई तक चला.

उच्च न्यायालय के आदेशों को भी ध्यान में रखा गया

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने लखनऊ में जारी एक बयान में कहा था कि अवैध रूप से लगाए गए लाउडस्पीकर सभी धार्मिक स्थलों से बिना किसी भेदभाव के हटाये जा रहे हैं और ऐसे सभी लाउडस्पीकर को अवैध की श्रेणी में रखा गया है जिन्हें लगाने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई है. कुमार ने यह भी कहा था कि लाउडस्पीकर के सिलसिले में हो रही कार्रवाई के दौरान उच्च न्यायालय के आदेशों को भी ध्यान में रखा जा रहा है.

मुख्यमंत्री योगी ने झांसी में मंडलीय समीक्षा के अलावा विकासखंड बबीना में जाकर पेयजल योजना की जमीनी हकीकत जानी. उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि विकास योजनाओं को समय से पूरा किया जाए और चेतावनी दी कि समय से योजनाओं को पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए.उन्होंने भू-माफिया के खिलाफ सख्ती बरतने और कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने पर भी जोर दिया.

योगी ने यहाँ आयुक्त सभागार में झांसी मंडल के झांसी, ललितपुर, जालौन की परियोजनाओं एवं विकास कार्यों/कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर लापरवाही व उदासीनता बरते जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत अमृत पेयजल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना के द्वितीय चरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है.उन्होंने निर्देश दिए की संबंधित कंपनी को ब्लैक लिस्टेड ( काली सूची में डालते हुए) करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराएं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्यदायी संस्थाएं जिनकी कार्यक्षमता शिथिल है, उनके स्थान पर अन्य एजेंसियों द्वारा कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि योजना समय से पूर्ण हो सके.

मुख्यमंत्री ने मंडल की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कानून-व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने ललितपुर में हुई घटना को लेकर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया और पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में जवाब तलब किया. उन्होंने विलम्ब से की गई कार्यवाही पर भी सख्त नाराजगी जाहिर की.

उल्लेखनीय है कि ललितपुर के पाली थाना क्षेत्र में तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा पिछले दिनों एक 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता के साथ दुराचार किए जाने का मामला सामने आया था. कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोपी निलंबित थाना प्रभारी निरीक्षक को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर पुलिस ने संबंधित अदालत में पेश किया जहां से उसे अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अब तक इस मामले में एक महिला सहित सभी छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं.

अलकायदा प्रमुख ने भारत के खिलाफ जारी किया वीडियो, मोदी-योगी को बताया दुश्मन


नई दिल्ली: अलकायदा ने भारत सरकार के खिलाफ एक बार फिर चेतावनी भरा वीडियो जारी किया है। संगठन के चीफ अयमान अल जवाहिरी का ये वीडियो है जिसमे जवाहिरी ने भारत सरकार के खिलाफ बोला है.

वीडियो में जवाहिरी ने पीएम मोदी और सीएम योगी को दुश्मन बताया। अरब देशों की तरफ से मोदी सरकार के समर्थन का भी विरोध किया। इतना ही नहीं जवाहिरी ने कहा कि जम्मू- कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटना मुसलमानों के मुंह पर तमाचा है। घाटी में जंग को जिहाद बताते हुए जवाहिरी ने लोगों को हथियार उठाने के लिए उकसाया। इससे पहले जवाहिरी ने कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर भी बयान जारी किया था। ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद में मारे जाने के बाद अल कायदा की कमान अयमान अल जवाहिरी के हाथ में है।

अल कायदा के वीडियो में क्या ?

पीएम मोदी, योगी के वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें दुश्मन की तरह दिखाया गया है। इतना ही नहीं कश्मीर से 370 हटाने का विरोध करते हुए इसे मुस्लिमों के लिए तमाचा बताया गया है। जवाहिरी ने अरब देशों के मोदी समर्थन का विरोध करते हुए कश्मीर मुद्दे की तुलना फिलिस्तीन से की है। कश्मीर में जंग को जिहाद बताते हुए कश्मीरियों को हथियार उठाने के लिए भड़काया। सीएए प्रदर्शन के दौरान वाला दिल्ली की जामिया हिंसा का वीडियो एडिट कर दिखाया गया है। इसके अलावा हिजाब, CAA विरोध का वीडियो दिखाते हुए संसद हमला, 26/11 हमले का जिक्र किया औऱ तालिबान मॉडल अपनाने की सलाह दी।

भारत के खिलाफ उगला जहर

इस वीडियो में अल जवाहिरी ने कहा की, ‘असम में मुस्लिमों का नरसंहार भारत की मुस्लिम विरोधी नीतियों का उदाहरण है। ये सिर्फ असम तक ही नहीं रुका, दिल्ली में मुस्लिम इलाकों तक भी ये पहुंच गया। जहां मुस्लिमों के घर और संपत्ति को तोड़ा जा रहा है, जलाया जा रहा है। ये अपराध हो रहा है अपराधी भारतीय पुलिस की देखरेख में जिसका नियंत्रण मोदी के हाथ में है।

इन अपराधों का मकसद मुस्लिमों को देश से बाहर करना है। दुनिया में लोकतंत्र के सबसे बड़े केंद्र दिल्ली में शरणार्थी कैंप बने हैं, ताकि मुस्लिमों को जबरन हटाया जाए।इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हिंदूवादी संगठन तैयारी में जुटे हैं।RSS की युवा इकाई और बीजेपी के ज्यादातर नेता इस काम को अंजाम दे रहे हैं। अपराधी मोदी भी इसी संगठन से आते हैं। सिर्फ पुरुषों को ही नहीं RSS लड़कियों को भी ट्रेनिंग दे रहा है। मोदी के आपराधिक इतिहास के बावजूद बाइडेन ने मोदी को अपने सामरिक साझेदार के तौर पर गले लगाया।’

वर्ल्ड वॉर थ्री की आहट तेज, यूक्रेन के बाद NATO देशों और अमेरिका से होगी रूस की जंग, 9 करोड़ लोगों की मौत की भविष्यवाणी


Putin Biden

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) को लेकर एक खतरनाक भविष्यवाणी की गई है. कहा जा रहा है कि रूस पहले फेज में NATO देशों पर हमला कर सकता है. नाटो देशों (NATO) पर हमले के बाद रूस-अमेरिका (US) में भी जंग छिड़ने की संभावना है. अगर ये भविष्यवाणी सच हुई तो तीसरा विश्व युद्ध (Third World War) तय है, जिसमें कम से कम 9 करोड़ लोगों के मारे जाने की संभावना है. इस भविष्यवाणी को लेकर वैज्ञानिकों ने एक वीडियो भी जारी किया है. वैज्ञानिकों ने कहा कि रूस (Russia) की सबसे पहले NATO देशों के साथ जंग होगी. इसके बाद अमेरिका के साथ भी पुतिन की भिड़ंत होने के आसार है.


Thursday, May 5, 2022

लाउडस्पीकर पर अजान और हनुमान चालीसा से धार्मिक ठेकेदार बलवान जनता परेशान: प्रताप मिश्रा

मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारे जाने के सामाजिक मुद्दे को छद्म सेक्युलर और मुसलमान धार्मिक रंग दे रहे हैं जबकि उन्हीं लाउडस्पीकरों पर हनुमान चालीसा बजाए जाने को सामाजिक द्वेष की संज्ञा दी जा रही है। यानी उनका मजहब और उससे सम्बंधित बातों को लेकर अन्य धर्म भले सहिष्णुता अपनाएं लेकिन वे अपने एक्सक्लूसिव दायरे से बाहर आने की कोशिश नहीं करेंगे।

भारत में इन दिनों एक मुद्दा बड़ा गर्म है जिसने भारत के छद्म सेक्युलर लोगों को फिर खाद-पानी उपलब्ध करा दी है कि वो मुस्लिम अत्याचार का एक बार फिर राग आलप सकें। अगर हम ध्यान दें तो रोज दिन में पांच बार मस्जिदों से नमाज के लिए अजान दी जाती है। मुस्लिम धर्म गुरु कहते हैं कि मस्जिदों से केवल नमाज का समय बताने के लिए अजान दी जाती है जिससे उनके मत के मानने वाले अपने घर पर बैठकर ही अल्लाह का ध्यान-स्मरण कर लें। लेकिन अजान देने की क्या आवश्यकता है? क्या इस्लाम को मानने वालों को उनके खुदा या अल्लाह को याद करने का भी ख़्याल नहीं? जबकि वे तो पांचों समय की नमाज में एक ही बात दोहराते हैं कि अल्लाह से बड़ा कोई है ही नहीं। जब वे ‘अल्लाहु अकबर’ कहते हैं तो इसका अर्थ उनके अनुसार, ‘अल्लाह सबसे महान है’ यह ही तो होता है। वहीं ला-इलाहा -इल्लल्लाह का अर्थ तो पहले के अर्थ से कहीं ज्यादा आगे की बात करता है। ला-इलाहा -इल्लल्लाह का अर्थ है कि, अल्लाह के सिवा कोई इबादत के काबिल ही नहीं है। ऐसे शक्तिशाली अल्लाह के लिए मस्जिदों से याद कराने के लिए अजान की जाए ये तो अल्लाह के साथ भी गुस्ताखी ही तो होगी! हिंदुओं को तो ज़रूरत नहीं पड़ती किसी अजान या शोर की। वे तो स्वतः सुबह-शाम समय से मंदिर पहुंच ही जाते हैं और ना भी पहुंचे तो कोई परेशानी नहीं। भारत में इस्लामिक तुष्टीकरण के चलते अजान का कभी कोई राजनीतिक दल विरोध नहीं करता लेकिन देश के आम लोगों से पूछो कि, उनको सुबह की अजान किस तरह से परेशान करती है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर और उनसे होने वाले शोर से आम जनता को परेशानी तो होती ही है लेकिन क्या किसी की हिम्मत है जो इसके विरुद्ध अपनी आवाज़ उठा सके! लेकिन कुछ लोग इस अजान और उसके कारण होने वाले शोर एवं परेशानी को मुद्दा बना इलाहाबाद उच्च न्यायलय में गए और बाद में सर्वोच्च न्यायलय में भी यह विषय गया, दोनों ने ही माना की अजान मुस्लिम पंथ का आंतरिक मामला है लेकिन अजान के नाम पर लाउडस्पीकर से शोर करना इस्लाम का हिस्सा कैसे हो सकता है? क्या हम यह नकार सकते हैं कि देश के कितने ही परिवार इस लाउडस्पीकर के शोर से परेशान होते हैं! ऐसा नहीं कि केवल हिन्दू ही इससे परेशान हो रहा है। ये किसी पंथ का मुद्दा है ही नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक मुद्दा है। समाज में सभी को शांतिपूर्वक रहने का अधिकार हमें संविधान से मिलता है। किसी को यह अधिकार किसने दे दिया कि वह सुबह-सुबह मस्जिद से चिल्लाकर आवाज दे कि, अब जागो! खुदा की इबादत का समय हो गया है। इस शोर पर कभी कबीर ने लिखा था,

काकर-पाथर जोड़ के, मस्जिद लियो चिनाय।

ता चढ़ि मुल्ला बांग दे, क्या बहरा भया खुदाय॥

यह हमारे भारत के संतों ने उस इस्लामिक काल में लिख दिया जब सभी शासक मुस्लिम ही थे। आज न्यायलयों के आदेश के बाद भी क्या सरकारें मान रही हैं और इन मस्जिदों से होने वाले अजान रूपी शोर को बंद कराने के लिए कोई कानून बना रही हैं? ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। महाराष्ट्र में तो यह बड़ा मुद्दा बन गया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख ने अजान के खिलाफ हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया। यह चालीसा पढ़ने का मुद्दा नहीं है, बल्कि मैं इसे सम्पूर्ण समाज का मुद्दा मानता हूं। देश का मुसलमान योग को हिंदुओं का मानता है। वन्दे मातरम जिसने भारत को अंग्रेजी शासन के विरुद्ध लड़ने के लिए देश में एकत्व का निर्माण किया इसे भी पढ़ना इस्लामिक विचार के खिलाफ माना जाता है। तो प्रश्न उठता है कि हिन्दू या गैर मुस्लिम क्यों दिन में पांच बार बड़े भारी शोर में इस्लामिक इबादत के शब्दों को सुने।

अतः लाउडस्पीकर पर न तो अजान होनी चाहिए न हनुमान चालीसा। परमात्मा अन्तर्यामी है वह भवनाओं को समझता है उसकी प्रकृति में हमारी मौन स्वीकृति ही उसकी सबसे बड़ी प्रार्थन्स है। हमें चिल्लाने की कोई जरूरत नहीं है।

Wednesday, May 4, 2022

भारतीय डाक में निकली बंपर भर्ती, कुल वैकेंसी 38926


आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की निर्धारित आयु सीमा अधिकतम 40 साल है और 18 साल से कम उम्र के उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं होंगे।

सरकारी नौकरी
Government Job 2022:- हाल ही में पोस्ट ऑफिस ऑफ इंडिया (post office of India) ने ग्रामीण डाक सेवा के लिए (India Post GDS Recruitment 2022) भर्ती के नोटिफिकेशन जारी किए है। कुल वैकेंसी की संख्या 38926 है। उम्मीदवार 5 जून 2022 तक आवेदन कर सकते है। इन पदों पर 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। ब्रांच पोस्टमास्टर, अससिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर और डाक सेवा के पद पर उम्मीदवारों की भर्ती होगी। यह भर्ती भारत के 35 राज्यों के लिए हैं।
आयु सीमा, योग्यता और पात्रता

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की निर्धारित आयु सीमा अधिकतम 40 साल है और 18 साल से कम उम्र के उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं होंगे। तो वहीं ग्रामीण डाक सेवा में नौकरी करने के लिए उम्मीदवारों के पास 10वीं पास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा, साथ ही इंग्लिश और गणित में पास होने की जरूरत भी होगी।

सैलरी और चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। अलग-अलग पद के हिसाब से तैयार किए गए लिस्ट से आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन होगा। ब्रांच पोस्टमास्टर के पद नियुक्त होने उम्मीदवारों को 12000 रुपए प्रतिमाह सैलरी दी जाएगी, तो वहीं अससिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर और डाक सेवा पद पर नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों को 10000 रुपए प्रतिमाह सैलरी दी जाएगी।

आवेदन

उम्मीदवार 5 जून 2022 तक ऑफिशियल वेबसाईट https://indiapostgdsonline.gov.in./ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए 100 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल https://indiapostgdsonline.gov.in/ पर विज़िट कर सकते हैं।

परम तत्व दर्शन