Thursday, August 4, 2022

LAC के समीप भारत-अमेरिका दिखाएंगे अपनी ताकत, संयुक्त सैन्याभ्यास से तिलमिला उठेगा चीन


India-US to hold military exercise near LAC a strong message to China
उत्तराखंड के औली में होगा संयुक्त सैन्य अभ्यास।

India-America military exercise : सीमा पर हेकड़ी दिखाने वाले चीन को भारत और अमेरिका की तरफ से एक बड़ा जवाब मिलने जा रहा है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के समीप दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास करने जा रही हैं। यह सैन्य अभ्यास अक्टूबर में उत्तराखंड के औली में होगा। रक्षा और सैन्य प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह 18 वां ‘युद्ध अभ्यास’ 14 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। सूत्रों ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच समझ, सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है। पिछला अभ्यास पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका के अलास्का में हुआ था।

चीन को जाएगा कड़ा संदेश
समझा जाता है कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से चीन को एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की जाएगी। एलएसी के समीप अमेरिकी सेना की मौजूदगी से चीन का तिलमिलाना तय माना जा रहा है। भारतीय सीमा में अमेरिकी फौज की मौजूदगी उसे चिढ़ाने वाली होगी। सीमा पर चीन रह-रह कर भारत को उकसाने वाली कार्रवाई कर रहा है। हाल के समय में पूर्वी लद्दाख में पीएलए के लड़ाकू विमान एलएसी के काफी समीप उड़ान भरते देखे गए हैं। भारत ने इस पर आपत्ति जताई है। चीनी सेना की हरकतें उसकी मंशा पर सवाल उठाती हैं। 

सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी
गलवान घाटी की घटना के बाद पूर्वी लद्दाख के कुछ जगहों से भारत और चीन दोनों ने अपनी सेनाएं पीछे हटाईं लेकिन अभी भी कुछ प्वाइंट्स ऐसे हैं जहां गतिरोध बना हुआ है। चीन इन जगहों से अपने सैनिक पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं है। सीमा पर शांति बहाली एवं गतिरोध वाले जगहों से सैनिकों की वापसी के लिए दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच 16 दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन इसका समाधान नहीं निकल सका है। हालांकि, दोनों देश के सैन्य कमांडर बातचीत जारी रखने के लिए चार बिंदुओं पर सहमति बनी है। 

ताइवान पर अमेरिका-चीन में तल्खी बढ़ी
एलएसी के समीप यह युद्धाभ्यास ऐसे समय होने जा रहा है जब ताइवान के मसले पर अमेरिका और चीन के बीच तल्खी काफी बढ़ गई है और दोनों देश टकराव के रास्ते पर हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन बौखला गया है और उसने ताइवान की घेरेबंदी करनी शुरू कर दी है। वह सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुका है। ताइवान पर चीन की आक्रामकता को देखते हुए अमेरिका ने हिंद-प्रशांत में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। एलएसी के समीप भारत के साथ युद्धाभ्यास करने से उसे चीनी सेना से निपटने के बारे में उसे रणनीतिक एवं अभियानगत लाभ मिलेगा।  

चीन-ताइवान तनाव के बीच एलएसी पर भारतीय कमांडरों का जमावड़ा, ड्रैगन से निपटने के लिए तैयार है भारतय सेना

ताइवान और चीन के बीच तनातनी को देखते हुए भारत ने एलएसी पर अपनी चौकसी बढ़ा दी है। 

Indian commanders gather on LAC

कोलकाता बेस्ड ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता एलएसी पर फॉरवर्ड पोस्ट्स के दौरे पर हैं। लेफ्टिनेंट जनरल कलिता पहले तेजपुर पहुंचकर यहां के सभी टॉप कमांडर्स से मुलाकात कर रहे हैं, जिसके बाद वह 4 दिन तक फॉरवर्ड पोस्ट पर ऑपरेशनल प्रिपेरेडनेस का जायजा लेंगे। 

तेजपुर में गजराज कोर के पास पूर्वोत्तर में चीन सीमा से सटे इलाकों की सुरक्षा का जिम्मा है जिनमें सुपर हाई एल्टीट्यूड और घने जंगलों वाले इलाके शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा भी इसी कोर में आता है जिसे लेकर चीन अरसे से अपने दावे ठोकता आया है। इस पूरे इलाके में पिछले कुछ समय से भारतीय सेना चीन को टक्कर देने के लिए स्ट्रैटेजिक सड़कों, पुलों और  टनल का निर्माण कर रही है ताकि किसी भी परिस्थिति में युद्ध के लिए तैयारी पुख्ता बनी रहे।

भारतीय सैनिक ड्रैगन की चालबाजी से निपटने के लिए हर पल तैयार हैं

इस दिशा में 4 और 5 अगस्त को तेजपुर में उत्तरी सीमाओं पर बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस सेमिनार में आर्मी कमांडर के साथ ही इस इलाके के टॉप सैन्य अधिकारी भी शामिल होंगे। जहां एक तरफ फॉरवर्ड लोकेशन पर भारतीय सैनिक ड्रैगन की चालबाजी से निपटने के लिए हर पल तैयार हैं वहीं दूसरी तरफ चीन के साथ दशकों से चले आ रहे सीमा विवाद और उसकी विस्तार वादी सोच का हल निकालने के लिए सेना के कमांडर विशेष रणनीति पर काम कर रहे हैं।

इस रणनीति को तैयार करने के लिए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ राजनयिक और शिक्षाविद एकजुट हुए हैं। पूर्व एंबेसडर अशोक कांथा, प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली, श्री जयदेव रानाडे, डॉ अमृता जश, श्री क्लाउड अर्पी, लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह जैसे जानकार तेजपुर में होने वाले इस सेमिनार में शिरकत करेंगे।  

ईस्टर्न कमांड में तैनात 200 अधिकारी भी इस प्लानिंग का हिस्सा बनेंगे

(सेवानिवृत्त), पूर्व सेना कमांडर उत्तरी कमान, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) पूर्व सेना कमांडर सेना प्रशिक्षण कमान और लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन (सेवानिवृत्त) सदस्य, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड भी पूर्वोत्तर में चीन से निपटने के लिए बनाई जा रही इस खास स्ट्रैटेजी को बनाने में मदद करेंगे। ईस्टर्न कमांड में तैनात 200 अधिकारी भी इस प्लानिंग का हिस्सा बनेंगे।

Wednesday, August 3, 2022

उत्तर प्रदेशः शिवपाल यादव के बाद सीएम योगी से मिले सपा महासचिव राम गोपाल यादव

राज्‍यसभा सदस्‍य राम गोपाल यादव (76) समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा हैं और दोनों के बीच मधुर संबंध हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

Uttar Pradesh Shivpal Yadav SP General Secretary Ram Gopal Yadav meet CM Yogi Adityanath uttar pradesh akhilesh yadav | उत्तर प्रदेशः शिवपाल यादव के बाद सीएम योगी से मिले सपा महासचिव राम गोपाल यादव, जानें क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई है।बैठक में क्या बातचीत हुई,इसकी जानकारी नहीं मिल पाई।समाजवादी पार्टी से कथित तौर पर नाराज शिवपाल सिंह यादव भी मिल चुके हैं।

लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने सोमवार को एक आश्चर्यजनक राजनीतिक घटनाक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। सूत्रों ने पुष्टि की कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई है।

यहां मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के पांच कालीदास मार्ग स्थित आवास पर दोनों नेताओं के बीच बैठक में क्या बातचीत हुई,इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। राज्‍यसभा सदस्‍य राम गोपाल यादव (76) समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा हैं और दोनों के बीच मधुर संबंध हैं।

समाजवादी पार्टी से कथित तौर पर नाराज शिवपाल सिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का ट्विटर पर अनुसरण (फॉलो) करना शुरू कर दिया था, जिससे उनके भाजपा के करीब आने की अटकलों को और बल मिला है।

 राजनीतिक हलकों में इस नये कदम (सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं का अनुसरण) को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी -लोहिया (पीएसपीएल) के प्रमुख शिवपाल यादव के सपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को छोड़कर भाजपा में जाने की दिशा में एक और कदम के रूप में देखा जा रहा है।

सपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में तनाव की खबरों के बीच शिवपाल यादव द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई मुलाकात के बाद अटकलों को बल मिला था। शिवपाल यादव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख हैं, लेकिन उन्होंने सपा के साइकिल चिह्न पर हाल ही में संपन्न विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

विधानसभा में ऐसी अटकले लगायी जा रही हैं कि "चाचा-भतीजा" के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। शिवपाल यादव अगर पाला बदलते है तो कई लोगों को आश्चर्य नहीं होगा क्योंकि कई मौकों पर अखिलेश ने खुद अपने चाचा पर आदित्यनाथ के संपर्क में रहने और भगवा पार्टी के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है। शिवपाल सपा के चुनाव चिह्न पर अपनी पारंपरिक जसवंतनगर सीट से छठी बार जीते हैं।

Tuesday, August 2, 2022

POK वापस लेने की तैयारी में है भारतीय सेना


क्या भारत की सेना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर POK को वापस लेने वाली है? हाल के दिनों में इस चर्चा ने जोर पकड़ा है। दरअसल, बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में एक बयान दिया था। अब सेना की कुछ ऐसी तस्वीरें आई हैं, जो इस चर्चा को और बल दे रही हैं।

indian army chenab river 2

जम्मू। क्या भारत की सेना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर POK को वापस लेने वाली है? हाल के दिनों में इस चर्चा ने जोर पकड़ा है। दरअसल, बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में एक बयान दिया था। अब सेना की कुछ ऐसी तस्वीरें आई हैं, जो इस चर्चा को और बल दे रही हैं। पहले आपको बताते हैं कि सेना की कौन सी तस्वीरों से ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि भारत अब पीओके को कब्जे में लेने वाला है। सेना की तस्वीरें जम्मू के चिनाब नदी में हुई एक प्रैक्टिस की हैं। इन तस्वीरों में भारतीय जवान टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ चिनाब नदी पार करने की प्रैक्टिस करते दिख रहे हैं।

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बता दें कि चिनाब नदी जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी से निकलती है और जम्मू के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पारकर पाकिस्तान पहुंचती है। इस नदी में सेना के जवानों की टैंक और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ प्रैक्टिस से चर्चाओं का बाजार और गुलजार हुआ है। बता दें कि बीते दिनों पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी चिंता जताई थी कि भारत जल्दी ही पीओके को कब्जे में करने के लिए अटैक कर सकता है। दरअसल, भारत ने आतंक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान की जान सांसत में डाल रखी है। साथ ही कश्मीर से जुड़े संविधान के विशेष प्रावधान 370 को खत्म कर दिया है। इसी वजह से पाकिस्तान को हमेशा डर सताता है भारत पीओके को वापस लेने के लिए अभियान छेड़ने वाला है।

indian army chenab river 1

अब आपको बताते हैं कि बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या बयान दिया था। राजनाथ सिंह ने कश्मीर में एक जनसभा में कहा था कि बाबा अमरनाथ हमारे पास हैं, लेकिन मां शारदा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में है। ये हमें नहीं सुहाता है। भारत की संसद भी पीओके को वापस लेने का प्रस्ताव कई बार पास कर चुकी है। 370 के खात्मे के लिए संसद में चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि पीओके और लद्दाख के कब्जे वाले इलाकों को वापस हासिल करना सरकार का लक्ष्य है और वो इसके लिए जान तक देने को तैयार हैं।

अल-जवाहिरी की मौत का अफगानिस्तान ने लिया बदला, पाकिस्तानी कमांडर सरफराज का हेलीकॉप्टर उड़ाया


अलकायदा  का सरगना अयमान अल जवाहिरी  का खात्मा अमेरिका ने कर दिया. अमेरिका ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत अलजवाहिरी को मार गिराया. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि अफगानिस्तान ने अपने लीडर का बदला देने के लिए आईएसआई  के करीबी कमांडर सरफराज का हेलीकॉप्टर उड़ा दिया है. जिसमें कमांडर सरफराज की मौत हो गई है. अफगानिस्तान की ये कार्रवाई तब हुई है जब ये बात सामने आई कि अलजवाहिरी को मरवाने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है।

अफगानिस्तान के हमले में मारा गया कमांडर सरफराज आईएसआई का खास था और डीजीएमआई भी रह चुका था. इस हमले में अफगानिस्तान का साथ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और दूसरे आतंकी संगठनों ने दिया है. अलकायदा ने बलूच आतंकियों के साथ मिलकर हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया है. इस घटना के बाद बलूचिस्तान मे पाक सेना में हडकंप क्योंकि सरफराज वही का कोर कंमाडर था।

कहा जा रहा है कि अलजवाहिरी को मरवाने में पाकिस्तान का हाथ है और पाकिस्तान की सेना को अलजवाहिरी के हर मूवमेंट की खबर थी. सूत्रों के मुताबिक ये जानकारी भी सामने आई है कि पाकिस्तान ने पैसे लेकर अलजवाहिरी को मरवाया है. अमेरिका से उसे तगड़ा फंड मिलने की बात की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा अमेरिका में कई लोगों के साथ संपर्क में थे. पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले ही फंड की डिमांड की थी।

कहा जा रहा है कि अलकायदा  के सरगना अलजवाहिरी को मारने के लिए अमेरिका  ने पाकिस्तानी बेस का इस्तेमाल किया है. तो वहीं पाकिस्तानी सेना ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया है. अमेरिका ने अलजवाहिरी को 31 जुलाई की सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर मार गिराया था. अलजवाहिरी काबुल  के शेरपुर इलाके में छिपा हुआ था और जैसे ही ये बालकनी से बाहर निकला अमेरिकी ड्रोन ने इसे मार गिराया।

Monday, August 1, 2022

सीमा पार से रात को भारत में घुस रहा था पाकिस्‍तानी, BSF ने पकड़ा


 पाकिस्‍तान से दुबे-चुपके भारतीय इलाके में घुसता शख्‍स पकड़ा गया है। उसका नाम वसीम इरशाद है। उसे बीएसएफ के जवानों ने बॉर्डर पर पकड़ा। बहरहाल, उसे पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है। जांच-अधिकारियों ने बताया कि, तलाशी में उसके पास से कोई चीज बरामद नहीं हुई। हालांकि, वह नशे में जरूर था।

A Pakistani was entering India from across the border, caught by BSF punjab

बीएसएफ की ओर से बताया गया कि, पकड़े जाने पर उस शख्‍स ने खुद को लाहौर के गांव नंगल का बताया। वह बीती रात जेसीपी अटारी के पास सीमा पार से भारतीय इलाके में घुस रहा था। तभी बीएसएफ की नजर उस पर पड़ गई। बीएसएफ कमांडर रजनीश कुमार के मुताबिक, तब बीएसएफ-144 बटालियन के जवान गश्त पर थे। उन्‍होंने देखा कि, रात के वक्त एक शख्‍स भारतीय सरहद में घुसने की कोशिश कर रहा था। उसे तत्‍काल काबू कर लिया गया। उसकी तलाशी ली गई। उसके बाद उससे पूछताछ की गई।

बहरहाल, वह घरिंडा पुलिस की गिरफ्त में है। जहां पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश करके दो दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि, भारतीय सीमा में घुस आए पाकिस्तानी से तलाशी में तो कुछ नहीं मिला था। हालांकि, वह नशे की हालत में था। उससे पूछताछ की जा रही है।

पुतिन ने अमेरिका को बताया रूस के लिए सबसे बड़ा खतरा, भारत से रणनीतिक संबंध बढ़ाने पर दिया जोर


पुतिन ने अमेरिका को बताया रूस के लिए सबसे बड़ा खतरा (News18)

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा कि रूस के लिए सबसे बड़ा खतरा अमेरिका है. रूस की प्राथमिकता भारत के साथ रणनीतिक और नौसैनिक सहयोग बढ़ाने के साथ ही ईरान, इराक, सऊदी अरब के साथ व्यापक सहयोग विकसित करना है. रूस के नेवल डे के मौके पर पुतिन ने एक नए नौसैनिक सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए. जिसमें अमेरिका को रूस के लिए मुख्य खतरे के रूप में पेश किया गया है. इसमें आर्कटिक और काला सागर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों के लिए रूस की वैश्विक समुद्री महत्वाकांक्षाओं को भी बताया गया है.

न्यूज एजेंसी रायटर्स की एक खबर के मुताबिक सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के नौसेना दिवस पुतिन ने एक छोटा भाषण दिया. जिसमें उन्होंने कहा कि जिरकोन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों जैसे हथियारों के बल पर रूस के पास किसी भी संभावित हमलावरों को हराने के लिए सैन्य ताकत मौजूद है. अपने भाषण से कुछ समय पहले पुतिन ने एक नए 55-पेज के नौसैनिक सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने कहा कि रूस के लिए मुख्य खतरा दुनिया के महासागरों पर हावी होने की अमेरिका की रणनीति और नाटो सैन्य गठबंधन का रूस की सीमाओं के करीब फैलते जाना है.

रूस के नए नौसैनिक सिद्धांत में यह स्वीकार किया गया है कि रूस के पास विश्व स्तर पर पर्याप्त नौसैनिक ठिकाने नहीं हैं. इसलिए रूस की प्राथमिकता भारत के साथ रणनीतिक और नौसैनिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ ईरान, इराक, सऊदी अरब और क्षेत्र के अन्य राज्यों के साथ व्यापक सहयोग विकसित करना है. पुतिन ने अपने भाषण में यूक्रेन में जारी जंग का उल्लेख नहीं किया. लेकिन इस नए नौसैनिक सिद्धांत में काले और अजोव सागर में रूस की भू-राजनीतिक स्थिति को बहुत मजबूत करने की परिकल्पना की गई है. गौरतलब है कि यूक्रेन से पिछले पांच महीनों से जारी रूस की जंग के कारण उसके और पश्चिमी दशों के बीच संबंधों में गहरा तनाव आ गया है. रूस की विशाल 37,650 किमी. (23,400 मील) तटरेखा है, जो जापान के सागर से लेकर काला सागर और कैस्पियन सागर तक फैला है.

परम तत्व दर्शन