Friday, September 2, 2022

‘मुस्लिम यहाँ 90%, हमारे मजहब में आओ या गाँव छोड़ो’: घर में घुस मथुरा के एक गाँव में हिंदू को धमकाया, कहा- जान और जमीन से हाथ धो लोगे


"ये गाँव हमारा है। यहाँ हमारे तौर-तरीकों से रहना होगा। हम मुस्लिम यहाँ 90% हैं। ज्यादा परेशान करोगे तो जान और जमीन से हाथ धो लोगे। हमारे मजहब में आ जाओ या ये गाँव छोड़ कर चले जाओ।"

उत्तर प्रदेश मथुरा
कोसीकलां पुलिस मामले की जॉंच कर रही है

उत्तर प्रदेश के मथुरा के एक मुस्लिम बहुल गाँव में हिंदू बुजुर्ग को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गाँव के ही कुछ मुस्लिमों ने घर में घुसकर बुजुर्ग को धमकी दी। इस्लाम कबूलने का दबाव डाला। पीड़ित ने इस संबंध में 25 जुलाई 2022 को शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए मथुरा पुलिस ने 31 अगस्त को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

इस गाँव का नाम महरौली है, जो कोसीकलां थाना क्षेत्र में आता है। 60 वर्षीय पीड़ित तेजराम ने इस संबंध में पुलिस को जी शिकायत दी है, उसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसमें उन्होंने बताया है कि करीब 18 साल पहले उन्हें और कुछ अन्य हिन्दुओं को गाँव में सरकारी प्लॉट मिले थे। कुछ समय पहले गाँव के ही ताहिर, तारिफ, आशी, आमिर, इदरीश, गुन्ना, आमिर, अमसर, बब्बू, शब्बीर व सग्गन ने उनके प्लॉट के पेड़ काट लिए। गाँव के ही गोधरन नाम के एक व्यक्ति के खेतों की मेड तोड़ कर अपने खेत में मिला लिया। इस घटना की शिकायत तेजराम ने पुलिस और पटवारी से की थी। इससे आरोपित नाराज हो गए।

तेजराम का आरोप है कि आरोपित उनसे चुनावी और धार्मिक रंजिश भी रखते हैं। तेजराम के अनुसार 23 जुलाई 2022 की शाम आशी, तारिफ, आमिर, इदरीश, बब्बू व अन्य उनके घर में घुस गए। गालियाँ दी। कहा कि पुलिस और पटवारी से शिकायत कर तुमने क्या उखाड़ लिया। जब तेजराम ने गाली-गलौज का विरोध किया तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया।

शिकायत में कहा गया है कि पड़ोसियों ने तेजराम को बचाने की कोशिश की तो उन्हें भी धमकी दी गई। तेजराम के मुताबिक हमलावरों ने कहा, “ये गाँव हमारा है। यहाँ हमारे तौर-तरीकों से रहना होगा। हम मुस्लिम यहाँ 90% हैं। ज्यादा परेशान करोगे तो जान और जमीन से हाथ धो लोगे। हमारे मजहब में आ जाओ या ये गाँव छोड़ कर चले जाओ।” शिकायत के मुताबिक हमलावरों ने जाते-जाते तेजराम के घर का सामान भी तोड़ डाला।

तेजराम के अनुसार कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ भी मारपीट और धमकाने की घटना हो चुकी है। लेकिन आरोपितों के डर से कोई आगे नहीं आता। उन्होंने आरोपितों के पास हथियार होने और स्थानीय अपराधियों से संपर्क उनके का भी दावा किया है। साथ ही आरोप लगाया है कि कोसीकलां पुलिस और राजस्व कर्मचारी भी आरोपितों के दबाव में काम करते हैं। तेजराम की शिकायत पर मथुरा पुलिस ने थाना प्रभारी कोसीकलां को जाँच और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

तेजराम ने बताया, “जब वे युवा थे तब गाँव में इतनी मुस्लिम आबादी नहीं थी। बाद के सालों में न केवल मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ी है, बल्कि गाँव के कुछ हिंदू घर छोड़कर जाने को भी मजबूर किए गए हैं। करीब 20 साल से गाँव में हिन्दू प्रधान नहीं बना है। वर्तमान मुस्लिम प्रधान भी आरोपितों का ही साथ देता है।” उनका दावा है कि कुछ समय पहले मुस्लिमों ने एक दलित महिला को बुरी तरह पीटा, फिर उसे समझौता करने को मजबूर किया। हिंदुओं को फँसाने के लिए फर्जी केस भी कई बार दर्ज करवाने की बात उन्होंने कही है।

Wednesday, August 31, 2022

RTI में खुलासा- अपने खाने का खर्च खुद उठाते हैं PM मोदी, सरकार ने एक भी रुपया नहीं किया आवंटित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर होने वाले खर्च को लेकर एक आरटीआई दायर की गई थी। जिसका जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव बिनोद बिहारी सिंह ने दिया है। इसमें कुछ हैरान कर देने वाली जानकारियां भी सामने आई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक नरेंद्र मोदी अपने खाने का खर्च खुद वहन करते हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से एक रुपये भी नहीं आवंटित किया जाता है।

Prime Minister

RTI के जवाब में आगे बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास (पीएम हाउस) की देखरेख केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा की जाती है। वहीं पीएम की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी के पास है, ऐसे में उनकी सभी गाड़ियों की देखरेख की जिम्मेदारी उसी के पास है। इसके अलावा आरटीआई में पीएम की सैलरी को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन पीएमओ ने नियमों का हवाला देते हुए इसको बताने से इनकार कर दिया। हालांकि उनकी ओर से सिर्फ वेतनवृद्धि नियमानुसार किए जाने की जानकारी दी गई है।

जब संसद की कैंटीन में किया भुगतान
आपको बता दें कि 2 मार्च 2015 को पीएम मोदी अचानक संसद की कैंटीन में पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने वहां पर सामान्य लोगों की तरह खाना खाया और फिर आरओ से पानी लेकर पीया। उस दौरान पीएम मोदी के खाने का बिल 29 रुपये आया था। जिसका भुगतान उन्होंने खुद किया। वहीं बाद में संसदीय कैंटीन में बड़े बदलाव हुआ, जिसके तहत वहां पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म कर दी गई। इससे सरकार को सालाना करोड़ों रुपये की बचत होती है।

'रेवड़ी कल्चर' पर उठाए थे सवाल
हाल ही में पीएम मोदी ने खुद 'रेवड़ी कल्चर' पर सवाल उठाए थे। जुलाई में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि 'रेवड़ी कल्चर' वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेसवे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे। हमें मिलकर उनकी इस सोच को हराना होगा। वैसे पीएम ने किसी का नाम तो नहीं लिया था, लेकिन ये निशाना आम आदमी पार्टी पर माना गया, जो हर चुनावी घोषणा पत्र में मुफ्त बिजली-पानी की बात करती रहती है।

Tuesday, August 30, 2022

'मुझे गौ माता का मांस खिलाया, मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', सुसाइड नोट पढ़कर उड़े पुलिस के होश


'मुझे गौ माता का मांस खिलाया, मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', सुसाइड नोट पढ़कर उड़े पुलिस के होश

सूरत: गुजरात के सूरत से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जी दरअसल यहाँ दो महीने पहले हुए सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जी दरअसल, उधना इलाके में युवक ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उस समय पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। इस वजह से उन्होंने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। हालाँकि करीब दो महीने बाद मृतक का एक फेसबुक पोस्ट उसके जानने वाले किसी शख्स को दिखा। जी हाँ और उसने तुरंत पुलिस को उस पोस्ट की जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पता लगाया कि क्यों युवक ने सुसाइड किया था।

जी दरअसल, पुलिस को जो फेसबुक पोस्ट मिला है उसमें मृतक ने बताया कि पत्नी और उसके साले ने उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया था। आपको बता दें कि मृतक युवक का नाम रोहित राजपूत था और रोहित ने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखकर उसे फेसबुक पर पोस्ट किया था। हालाँकि इस पर किसी का भी ध्यान नहीं गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में रोहित ने लिखा है कि उसकी पत्नी और साले ने जबरदस्ती उसे गोमांस खिलाया। जब युवक ने गोमांस खाने से इनकार किया तो उसे वे लोग जान से मार डालने की धमकी देने लगे। हालाँकि फिलहाल सुसाइड नोट के आधार पर उधना थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी और साले के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

जी दरअसल रोहित ने सुसाइड नोट में लिखा, '''आज मैं इस दुनिया को छोड़कर जा रहा हूं। मेरी मौत का कारण मेरी बीवी सोनम और उसका भाई अख्तर अली है। मेरे सभी दोस्तों से अनुरोध है आप लोग मुझे इंसाफ दिलाना। मुझे जान से मारने की धमकी देकर गौ माता का मांस खिलाया गया। मैं अब इस दुनिया में जीने के लायक नहीं हूं। इसीलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। आपका अपना रोहित सिंह।'' आपको बता दें कि रोहित प्यार में इतना पागल हो गया था कि उसने घर वालों के खिलाफ जाकर सोनम से शादी कर ली थी।

सूरत: गुजरात के सूरत से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जी दरअसल यहाँ दो महीने पहले हुए सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जी दरअसल, उधना इलाके में युवक ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उस समय पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। इस वजह से उन्होंने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। हालाँकि करीब दो महीने बाद मृतक का एक फेसबुक पोस्ट उसके जानने वाले किसी शख्स को दिखा। जी हाँ और उसने तुरंत पुलिस को उस पोस्ट की जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पता लगाया कि क्यों युवक ने सुसाइड किया था।

जी दरअसल, पुलिस को जो फेसबुक पोस्ट मिला है उसमें मृतक ने बताया कि पत्नी और उसके साले ने उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया था। आपको बता दें कि मृतक युवक का नाम रोहित राजपूत था और रोहित ने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखकर उसे फेसबुक पर पोस्ट किया था। हालाँकि इस पर किसी का भी ध्यान नहीं गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में रोहित ने लिखा है कि उसकी पत्नी और साले ने जबरदस्ती उसे गोमांस खिलाया। जब युवक ने गोमांस खाने से इनकार किया तो उसे वे लोग जान से मार डालने की धमकी देने लगे। हालाँकि फिलहाल सुसाइड नोट के आधार पर उधना थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी और साले के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

जी दरअसल रोहित ने सुसाइड नोट में लिखा, '''आज मैं इस दुनिया को छोड़कर जा रहा हूं। मेरी मौत का कारण मेरी बीवी सोनम और उसका भाई अख्तर अली है। मेरे सभी दोस्तों से अनुरोध है आप लोग मुझे इंसाफ दिलाना। मुझे जान से मारने की धमकी देकर गौ माता का मांस खिलाया गया। मैं अब इस दुनिया में जीने के लायक नहीं हूं। इसीलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। आपका अपना रोहित सिंह।'' आपको बता दें कि रोहित प्यार में इतना पागल हो गया था कि उसने घर वालों के खिलाफ जाकर सोनम से शादी कर ली थी।

Saturday, August 27, 2022

चीन के टैंकों का मुकाबला करने के लिए, भारत ने और टैंकों को सीमा पर भेजा


हल्के टैंकों को दुर्गम क्षेत्रों में एयरलिफ्ट किया जा सकता है और यह स्थानीय कमांडरों को तेजी से आगे बढ़ने और संचालन में चपलता प्रदान करने में सक्षम बनाता है।

चीन के टैंकों का मुकाबला करने के लिए, भारत ने और टैंकों को सीमा पर भेजा

भारतीय सेना ने चीन से निपटने के लिए एलएसी के लिए हल्के टैंक ‘जोरावर’ की खरीद में तेजी लाई

लद्दाख में सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन के शक्ति प्रदर्शन का मुकाबला करने के लिए और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन से बढ़ते खतरे के “भविष्य में” रहने की संभावना है, भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वदेशी रूप से निर्मित हल्के टैंकों को तैनात करने के लिए प्रोजेक्ट जोरावर शुरू किया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में उच्च पदस्थ अधिकारियों ने कहा कि टैंकों को शामिल करने से भारतीय सेना लद्दाख और कुछ अन्य क्षेत्रों में एलएसी पर तैनात चीनी टैंकों द्वारा उत्पन्न किसी भी खतरे का मुकाबला करने में सक्षम होगी। हल्के टैंकों को दुर्गम क्षेत्रों में एयरलिफ्ट किया जा सकता है और यह स्थानीय कमांडरों को तेजी से आगे बढ़ने और संचालन में चपलता प्रदान करने में सक्षम बनाता है।

जारी गतिरोध के दौरान, चीन ने पिछले साल एलएसी पर विभिन्न अग्रिम स्थानों पर विशेष रूप से लद्दाख क्षेत्र में हल्के टैंकों को शामिल किया था। इस कदम का विरोध करते हुए भारत ने अपने टी-90 और टी-72 टैंक तैनात कर दिए। T-90 का वजन लगभग 46 टन और T-72 का लगभग 45 टन है। हल्के टैंकों की आवश्यकता के बारे में बताते हुए, भारतीय पक्ष ने कहा कि बख्तरबंद कॉलम तत्परता में ताकत जोड़ते हैं और सेना आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह से चीन पर बढ़त बनाने की इच्छुक है।

भारतीय सेना अब लगभग 25 टन वजनी इन टैंकों के निर्माण के लिए सरकार से मंजूरी और आवश्यकता (एओएन) की स्वीकृति का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को सितंबर में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के बाद तीन साल के भीतर टैंकों का परीक्षण शुरू हो जाएगा। सरकार ने इस साल मार्च में पर्वतीय युद्ध के लिए स्वदेशी डिजाइन और हल्के टैंकों के विकास के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

सेना अपने नियमित टैंकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम प्रणालियों के समान मारक क्षमता, उच्च स्तर की स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करने के लिए सामरिक निगरानी ड्रोन का एकीकरण और एक साथ सक्रिय सुरक्षा प्रणाली के साथ 25 टन के अधिकतम वजन के साथ एक हल्का टैंक चाहती है। टैंक रोधी मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए टैंकों में एक सुरक्षा कवच भी होगा।

इसके अलावा, पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील सहित नदी के इलाके में क्रियान्वयन के लिए टैंक उभयचर होंगे। झील ने मई 2020 में भारत और चीन के बीच के क्षेत्र में कई अन्य गतिरोध बिंदुओं के साथ तनाव को ट्रिगर करते हुए पहला गतिरोध देखा।

परियोजना के शीर्षक के संबंध में, शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि इसका नाम एक सैन्य जनरल जोरावर सिंह कहलूरिया के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने जम्मू के राजा गुलाब सिंह के अधीन सेवा की थी – जिन्हें ‘लद्दाख के विजेता‘ के रूप में जाना जाता है। सूत्रों ने कहा कि पर्याप्त मारक क्षमता, सुरक्षा, निगरानी और संचार क्षमताओं के साथ उच्च शक्ति-से-वजन अनुपात वाला एक हल्का फुर्तीला मंच सेना को विभिन्न खतरों और विरोधियों के उपकरण प्रोफाइल के खिलाफ अलग-अलग इलाकों में संचालन निष्पादित करने की बहुमुखी प्रतिभा प्रदान करने के लिए आवश्यक है, सूत्रों ने कहा। यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण रक्षा संबंधी उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के बाद देश के भीतर हल्के टैंकों के निर्माण का निर्णय भी लिया गया था।

Friday, August 26, 2022

‘मेरे लिए पार्टी से पहले धर्म रक्षा जरूरी’: BJP से निलंबित MLA टी राजा सिंह बोले- हमेशा मोदी का विश्वस्त रहूँगा, बेल दिलाने वाले वकील को भी मिल रही धमकी


टी राजा सिंह का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। वह हमेशा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सच्चे सैनिक रहेंगे। लेकिन उनके लिए धर्म की रक्षा पहले है।

टी राजा सिंह

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निलंबित विधायक टी राजा सिंह बेल मिलने के बाद रिहा हैं। कट्टरपंथी दोबारा वीडियो के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं इस बीच उनका कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। वह हमेशा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सच्चे सैनिक रहेंगे। लेकिन उनके लिए धर्म की रक्षा पहले है।

 “मेरे लिए पार्टी से ज्यादा, धर्म को बचाना जरूरी है।” उन्होंने विवादित वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे।

टी राजा सिंह की वीडियो, गिरफ्तारी और बेल

बता दें कि टी राजा सिंह पहले मुनव्वर फारूकी के शो के विरोध में आवाज उठा रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने अपनी वीडियो बनाई और उसमें इस्लाम व बुजुर्ग व्यक्ति के बारे में बात करने लगे। इसी वीडियो को देख मुस्लिमों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद वह सभी सैंकड़ों की भीड़ जुटाकर सड़कों पर आ गए।

टी राजा सिंह के खिलाफ दबीरापुरा और मंगलहाट पुलिस थानों में अलग-अलग केस दर्ज हुआ। उनपर दो संप्रदाय को भड़काने के आरोप लगे। मंगलवार की सुबह उनकी गिरफ्तारी हुई, दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित किया और फिर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा।

मंगलवार की शाम में ही राजा सिंह के वकील ने उनकी रिहाई के लिए बेल याचिका दी। इसमें बताया गया कि कैसे उनको बिन नोटिस दिए गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दलील को स्वीकारा और बेल मंजूर की।

टी राजा सिंह के रिहा होने के बाद राज्य में बवाल, वकील को भी UAE से धमकी मिली

राजा सिंह के रिहा होते ही हैदराबाद में चारों ओर दोबारा विरोध शुरू हो गया। कट्टरपंथी बाहर सड़कों पर आए और दोबारा हर जगह ‘सर तन से जुदा गूँजने लगा।’ इसी दौरान राजा सिंह के वकील को यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी आई।

हैदराबाद के शालीबांदा में तो पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प की घटना घटी। पुलिस वैन में भी कथिततौर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाजारों से दुकानें जबरन बंद कराने की, राजा सिंह के पोस्टर्स पर चप्पल मारने की, उनका पुतला जलाने की घटना भी प्रकाश में आई।

‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: टी राजा सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी, पुलिस के सामने लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे, BJP नेता गिरफ्तार


टी राजा सिंह के विरुद्ध कार्रवाई की माँग के अलावा कट्टरपंथियों ने सड़कों पर उतरकर 'सर तन से जुदा', नारा-ए-तकबीर जैसे नारे लगाए।

टी राजा सिंह गिरफ्तार

तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनपर कट्टरपंथियों ने आरोप लगाया है कि उनकी वीडियो में पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया गया।

वीडियो सोमवार रात मुनव्वर फारूकी के शो के खिलाफ बनाई गई थी। इसी में टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद को और उनके निकाह लेकर विवादित टिप्पणी की। इसे देखने के बाद मुस्लिम भड़क गए और देर रात सड़कों पर कट्टरपंथियों की ऐसी भीड़ देखने को मिली जो ‘खुलेआम सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी।

एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सैयद कशफ द्वारा इस भीड़ का नेतृत्व किया गया और हैदराबाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा-सर तन से जुदा’ के नारे लगते रहे। कशफ को कहते सुना गया, “हैदराबाद को हम लोग कंट्रोल करते हैं।”

कट्टरपंथियों की यह भीड़ पूरी रात सड़क पर डटी थी और सुबह होने पर इन्होंने नमाज पढ़ी। फिर अपनी माँग करने लगे। वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के संज्ञान में आते ही ये केस दायर किया।

दबीरापुरा थाने में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505 (1)(b)(c), 505 (2), 506 के तहत केस को दर्ज हुआ और आज सुबह टी राजा सिंह की गिरफ्तारी हुई।

टी राजा सिंह ने इस बीच ये बयान भी दिया कि उन्होंने अपनी वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। उनकी वीडियो को गलत लिया जा रहा है। इसलिए वह एक और वीडियो साझा करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है।

बता दें कि टी राजा सिंह ने हैदराबाद में मुनव्वर फारूकी का शो रद्द करवाने के लिए लगातार बयान दे रहे थे। लेकिन सोमवार को उन्होंने फारूकी की हिंदूविरोधी कॉमेडी पर निशाना साधते हुए एक वीडियो बनाई और जिसमें बात करते करते वह एक बुजुर्ग व्यक्ति की बात बताने लगे। मुस्लिमों ने उसे सीधा पैगंबर मोहम्मद से जोड़ा और सैंकड़ों की तादाद में सड़कों पर आ गए।

Wednesday, August 24, 2022

पाकिस्तान के लिए 'भस्मासुर' बना TTP आतंकी संगठन, जमीन से लेकर पानी तक बड़े जंग की तैयारी


TTP Alert: पाकिस्तान के लिए 'भस्मासुर' बना यह आतंकी संगठन, जमीन से लेकर पानी तक बड़े जंग की तैयारी!

आतंकवाद और आतंकवादियों को कभी भारत के खिलाफ बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब खुद उससे परेशान है. पाकिस्तान पिछले 3-4 साल में कई आतंकवादी हमले हुए हैं और सैकड़ों बेगुनाहों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. पाक के लिए सबसे बड़ा खतरा तहरीक-ए-तालिबान बन चुका है. यह आतंकी सगंठन समय-समय पर पाकिस्तानी सेना और आम लोगों को निशाना बनाता रहता है. अब इसने एक वीडियो जारी करते हुए पाकिस्तानी सेना को खुली चुनौती दी है. इस वीडियो में आतंकियों ने जमीन से लेकर पानी तक में जंग लड़ने की अपनी तैयारी को दिखाया है. इसमें आतंकी नौसेनिक युद्ध का प्रशिक्षण लेते दिख रहे हैं. इनके पास अमेरिका के कई अत्याधुनिक हथियार भी हैं.

टीटीपी के नए वीडियो ने बढ़ाई चिंता

टीटीपी के इस वीडियो में उसके आतंकी अमेरिकी हथियारों के अलावा हैवी मशीनगन, रॉकेट लॉन्चेर और अन्यक घातक राइफल के साथ दिख रहे हैं. इनके पास बड़ी मात्रा में पाकिस्ता्न हथियार भी मौजूद हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि अफगानिस्ताकन में तालिबान के सत्ताह में आने के बाद विभिन्नं देशों में इस तरह के घातक हथियारों की खेप बढ़ गई है. बताया जाता है कि ये आतंकी संगठन सबसे पहले स्वा त घाटी में घुसा था. धीरे-धीरे इसने यहां अपना खौफ जमा लिया.

खैबर पख्तूअनख्वा के सीएम देते हैं हफ्ता

टीटीपी आतंकी संगठन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान के कबायली इलाके खैबर पख्तूानख्वा  प्रांत के सीएम इन आतंकियों को हफ्ता देते हैं. इस संबंध में हाल ही में खुलासा हुआ था. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह संगठन अब तक 83 हजार से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार चुका है. ये संगठन पाकिस्तान को जिहादी देश बनाने की फिराक में है और इसकी नजर परमाणु बम पर है.

टीटीपी ने पाकिस्तान के सामने रखी तीन शर्तें

हाल ही में लगातार होते हमलों से परेशान पाक सरकार ने टीटीपी से बातचीत की शुरुआत की थी. पाकिस्तातन के साथ बातचीत में इस आतंकी संगठन ने अपनी तीन मांगें रखी हैं. इनकी मांग ये है कि उन्हें हथियार रखने, सेना को बनाए रखने और जिन क्षेत्रों पर उसका नियंत्रण है, वहां व्याापक स्‍वायत्तसता दी जाए. इस बीच पाकिस्तांन की सेना ने संसदीय समिति के सामने स्पष्ट किया है कि वह इन तीनों ही मांगों को नहीं मानेगी. वहीं चर्चा ये भी है कि अपने कबायली इलाके पश्तून को पाकिस्तान सरकार इस आतंकी संगठन को सौंपना चाहती है. 

परम तत्व दर्शन