Thursday, October 6, 2022

उत्तर कोरिया ने दागी बैलेस्टिक मिसाइल, भारत का जवाब जानकार चौंक गया किम जोंग उन


उत्तर कोरिया ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च की. यह मिसाइल जापान के ऊपर से गुजरते हुए प्रशांत महासागर के अमेरिकी क्षेत्र वाले गुआम में जाकर गिरी. पिछले पांच साल में यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल दागी है. 25 सितंबर के बाद से उत्तर कोरिया सात बैलेस्टिक मिसाइल छोड़ चुका है. उत्तर कोरिया ने पिछले एक साल में 35 से ज्यादा मिसाइलें लॉन्च की हैं. 

उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ आते हुए भारत ने कहा कि हम इस मिसाइल लॉन्च की कड़ी निंदा करते हैं. इस तरह के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च से उस क्षेत्र के साथ-साथ वैश्विक शांति और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ेगा. संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने बुधवार को डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया को लेकर सुरक्षा परिषद के बैठक में कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की चिंताजनक खबरें हमारे संज्ञान में है.  उत्तर कोरिया ने इससे पहले भी मार्च में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी जिसको लेकर काउंसिल ने विस्तार से चर्चा की थी.

संयुक्त राष्ट्र की ब्रांड एंबेसडर लिंडा थोमस ग्रीनफील्ड ने अल्बानिया, ब्राजील, फ्रांस, इंडिया, आयरलैंड, जापान, नार्वे, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब आमीरात, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका की ओर से संयुक्त बयान जारी किया गया. बयान में कहा गया है कि चार अक्टूबर को डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की ओर से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइल जापान के ऊपर से गुजरी है, हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. बयान के अनुसार 25 सितंबर के बाद से उत्तर कोरिया सात बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण कर चुका है. सिर्फ इस साल उत्तर कोरिया 35 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण कर चुका है.

संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस तरह के मिसाइल परीक्षण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है. ये सिर्फ उस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व समुदाय की सुरक्षा और शांति के लिए खतरा है. 11 देशों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने अप्रैल और सितंबर में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे, जब उसके नेता ने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों में तेजी लाने का संकेत दिया था. अमेरिकी राजदूत ने कहा कि संयुक्त बयान में शामिल सभी देश कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध हैं और उत्तर कोरिया से बातचीत पर लौटने की अपील करते हैं. थॉमस ग्रीनफील्ड ने कहा अगर उत्तर कोरिया वैश्विक व्यवस्था को कमजोर करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धमकी देने का काम करता रहेगा तो हम चुप नहीं रहेंगे. ग्रीनफील्ड ने सदस्य देशों से सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करने का आह्वान किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटिनियो गुटेरस ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण सुरक्षा प्रस्तावों का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ान या समुद्री सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार से विचार नहीं करना गंभीर चिंता का विषय है. गुटेरस ने कोरियाई द्वीप में शांति स्थापित करने के लिए उत्तर कोरिया से कूटनीति स्तर से बातचीत करने का आग्रह किया. 

कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारतीय प्रतिनिधि कंबोज ने कहा, कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारे सामूहिक हित में है. हम कोरियाई प्रायद्वीप में मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन जारी रखेंगे. संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा, इस तरह के मिसाइल लॉन्च सुरक्षा परिषद द्वारा डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया से संबंधित प्रस्तावों का उल्लंघन है. भारत सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अमल करने पर जोर देता है. इस तरह के प्रक्षेपण भारत समेत विश्व की सुरक्षा और शांति को प्रभावित करते हैं. कंबोज ने कहा पूरा दक्षिण क्षेत्र पहले से ही मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और संबंधित चुनौतियों से प्रभावित है. इसलिए शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी प्रयास जारी रखना महत्वपूर्ण है.

Wednesday, October 5, 2022

आदिवासी समाज की मांग, पूरे देश में बैन हो रावण दहन, राष्ट्रपति को लिखा पत्र


जहां एक ओर आज पूरा देश असत्य पर सत्य की जीत का त्योहार दशहरा रावण दहन करके मना रहा है.

आदिवासी समाज की मांग, पूरे देश में बैन हो रावण दहन, राष्ट्रपति को लिखा पत्र

ओपी तिवारी/सूरजपुर: जहां एक ओर आज पूरा देश असत्य पर सत्य की जीत का त्योहार दशहरा रावण दहन करके मना रहा है. वहीं सूरजपुर जिले का एक तबका पिछले कई वर्षों से रावण दहन का विरोध कर रहा है और इस परंपरा को बंद करने के लिए कलेक्टर से लेकर राष्ट्रपति तक लिखित मांग कर चुका है.

दरअसल सूरजपुर जिला आदिवासी बहुल जिला है. यहां के आदिवासी अपनी अलग रीति-रिवाज और परंपरा के लिए जाने जाते हैं. जिले में एक आदिवासी वर्ग ऐसे भी हैं, जो रावण को अपना इष्ट देवता मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं. यही वजह है कि यह समाज पिछले कई सालों से रावण दहन का विरोध कर रहा है और कलेक्टर, राज्यपाल और राष्ट्रपति तक से लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे देश में रावण दहन की परंपरा को बंद करने की मांग की है.

विश्व के सबसे बड़े ज्ञानी थे
आदिवासियों की मानें तो उनके अनुसार रावण उनका इष्ट देवता होने के साथ विश्व के सबसे बड़े ज्ञानी भी है. वे रावण दहन के विरोध पर संविधान के अनुच्छेद 153 और 198 की भी बात करते हैं. उनके अनुसार इस अनुच्छेद में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि हर व्यक्ति को अपने परंपरा के अनुसार अपना धर्म मानने की आजादी है. यह आदिवासी समाज पिछले कई वर्षों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग कर रहा है लेकिन मांग ना पूरी होने की स्थिति में अब वह आंदोलन की बात कर रहे हैं.

आदिवासियों को बहलाया
वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार सभी आदिवासी रावण दहन का विरोध नहीं करते हैं, बल्कि कुछ अज्ञानी लोग हैं जो अपना निजी स्वार्थ साधने के लिए भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर गुमराह कर रहे हैं.

बता दें कि धर्म एवं परंपरा को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन इन आदिवासी समूहों के द्वारा रावण दहन पर पाबंदी की मांग ने एक नई बहस की शुरुआत कर दी है।

Monday, October 3, 2022

आस मोहम्मद नाम बदलकर मंदिर में घुसा, महामंडलेश्वर की हत्या की साजिश नाकाम!


दिल्ली से सटे गाजियाबाद में बेहद गंभीर मामला सामने आ रहा है। यहां एक विशेष संप्रदाय का युवक नाम बदलकर मंदिर में घुसा और पिस्टल, चाकू व कटर के साथ पकड़ा गया।

गाजियाबाद के इकला मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी प्रबुद्ध आनंद गिरि जी घटना की जानकारी देते हुए। 

दिल्ली (Delhi) से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) में बेहद गंभीर मामला सामने आ रहा है। यहां एक विशेष संप्रदाय का युवक नाम बदलकर मंदिर में घुसा और हथियारों के साथ पकड़ा (Caught With Weapons) गया। उसके पास से पिस्टल और तेजधार हथियार बरामद किए गए हैं। महामंडलेश्वर का आरोप है कि आरोपी उनकी हत्या (Murder) करना चाहता था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर एटीएस (ATS) ओर आईबी (IB) को पूरे मामले से अवगत करा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थाना मसूरी इलाके में स्थित इकला मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी प्रबुद्ध आनंद गिरि जी मौजूद थे। इस दौरान सेवादारों ने एक संदिग्ध युवक को देखा। जब उसका नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम समीर बताया। जब सेवादारों ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से पिस्टल, चाकू और कटर आदि बरामद हुआ। यह देखते ही मंदिर परिर में हड़कंप मच गया।

सेवादारों ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना नाम आस मोहम्मद बताया। सेवादारों ने तुरंत पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां महामंडलेश्वर आनंद गिरी जी ने कहा कि इस संदिग्ध युवक ने बताया कि उसने एक लाख रुपये में महामंडलेश्वर की सुपारी ली थी। उन्होंने कहा कि उन पर पहले भी हत्या प्रयास किया जा चुका है। गनीमत रही कि मंदिर में मौजूद सेवादारों ने उस युवक को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी आस मोहम्मद को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही एटीएस और आईबी को भी पूरी घटना की जानकारी दे दी गई है।

Saturday, October 1, 2022

केरल में PFI के निशाने पर थे संघ के पांच नेता, केंद्र देगा 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा


PFI की हिट लिस्ट में 5 आरएसएस नेताओं के नाम, मिलेगी Y श्रेणी सुरक्षा

RSS leaders in Kerala on PFI hitlist get high-level security | केरल में PFI के निशाने पर थे संघ के पांच नेता, केंद्र देगा 'वाई' श्रेणी की सुरक्षाकेरल के पांच आरएसएस नेता हैं पीएफआई के निशाने परसंघ नेताओं को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करेगा केंद्रकेंद्र सरकार ने पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है।

नई दिल्ली: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हाल ही में एनआईए और आईबी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी है जिससे पता चला है कि केरल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच बड़े नेता पीएफआई के निशाने पर थे। 

बीते 21 सितंबर की रात सुरक्षा एजेंसियों ने देश भर में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद पीएफआई के सदस्य मोहम्मद बशीर के ठिकाने से एनआईए को आरएसएस नेताओं की सूची मिली थी जिसमें  5 नेताओं को जान से मारने का उल्लेख था। केरल में संघ के जिन नेताओं को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जान का खतरा था उन्हें अब गृह मंत्रालय ने Y कैटेगरी की सुरक्षा दी है। अब इन नेताओं की सुरक्षा में आठ सुरक्षा कर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। ये सुरक्षा कर्मी तीन शिफ्ट में संघ के नेताओं को सुरक्षा देंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है। इस संगठन पर कथित रूप से आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों के साथ संपर्क रखने और देश में सांप्रदायिक नफरत फैलाने की कोशिश का आरोप है।  एनआईए, ईडी और राज्यों की पुलिस ने मिलकर देशभर में पीएफआई के ठिकानों पर 21 सितंबर की रात और 27 सितंबर को छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों को छापे के दौरान PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे। इसके आधार पर गृह मंत्रालय ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। केंद्र सरकार ने यूएपीए के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उससे जुड़े कुल नौ संगठनों को "गैरकानूनी" घोषित किया है।

पीएम मोदी भी थे पीएफआई के निशाने पर

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के निशाने पर सिर्फ संघ के नेता ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी भी थे। इस साल जुलाई में बिहार की राजधानी पटना में पीएफआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए संगठन ने पटना में ट्रेनिंग कैंप भी लगाया था और कई सदस्यों को ट्रेनिंग देने का काम किया। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में अच्छी खासी पकड़ रखने वाले इस संगठन ने हवाला के जरिए विदेशों से पैसे भी जुटाए थे। 

Saturday, September 24, 2022

जैसे कश्मीर से भगाया, वैसे ही लेस्टर से ‘हिंदू कुत्तों’ का सफाया करो: 9 परिवारों का पलायन, कट्टरपंथियों के आतंक के कारण घरों से हिंदू-प्रतीक गायब

लेस्टर में हिंदू परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। 9 हिंदू परिवारों ने पलायन कर लिया है। कट्टरपंथी मुस्लिमों के आतंक से वे अपने घरों के बाहर हिंदू-प्रतीक तक नहीं लगा पा रहे।

लेस्टर हिंदु कट्टरपंथी
लेस्टर से हिंदुओं का सफाया करने के लिए सोशल मीडिया से जुटाई जा रही भीड़

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) शहर में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं और मंदिरों पर हमला करने के बाद से वहाँ डर का माहौल है। इस बात का खुलासा हेनरी जैक्सन रिसर्च फेलो शार्लोट लिटिलवुड (Charlotte Littlewood) ने GB News से बातचीत में किया है। उन्होंने बताया कि लेस्टर में हिंदू परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। 9 हिंदू परिवारों ने पलायन कर लिया है। वहाँ कट्टरपंथी मुस्लिमों के आतंक से वे अपने घरों के बाहर हिंदू-प्रतीक तक नहीं लगा सकते।

लिटिलवुड ने एंकर को बताया कि लेस्टर में हिंदू डर के साए में जी रहे हैं। उन्हें उनके घरों के बाहर हिंदू-प्रतीक तक नहीं लगाने दिया जा रहा है। डर की वजह से 9 हिंदू परिवारों ने पलायन कर लिया है। लिटिलवुड ने 5.22 मिनट के वीडियो में (50 सेकंड से 1.51 मिनट तक) कहा, “हमने देखा कैसे कट्टरपंथी लोगों ने हिंदुओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। हिंदू भारतीयों के खिलाफ इतनी बड़ी संख्या में इन लोगों ने प्रोटेस्ट किया। इससे हिंदू बेहद डरे हुए हैं।”

इस मामले से जुड़ी जानकारी देते हुए उन्होंने न्यूज चैनल को (4.05 से 5.10 मिनट के बीच) बताया, “लेस्टर में हमने जो सड़कों पर हिंसा देखी उसके लिए कट्टपंथियों का आह्वान किया गया था। हमने खुद 30 से 200 लोग सड़कों पर उतरे देखे। इनमें आधे से ज्यादा लेस्टर के बाहर से बुलाए गए थे।”

लिटिलवुड ने आगे कहा, “अब सोशल मीडिया पर आएँ तो विभिन्न सोशल मीडिया अकॉउंट्स से हजारों पोस्ट किए गए थे। इनमें हिंदुओं को काटने के लिए, उन्हें साफ करने के लिए कहा गया था। पोस्ट में कहा जा रहा था, ‘जैसे हमने हिंदुओं का कश्मीर से सफाया किया वैसे ही यहाँ भी करो।’ इसके अलावा पोस्ट में लिखा था, इन (हिंदू) कुत्तों को कुचलो/दबाओ।“

लिटिलवुड ने कहा कि इस तरह के संदेशों का बार-बार दिखना बेहद दुखद है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी समूह द्वारा ये सब निस्संदेह सुनियोजित ढंग से किया गया। इन सबका नेतृत्व उन कट्टरपंथी इन्फ्लुएंसरों ने किया जिनके यूट्यूब पर लाखों सब्सक्राइबर हैं। ये लोग अपने समुदाय के लोगों को लेस्टर बुला रहे थे। इनका अगला टारगेट लंदन में स्थित भारत उच्चायोग हो सकता है।

लेस्टर में हिंदू विरोधी हिंसा

बता दें कि इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू लोगों पर हमला करने के मामले में एडम यूसुफ (Adam Yusuf) नाम के शख्स को एक साल की सजा सुनाई गई है। 18 सितंबर 2022 को लेस्टर में हिंदू लोगों पर हमले (मेनस्ट्रीम मीडिया इसे प्रदर्शन बता रही) में चाकू ले जाने का जुर्म कबूल करने के बाद लेस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे एक साल की जेल की सजा दी है। इस मामले में 2 दिन में सुनाई गई यह दूसरी सजा है।

इससे पहले 20 वर्षीय ऐमॉस नोरोन्हा (Amos Noronha) को प्रतिबंधित हथियार रखने का दोषी पाया गया था। ऐमॉस नोरोन्हा को सोमवार (20 सितंबर 2022) को 10 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। शहर में अशांति फैलाने के आरोप में 28 अगस्त से अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो लोगों को शनिवार (17 सितंबर 2022 ) और रविवार (18 सितंबर 2022) को गिरफ्तार किया गया था।

Monday, September 19, 2022

धार्मिक प्रतीक देख घरों और गाड़ियों को चिह्नित किया, फिर हिन्दुओं पर किया हमला: इंग्लैंड में मुस्लिम भीड़ ने ऐसे बरपाया कहर, पुलिस के सामने ही घटनाएँ


इस बार भी इस्लामवादियों ने प्रतीक चिह्नों के सहारे हिन्दुओं की पहचान करते हुए हमला किया है। इस हिंसा की आग में लीसेस्टर एक बार फिर जल रहा है, और इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ हिन्दू थे।

लीसेस्टर हिंदू हिंसा

एशिया कप में 28 अगस्त को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। इस मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से मुस्लिमों के अंदर गुस्सा भरा हुआ था। इसके बाद जब 4 सितंबर को पाकिस्तान ने भारतीय क्रिकेट टीम को हरा दिया तो यूनाइटेड किंगडम के लीसेस्टर शहर में मुस्लिमों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर हिन्दुओं और उनके घरों की पहचान करके हमला किया था। इस हमले के चलते अगले 3-4 दिनों तक (7 सितंबर, 2022 तक) हिंसक घटनाएँ सामने आ रहीं थीं।

हिन्दुओं को टारगेट कर उन पर हुए इस हमले के विरोध में शुक्रवार (16 सितंबर) की शाम हिंदुओं ने प्रदर्शन किया था। लेकिन, शांति मार्च कट्टरपंथी इस्लामवादियों को पसंद नहीं आया। जिसके बाद, हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन में इस्लामवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में हिंदुओं पर काँच की बोतलें तक फेंकी गईं थीं। यही नहीं, इन कट्टरपंथियों को हिन्दुओं से इतनी नफरत थी कि उन्होंने पुलिस के सामने ही भगवा ध्वज का भी अपमान किया था।

इसके बाद, हिन्दुओं पर एक बार फिर हमला करने के उद्देश्य से शनिवार (17 सितंबर, 2022) को लीसेस्टर में हजारों की संख्या में इस्लामी ‘हमलावर’ इकट्ठा हुए। इस बार भी इस्लामवादियों ने प्रतीक चिह्नों के सहारे हिन्दुओं की पहचान करते हुए हमला किया है। इस हिंसा की आग में लीसेस्टर एक बार फिर जल रहा है, और इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ हिन्दू थे।

स्थानीय हिन्दू संगठन ‘Insight UK’, जो वहाँ हिन्दुओं के मुद्दे उठाता है, ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा है कि 6 सितंबर लीसेस्टर के हिन्दुओं के खिलाफ हमलों की लगातार तीसरी रात थी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम सड़कों पर उतरे हुए थे। ये सभी हिंदू घरों की पहचान ओम, भगवा झंडे, भगवान गणेश की तस्वीर आदि से कर रहे थे। जिस घर में इन्हें हिन्दू प्रतीक चिह्न दिखाई देता था, उस पर ये हमले कर रहे थे। इन हमलों के बाद क्षेत्र का प्रत्येक हिन्दू भय के साये में जी रहा था।

बंगाल में ममता को जोर का झटका, नंदीग्राम कोऑपरेटिव चुनाव में BJP की बंपर जीत, केवल खाता खोल पाई TMC


Big blow to Mamata Banerjee, BJP swepts cooperative body election in Nandigram, TMC wins only one seat

Bhekutia Samabay Krishi Samity Election : 2021 मई में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जोरदार प्रदर्शन करने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। ममता को यह झटका भारतीय जनता पार्टी ने नंदीग्राम के भेकुटिया सहकारी कृषि विकास समिति के चुनाव में दी है। इस चुनाव में भाजपा ने 12 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की है। टीएमसी यहां किसी तरह अपना खाता खोल पाई है। उसे महज एक सीट पर जीत मिली है। नंदीग्राम कभी टीएमसी का गढ़ हुआ करता था लेकिन सुवेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद इस इलाके में अब अधिकारी एवं भाजपा का प्रभाव एवं दबदबा बढ़ गया गया है। 

विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंद्रीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर अधिकारी ने ममता को हराया। इस चुनाव के नतीजे रविवार को घोषित हुए। 

पिछले महीने टीएमसी ने दर्ज की बड़ी जीत
नंदीग्राम में हाल के दिनों में भाजपा और टीएमसी के बीच चुनावी जंग काफी दिलचस्प रही है। पिछले महीने नंदीग्राम-2 ब्लाक के चुनाव में टीएमसी को बड़ी जीत मिली। इस चुनाव में टीएमसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 सीटें जीतीं। इस चुनाव में माकपा को एक सीट मिली जबकि भाजपा का खाता नहीं खुल सका। यही नहीं कोंटाई एवं सिंगूर में टीएमसी की एकतरफा जीत हुई।

टीएमसी-भाजपा ने लगाया हिंसा का आरोप
रविवार को संपन्न यह चुनाव भी हिंसा से दूर नहीं रहा। दोनों ही पार्टियों ने एक दूसरे पर हिंसा का आरोप लगाया। भाजपा ने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित एवं बाधित करने के लिए टीएमसी ने बाहर से लोगों को बुलाया तो वहीं, टीएमसी ने इसी तरह के आरोप सुवेंदु अधिकारी पर लगाए। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पंचायत समिति का एक स्थानीय सदस्य जिसने टीएमसी से होने का दावा किया, टेलीविजन पर देखा गया कि कुछ महिलाओं ने उससे बदसलूकी की। महिलाओं ने कथित रूप से उसकी कमीज फाड़ दी। हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे महिलाओं से छुड़ाया। 

इसे बड़ी जीत के रूप में पेश कर रही BJP 
कोऑपरेटिव चुनाव में मिली इस जीत को भाजपा एक बड़े विजय के रूप में पेश कर रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि बंगाल में टीएमसी एवं ममता बनर्जी की पकड़ ढीली पड़ रही है। तो वहीं, टीएमसी नेताओं का कहना है कि पिछले महीने नंदीग्राम के हनुभूनिआ, घोलपुकूर एवं बिरुलिया को कोऑपरेटिव चुनाव में पार्टी को बड़ी जीत मिली। इन चुनावों में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। टीएमसी नेताओं ने कहा कि इस बार चुनाव में पार्टी को उन जगहों पर भी जीत मिली जहां 2021 के विस चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा।  

परम तत्व दर्शन