पाकिस्तानी वायुसेना ने गुरुवार को अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। अफगानिस्तान के एक अखबार ने एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है।
अखबार के मुताबिक ये हवाई हमले टीटीपी का गढ़ माने जाने वाले नांगरहार प्रांत के सलाला गुश्ता कस्बे में किए गए हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस हवाई हमले में एक डेयरी में काम करने वाले चार नागरिकों की मौत हो गई है. इनमें एक बच्चा है। अभी तक इस हवाई हमले के बारे में पाकिस्तानी सेना या अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कुछ नहीं कहा है।
रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया इनपुट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एक दिन में दो बार अफगानिस्तान में हवाई हमले किए। पहला हमला गुरुवार तड़के और दूसरा सुबह करीब 11 बजे किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान कोई फायरिंग नहीं हुई, सिर्फ ऊंचाई से बमबारी की गई।
पाकिस्तान में टीटीपी के हमले बढ़ रहे हैं। अब राजधानी इस्लामाबाद भी उनके कब्जे में आ गया है। पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में फिदायीन हमला हुआ था। इसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए।
इसके बाद शाहबाज शरीफ ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई। मुलाकात के बाद गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा- पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. अगर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने टीटीपी को नहीं रोका तो हम अफगानिस्तान में घुसकर इन आतंकियों को मार गिराएंगे। इसके बाद गुरुवार को एयर स्ट्राइक की खबर आई।
राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नूतन हरदो गांव के 47 परिवारों को यह दावा करते हुए नोटिस भेजा है कि निवासियों के घर अतिक्रमण की गई भूमि पर बने हैं, जिनमें से 44 मुस्लिम हैं।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नूतन हरदो गांव में कम से कम 44 मुस्लिम परिवारों को उनके घर खाली करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का दावा है कि घर "अतिक्रमित भूमि" पर बनाए गए हैं। यह पूरे भारत में भाजपा शासित सरकारों द्वारा शुरू की गई विध्वंस की एक श्रृंखला है।
दो हलकों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कुशीनगर की पडरौना तहसील के नूतन हरदो गांव के 47 परिवारों को बेदखली का नोटिस भेजा है, जिनमें से 44 मुस्लिम हैं। इस बीच, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि 25 दिसंबर को, लेखपाल (राजस्व अधिकारी) उनके गांव आए और नोटिस देने के दौरान भी ग्रामीणों के कुछ घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की, जो एक घोर अवैध कार्य था।
नूतन हरदो गांव की 60 वर्षीय सईदा बानो ने TwoCircles.net को बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से गांव में रह रहा है और फिर भी उन्हें बेदखली का नोटिस दिया गया। यह पूछे जाने पर कि उन्हें बेदखली का नोटिस क्यों दिया गया है, सईदा ने कहा, "हम मुसलमान हैं और इसलिए हमें यह निष्कासन नोटिस दिया गया है।"
पूरे उत्तर भारत की तरह उत्तर प्रदेश में भी इस सप्ताह 8-18 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। सईदा ने कहा कि कई अन्य लोगों को भी बेदखली का नोटिस दिया गया है, जिनमें वृद्ध लोग भी शामिल हैं। ''इतनी ठंड में कहां जाएंगे? हमारे पास कोई और जगह नहीं है,” उन्होंने कहा।
अपना नाम न छापने का अनुरोध करने वाली एक अन्य महिला ने मीडिया को बताया कि उन्हें छह दिनों में अपना घर खाली करने या परिणाम भुगतने के लिए कहा गया है। सामान्यत: ऐसे मामलों में कम से कम एक माह से तीन माह तक का समय अनिवार्य रूप से दिया जाता है।
राज्य प्रशासन द्वारा की जा रही अराजकता में अन्य ग्रामीणों की संलिप्तता गहरी चिंता का कारण है। उन्होंने कहा, “पुलिस के साथ कुछ ग्रामीणों ने हमारे घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की और उन्हें लूट भी लिया। पुलिस हिंदुओं के कब्जे वाली निकटतम बस्ती में नहीं गई और न ही उनके घरों को तोड़ा गया और न ही उनकी दुकानों को लूटा गया।
अपने नोटिस में प्रशासन का दावा है कि जिन लोगों को शिफ्ट करने के लिए कहा गया है, वे "अतिक्रमित भूमि" पर रह रहे हैं। यह एक विवादास्पद बिंदु है कि क्या राज्य/सरकार को व्यक्तियों को बेघर करने से पहले ऐसे दावों का पर्याप्त प्रमाण या समय प्रदान करने की आवश्यकता है।
न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में सभी अतिक्रमणकारियों को सूचित किया जाता है कि वे अपने-अपने घरों में रखी सामग्री को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करें। अनुपालन न करने की स्थिति में, आप अनुवर्ती कार्रवाई के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। आदेशानुसार: तहसीलदार पडरौना, “नोटिस में कहा गया है।
पाकिस्तान ने बड़े अरमानों के साथ तालिबान (Taliban) को पाला था. उसे उम्मीद थी कि अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे के बाद तालिबान उसके पिट्ठू के रूप में काम करेगा. लेकिन अब वही तालिबान उसे औकात बताने में लगा है. पाकिस्तानी नेताओं की ओर से TTP आतंकियों के सफाये के लिए अफगानिस्तान में घुसकर हमला करने के बयानों पर तालिबान ने पलटवार किया है. तालिबान ने भारतीय सेना की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर कर कहा है कि जैसे भारत ने वर्ष 1971 में पाकिस्तान को पीटकर इतिहास बनाया था, वैसा ही इतिहास अफगानिस्तान पर हमला करने पर फिर दोहरा दिया जाएगा.
तालिबान ने यूं छिड़का पाकिस्तान के जख्मों पर नमक
तालिबान (Taliban) के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर अहमद यासिर ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर किया है. इस फोटो में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के कमांडर रहे जनरल नियाजी भारतीय सेना के जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के आगे सरेंडर पेपर पर साइन कर रहे हैं. उनके पीछे भारतीय वायु सेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी खड़े हुए हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली लड़ाई थी, जब 93 हजार सैनिकों ने एक साथ हथियार डाल दिए थे. भारतीय सेना ने अपने दिल्ली आर्मी हेडक्वार्टर में यह तस्वीर लगाई हुई है, जहां पर आर्मी चीफ दूसरे देशों से आने वाले सेना प्रमुखों से मुलाकात करते हैं. पाकिस्तानी सेना को आज भी यह हार बहुत सालती है और उसके अधिकारी इस पर कोई जवाब नहीं दे पाते.
'दोबारा सरेंडर एग्रीमेंट के लिए होना पड़ेगा तैयार'
अहमद यासिर ने इस तस्वीर के साथ कैप्शन लिखकर पाकिस्तान को धमकी भी दी. यासिर ने लिखा, 'पाकिस्तान के गृह मंत्री, बहुत बढ़िया सर. अफगानिस्तान (Afghanistan) न तो सीरिया है और न ही पाकिस्तान कोई तुर्की है, जो सीरिया में घुसकर जब चाहे कुर्दों के ऊपर मिलिट्री अटैक कर दें. अफगानिस्तान खुद पर गर्व करने वाले कई बड़े साम्राज्यों का कब्रिस्तान रहा है. अफगानिस्तान के ऊपर हमला करने की न सोचें वरना जिस तरह भारत के साथ सरेंडर एग्रीमेंट पर साइन किए थे, उस तरह का एग्रीमेंट फिर करने को मजबूर होना पड़ेगा.'
'अफगानिस्तान में कोई टीटीपी आतंकी नहीं'
इस तस्वीर के जरिए पाकिस्तान की दुखती रग को दबाने के साथ ही तालिबान (Taliban) ने उसे सोमवार को दूसरा झटका भी दिया. तालिबान ने कहा कि अफगानिस्तान में TTP के कोई ठिकाने नहीं है. पाकिस्तान के जो भी नेता इन कथित ठिकानों को नष्ट करने के नाम पर अफगानिस्तान (Afghanistan) पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं, वह गलत और भड़काऊ है और तालिबान इस स्थिति को हर्गिज सहन नहीं करेगा.
'अफगानिस्तान में हमले कर सकता है पाकिस्तान'
बताते चलें कि पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह खान ने हाल में एक इंटरव्यू में कहा था कि तालिबान को बड़ी धमकी दी थी. सनाउल्ला खान कहा था कि तालिबान ने TTP से लड़ने में पाकिस्तान की मदद नहीं की तो वह अफगानिस्तान (Afghanistan) में घुसकर टीटीपी को निशाना बना सकता है.पाकिस्तानी मंत्री के इस बयान पर तालिबान ने सोमवार को कड़ा ऐतराज दर्ज करवाया. तालिबान ने कहा कि टीटीपी को अफगानिस्तान नहीं बल्कि पाकिस्तान में शरण मिली हुई है. फिर भी अगर पाकिस्तान उनके देश पर पर हमले का फैसला करता है तो इससे दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है.
किसी भी दुस्साहस का देंगे करारा जवाब
तालिबान (Taliban) के अंतरिम रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह के बयान पहले भी दिए गए हैं, जिन्होंने अतीत में भी दोनों देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाया है. मुल्ला याकूब ने पाकिस्तान नेताओं से कहा कि वह जंग के बजाय आपसी बातचीत के जरिए मामलों को हल करने की कोशिश करे. तालिबानी नेता ने कहा कि अपने देश की रक्षा और आजादी के लिए वे तैयार हैं. अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान (Afghanistan) में कोई दुस्साहस का प्रयास किया गया तो उस हमले का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.
अमेरिका के सेंटियागो में 1945 में हुआ था धमाका, तब से दावे किए जा रहे कि एलियन के यूएफओ में वह विस्फोट हुआ था.
वर्षों से दावे किए जा रहे हैं कि एलियंस (Aliens) धरती की ओर देख रहे हैं, उनके लगातार आने की खबरें भी सामने आती रही हैं. अमेरिका में पिछले कुछ सालों से एलियंस के विमान यानी यूएफओ (UFO) को कई बार देखने का दावा किया जा चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि एलियंस कभी न कभी धरती पर संपर्क जरूर करेंगे. पर अमेरिकी वैज्ञानिक बार बार इस दावे को खारिज करते रहे हैं. हालांकि, बीते दिनों इस तरह की कई घटनाओं के बाद अब उन्हें तलाशने की कोशिश शुरू हुई है.
पेंटागन कर रहा रिसर्च अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन एलियंस और उड़नतश्तरियों को ढूंढने के लिए पिछले करीब दो साल से रिसर्च कर रहा है. अमेरिकी संसद ने इसी हफ्ते अपना सालाना रक्षा नीति अधिनियम पारित किया है. इसमें एलियंस को खोजने के लिए खास बजट देने की बात कही गई है. राष्ट्रपति जो बिडेन ने इस पर दस्तखत भी कर दिए हैं. 1945 से अब तक यूएफओ नजर आने की तमाम घटनाओं की तह में जाने की बात कही गई है.
क्या हुआ था तब, जानें आंखों देखी खगोलविद जैक्स वाली (Astronomer Jacques Vallée) उसका घटना का जिक्र करते हुए कहते हैं कि यह फैसला सैन एंटोनियो, टेक्सास में दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ की जांच में मदद करेगा (avocado-shaped craft crashed in San Antonio). उन्होंने इस पर एक किताब भी लिखी है जिसमें घटना के तीन प्रमुख गवाहों – एक बी-52 बमवर्षक पायलट, एक रैंचर का बेटा, जिसकी जमीन पर यह दुर्घटना हुई थी और उसके दोस्त के बयान को आधार बनाया गया है . यह लोग घटना को प्रत्यक्ष तौर पर देखने वाले लोग थे. पायलट ने अपने परिवार को बताया था कि उसे पड़ोसी एयरबेस आलमोगोर्डो पर उतरने के लिए कहा गया था. नियंत्रकों ने एक संचार टावर को देखने का निर्देश दिया पर सिग्नल अचानक गायब हो गया. कुछ दूरी पर उसने एक बड़े आकार की एक वस्तु देखी जो बिल्कुल सामने थी और फिर धमाका हो गया.
धमाके बाद अजीब जीव दिखे और फिर गायब हो गए पूर्व अमेरिकी मरीन (US Marine) रेमे बाका ने बताया, हमने काफी तेज धमाके वाली आवाज सुनी और लगा जमीन हिल गई. थोडी देर बाद हमने देखा कि धुआं उठ रहा है. जोस पाडिला, जो अब 86 वर्ष के हैं, उन्होंने बताया कि अजीब दिखने वाले जीव अंदर घूम रहे थे (Strange-looking creatures were moving around inside).वे तेजी से चले गए जैसे कि वे एक पल में खुद को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में सक्षम हों. जोस का दावा है कि बाद में उन्होंने दूरबीन के माध्यम से देखा क्योंकि सेना बाद में 25 x 14 फीट के इस स्ट्रक्चर को एक ट्रक पर लादकर ले गई और उसे तिरपाल से ढंक दिया गया था.
अमेरिका पर लगा सच छुपाने का आरोप एलियंस की तलाश करने वालों ने अमेरिका पर यूएफओ से संबंधित उस घटना को छिपाने का आरोप लगाया है, जो साल 1945 में हुई थी. यानी रोजवेल यूएफओ क्रैश (roswell ufo crash) से ठीक दो साल पहले इस यूएफओ का आकार एवाकाडो जैसा बताया जा रहा है. ऐसा दावा है कि ये हादसा न्यू मैक्सिको में तूफान के दौरान हुआ था, जिससे जुड़े सबूत भी मौजूद थे, लेकिन सेना ने सबकुछ छिपा दिया.
यूक्रेन और रूस के बीच करीब 10 महीने से ज्यादा से जले आ रहे युद्ध ने अब और भी हिंसक रूप ले लिया है. नए साल से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक सबसे बड़ा मिसाइल और ड्रोन अटैक हुआ था. वहीं इसी बीच नए साल के दूसरे दिन यूक्रेन ने बड़ा दावा किया है. यूक्रेन ने कहा है कि उसने डोनेट्स्क रीजन में मकीवका इलाके में बड़ा मिसाइल अटैक किया है. यहां पर रूसी सैनिकों के तैनात होने की पुख्ता खबर थी. यूक्रेन ने दावा किया है कि इस दौरान उसने करीब 400 रूसी सैनिकों को मार गिराया है. वहीं रूस ने भी सैनिकों के मारे जाने की बात कही है लेकिन उनका कहना है कि सैनिकों की संख्या 400 के आस-पास भी नहीं है.
कीव में रविवार रात को एयर स्ट्राइक के सायरन सुनाई दिए. जिसमें रूस की ओर से लगातार मिसाइल अटैक हो रहा है. डोनेट्स्क के कब्जे वाले हिस्सों में रूस समर्थित एक वरिष्ठ अधिकारी डेनिल बेजसोनोव ने कहा कि मिसाइल ने नए साल के दिन आधी रात के दो मिनट बाद मकीवका को निशाना बनाया. मिसाइल ने एक बिल्डिंग को निशाना बनाया था जिसमें रूसी सैनिकों के होने की खबर मिली थी. बेजसोनोव ने बताया कि कई रूसी सैनिक मरे हैं वहीं कई घायल हैं जिनका इलाज किया जा रहा है. फिलहाल नंबर सामने नहीं आए हैं.
300 से ज्यादा घायल
यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि इस हमले में 400 रूसी सैनिक मारे गए हैं वहीं 300 से ज्यादा घायल हो गए हैं. इस हमले के बाद रूस की ओर से ताबड़तोड़ कई मिसाइल यूक्रेन पर दागी गईं. कीव में इंफ्रस्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक कई मिसाइलों के हमले के विस्फोट सुनाई दिए हैं. यह जानकारी एक रूसी अधिकारी ने दी है. कीव में एक युवक रूसी ड्रोन के टुकड़े से जख्मी हो गया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश को नए साल पर संबोधित करते हुए जीत की शुभकामना दी थी. वहीं उन्होंने देश को आश्वासन दिया था कि 2023 में देश ‘सामान्य स्थिति में वासपी’ करेगा. रूसी टीवी पर एक नए साल के संबोधन में, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ेगा.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने G20 अध्यक्षता पर बात करते हुए कहा कि ‘ G20 अध्यक्षता का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लाभ के लिए करना होगा , हम निष्पक्षता और न्याय की आवाज बनेंगे ।’ उन्होंने आगे कहा कि हम उन समाजों और देशों की आवाज के रूप में उभरना चाहते हैं जिनके पास ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों पर बोलने के लिए कोई व्यक्ति नहीं है।
जानकारी के लिए बता दें , G20 की मीटिंग देश के जिन शहरों में होगी, उन सभी शहरों को मौका मिलेगा की वो अपने यहां कि सांस्कृतिक परंपरा को दुनिया के सामने देखा सकें। इसके साथ ही उनको अपने हैंडीकैप प्रोडक्ट ग्लोबल ब्रांड बनाने का मौका भी दिया जाएगा । इन सब से अलावा इन शहरों को टूरिजम को भी बढ़ावा भी दिया जाएगा । क्योंकि भारत का टूजिज्म और हैंडीकैप प्रोडक्ट्स में दुनिया के 2 प्रतिशत शेयर पर कब्जा कर रखा है।
G20 अध्यक्षता पर बोले विदेश मंत्री
बता दें , विदेश मंत्री एस जयशंकर ने G20 अध्यक्षता पर बयान देते हुए कहा, हमे G20 अध्यक्षता का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए करना चाहिए , हमे निष्पक्षता और न्याय की आवाज बनने के लिए कदमन उठाना पड़ेगा । हम उन समाजों और देशों की आवाज के रूप में उभरना चाहते हैं जिनके पास ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों पर बोलने के लिए कोई व्यक्ति या उम्मीद नहीं है।जानकारी के लिए बता दें , G 20 का आयोजन देश के 56 शहरों में किया जाना है , जिसको पहले ही चिन्हित कर लिया गया था । हमें अवसर मिला है कि हम इन शहरों को ट्रांसफॉर्म कर पाए । इन सभी शहरों में बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. योगी सरकार ने विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ने का ऐलान किया है. बताया गया कि फसल बर्बाद कर रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए 5 जनवरी से 20 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. 15 दिन के अंतर्गत पकड़े गए सभी बेसहारा पशुओं को आश्रय स्थल भेजा जाएगा.
5 जनवरी से चलाया जाएगा अभियान शनिवार को बरेली पहुंचे प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अभियान को लेकर डीएम, एसएसपी व संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक की. कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि 5 जनवरी से 20 जनवरी तक प्रदेशभर में बेसहारा पशुओं को पशु आश्रय स्थल पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा.
ग्राम प्रधानों की ली जाएगी मदद मंत्री ने कहा कि सर्द रातों में रात-रात भर जागकर किसानों को आवारा पशुओं से फसलों की रखवाली करनी पड़ती है. किसानों की इस समस्या को देखते हुए सरकार ने यह ऐलान किया है. मंत्री ने कहा कि आश्रय स्थलों पर जानवरों के लिए सभी उचित प्रबंध किए जाएंगे. मंत्री ने कहा कि अभियान में ग्राम प्रधानों की सहायता ली जाएगी. जिला तहसील एवं ब्लाक स्तर पर टीम का गठन होगा जो पशुओं के आश्रय के साथ ही चिकित्सा व्यवस्था भी करेगी
सपा, कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा. नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा दलितों और पिछड़ों की हितैषी है. ओबीसी आरक्षण के बाद ही प्रदेश में निकाय चुनाव कराए जाएंगे. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर भी कैबिनेट मंत्री ने निशाना साधा. कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा इनके एजेंडे राजनैतिक हैं. जनता से इन्हें कोई मतलब नहीं है, कहा कि राहुल गांधी पहले कांग्रेस जोड़ें इसके बाद भारत जोड़ने में लगें.