Friday, November 19, 2021

अमरिंदर ने पीएम मोदी के फैसले का किया स्वागत, बोले- भाजपा के साथ काम करने को लेकर आशान्वित


अमरिंदर ने पीएम मोदी के फैसले का किया स्वागत, बोले- भाजपा के साथ काम करने को लेकर आशान्वित

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह किसानों के विकास के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, "अच्छी खबर! गुरु नानक जयंती के पवित्र अवसर पर हर पंजाबी की मांगों को मानने और 3 काले कानूनों को निरस्त करने के लिए पीएम एटदरएट नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।"

उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि केंद्र सरकार किसानों के विकास के लिए मिलकर काम करना जारी रखेगी!"

अमरिंदर सिंह ने अपने कृषि कानूनों को वापस लेने के केंद्र के फैसले के बारे में मोदी द्वारा घोषणा के बाद एक समाचार चैनल को बताया कि उनकी पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर भाजपा के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।

उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने और अपने मूल स्थानों पर लौटने की अपील की।

ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "यह न केवल किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में आया है, बल्कि पंजाब की प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। मैं किसानों के विकास के लिए एटदरएट बीजेपी फॉर इंडिया के नेतृत्व वाली केंद्र के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं। मैं पंजाब के लोगों से वादा करता हूं मैं तब तक चैन से नहीं बैठूंगा जब तक कि मैं हर एक की आँख से आँसू पोंछ न दूँ।"

अमरिंदर सिंह ने 2 नवंबर को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सात पन्नों का पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी का नाम पंजाब लोक कांग्रेस रखा।

उन्होंने राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिद्धू के साथ सत्ता संघर्ष के बाद सितंबर में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

बीजिंग ओलिंपिक का बॉयकॉट करेगा अमेरिका, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कह दी बड़ी बात


अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि उनका प्रशासन बीजिंग में 2022 के शीतकालीन ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार पर विचार कर रहा है. ये फैसला अमेरिकी एथलीटों को प्रभावित किए बिना चीन के अधिकारों के हनन पर सख्ती दिखाने का प्रयास होगा. एनबीसी न्यूज के अनुसार, कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ ओवल ऑफिस की बैठक के दौरान बहिष्कार की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बाइडेन ने यह जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यह कुछ ऐसा है जिस पर हम विचार कर रहे हैं. व्हाइट हाउस आमतौर पर ओलिंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह में एक प्रतिनिधिमंडल भेजता है, लेकिन राजनयिक बहिष्कार के तहत प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेगा. बीजिंग ओलिंपिक अगले फरवरी में होने हैं.

बाइडेन की ये टिप्पणी चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ एक वीडियो शिखर सम्मेलन के बाद आई है. शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि वे स्थिरता सुनिश्चित करना चाहते हैं और आकस्मिक संघर्षों पर लगाम लगाना चाहते हैं. हालांकि चीन के मानवाधिकारों के हनन पर पर बोलने के लिए बाइडेन पर घरेलु दबाव है.

बाइडेन को इस फैसले पर मिल रहा समर्थन

अमेरिका में शीर्ष अमेरिकी सांसदों द्वारा राजनयिक बहिष्कार के आह्वान की वकालत की गई है. सीएनएन ने कहा कि हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने चीन के मानवाधिकारों के हनन के विरोध में इस तरह के बहिष्कार का आह्वान किया था. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शिनजियांग प्रांत में चीन के उइगर लोगों को हिरासत में लेने और हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ आवाज उठाई है.

इस ऐलान से क्या होगा

मंगलवार को द वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि बाइडेन प्रशासन जल्द ही राजनयिक बहिष्कार की घोषणा करेगा, जिसका अर्थ है कि एथलीट अभी भी प्रतिस्पर्धा करेंगे, हालांकि सरकारी प्रतिनिधि स्टैंड में नहीं होंगे. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि बाइडेन-शी वर्चुअल समिट के दौरान इस मुद्दे को नहीं उठाया गया था.

बीजिंग के साथ जुड़ने की भी मांग

बाइडेन ने बीजिंग के साथ फिर से जुड़ने की मांग की है, साथ ही साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के लगातार बढ़ते आर्थिक दबदबे और सैन्य उपस्थिति का मुकाबला करने के लिए पारंपरिक अमेरिकी गठबंधनों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने शी के साथ दो लंबे फोन कॉल किए हैं और व्यक्तिगत रूप से मिलने के इच्छुक रहे हैं.

प्रेस सचिव ने दिया ये बयान

बाइडेन के संभावित ओलंपिक बहिष्कार के जिक्र के बाद प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई अपडेट नहीं है कि हमारी उपस्थिति क्या होगी. मैं राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और राष्ट्रपति को निर्णय लेने के लिए स्थान देना चाहती हूं. बाइडेन के लिए यह फैसला कठिन राजनयिक संतुलन का हिस्सा होगा. बाइडेन के संवाद की आवश्यकता पर जोर देने पर आलोचकों ने कहा था कि वह बहुत नरम हो रहे हैं.

पीएम मोदी के कृषि कानून वापस लेने पर लोगों ने ट्विटर पर पूछा अब क्या CAA और धारा 370 पर भी ऐसा करोगे?


on twitter user question what Next is what? CAA or Article 370 back? | पीएम मोदी के कृषि कानून वापस लेने पर लोगों ने ट्विटर पर पूछा अब क्या CAA और धारा 370 पर भी ऐसा करोगे?

ट्विटर पर CAA और आर्टिकल 370 के बारे में पूछ रहे हैं यूजर्सपीएम ने क्षमा मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को लिया वापस लेने

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के बाद इन तीनों कृषि कानूनों का विरोध लगातार एक साल से आंदोलन कर रहे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोई इसे किसानों की जीत बताने लगा तो कोई इसे यूपी और पंजाब चुनाव को देखते हुए मोदी का मास्टर स्ट्रोक बता रहा है। ट्विटर पर भी लोग मोदी के इस फैसले पर दो तरफा बंटे हुए नजर आ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं अब क्या नागरिकता संसोधन कानून (CAA)और धारा 370 पर भी ऐसा करोगे? 

पीएम मोदी ने शुक्रवार को प्रकाश पर्व पर क्षमा मांगते हुए तीनों कहा कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।

Thursday, November 18, 2021

भारत करता रहेगा पाकिस्तान में 'सर्जिकल स्ट्राइक', UNSC में आतंकवाद पर मोदी सरकार की दो टूक


न्यूयॉर्क: यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई और फौरन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) खाली करने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने कहा कि, अब इस बात को पूरी दुनिया जानती और समझती है कि, पाकिस्तान वो देश है, जो खुलेआम आतंकियों को समर्थन देता है और वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच को भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए इस्तेमाल करता है।

पाकिस्तान को जमकर फटकार

पाकिस्तान को जमकर फटकार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने जोर देते हुए कहा कि, पाकिस्तान ने हमेशा से भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंचों का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए इस्लामाबाद की जमकर खिंचाई की और पाकिस्तान से जम्मू और कश्मीर के सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर डॉ. काजल भट्ट ने कहा कि, ''मैं भारत की स्थिति के बारे में स्पष्ट करना चाहूंगी कि, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम मांग करते हैं कि, जिन क्षेत्रों पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है, उसे फौरन खाली करे।''

''पाकिस्तान करता है प्रोपेगेंडा''

''पाकिस्तान करता है प्रोपेगेंडा''

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर डॉ. काजल भट्ट ने कहा कि, पाकिस्तान हमेशा से संयुक्त राष्ट्र के इस मंच का इस्तेमाल प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए करता है और इसीलिए एक बार फिर से भारत को उसका जवाब देने के लिए इस मंच पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा है। भारत ने कहा कि, पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने यूएनएसी के मंच पर ''तुच्छ टिप्पणियां'' की हैं। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि, ''यह पहली बार नहीं है कि, पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने भारत के खिलाफ गिरा हुआ और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रदान किए गए प्लेटफार्मों का दुरुपयोग किया है''। काजल भट ने कहा कि, पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने 'अपने देश की दुखद स्थिति से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए व्यर्थ प्रयास किया है, जहां आतंकवादी आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं, खासकर जहां अल्पसंख्यकों के साथ काफी खराब सलूक किया जाता है''।

''आतंकियों का साथ देने का इतिहास''

''आतंकियों का साथ देने का इतिहास''

भारतीय प्रतिनिधि ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए कहा कि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देश इस बात से अवगत हैं कि पाकिस्तान का एक स्थापित इतिहास और आतंकवादियों को पनाह देने, सहायता करने और सक्रिय रूप से समर्थन करने की नीति है।'' काजल भट ने कहा कि, 'यह वह देश है जिसे राज्य की नीति के तहत आतंकवादियों को खुले तौर पर समर्थन, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और हथियारों से लैस करने वाले देश के रूप में मान्यता दी गई है।' भारत के काउंसलर ने यह भी रेखांकित किया कि, पाकिस्तान 'यूएनएससी द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों की सबसे बड़ी संख्या की मेजबानी करने का अपमानजनक रिकॉर्ड रखता है'।

''आतंकवादियों पर हो कार्रवाई''

भारतीय प्रतिनिधि ने यूएनएससी के मंच पर पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा कि, ''भारत पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों से सामान्य संबंध चाहता है, और भारत ''शिमला समझौता और लाहौर घोषणा'' के अनुसार द्विपक्षीय और शांति के साथ वार्ता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कोई भी सार्थक बातचीत तभी हो पाएगी, जब 'माहौल आतंक और हिंसा से मुक्त हो'। भारतीय प्रतिनिधि ने जोर देते हुए कहा कि, ''इस तरह के अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है''। उन्होंने कहा कि, ''जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा, तब तक भारत सीमा पार आतंकवाद का जवाब देने के लिए दृढ़ और निर्णायक कदम उठाता रहेगा।''

रुस की हरकत से मचा हड़कंप!, मिसाइल से सैटेलाइट उड़ाया, खतरे में पड़े एस्ट्रोनॉट


russia

रुस ने 14 नवंबर की रात या 15 नवंबर की सुबह एंटी सैटेलाइट मिसाइल दागकर अपने सैटेलाइट कॉसमॉस-1408 को उड़ा दिया, इस सैटेलाइट का वजन 2 हजार किलो था।

New Delhi: रुस ने एक एंटी सैटेलाइट मिसाइल दागकर अपने एक पुराने सैटेलाइट को धरती की निचली कक्षा में उड़ा दिया है, जिससे करीब 1500 से ज्यादा टुकड़े तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की तरफ बढे, अंतरिक्ष में जानबूझकर फैलाये गये कचरे की वजह से स्पेस स्टेशन पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स को सोयुज और ड्रैगन कैप्सूल में छिपना पड़ा, ताकि अगर कचरा स्पेस स्टेशन को नुकसान पहुंचाये, तो ये लोग दोनों कैप्सूल के जरिये धरती की ओर लौट सकें, इस घटना के बाद से रुस की इस हरकत की कई देश आलोचना कर रहे हैं।

मिसाइल दागा
रुस ने 14 नवंबर की रात या 15 नवंबर की सुबह एंटी सैटेलाइट मिसाइल दागकर अपने सैटेलाइट कॉसमॉस-1408 को उड़ा दिया,

इस सैटेलाइट का वजन 2 हजार किलो था, इसे साल 1982 में लांच किया गया था, ये पिछले कुछ सालों से निष्क्रिय था, जब मिसाइल से इसे उड़ाया गया, तो ये धरती से 485 किमी की ऊंचाई पर था, इससे थोड़ा ही नीचे की कक्षा में स्पेस स्टेशन धरती के चक्कर लगाता है।

घटना की निंदा
अमेरिका ने रुस की इस हरकत की पुष्टि करते हुए घटना की निंदा की है, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि रुसी फेडरेशन ने लापरवाही से भरी हरकत की है, जिसकी वजह से स्पेस स्टेशन पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी,

रुस के इस परीक्षण की वजह से करीब 1500 से ज्यादा कचरा पैदा हुआ है, जो आसानी से दिखाई दे सकता है, लेकिन हजारों बारीक तथा छोटे टुकड़े भी निकले जिन्हें करीब से देखना पड़ेगा, रुस ने दुनियाभर के देशों के सैटेलाइट्स तथा स्पेस स्टेशन के लिये खतरा पैदा किया है।

खतरनाक साबित हो सकता है
नेड प्राइस ने कहा कि इससे रुस के अंतरिक्षयात्रियों का जीवन भी खतरे में पड़ा है, क्योंकि वो भी स्पेस स्टेश पर मौजूद थे,

इसके अलावा अन्य इंसानी अंतरिक्ष उड़ानों के लिये खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि कॉसमॉस-1408 तथा मिसाइल का कचरा अब धरती की निचली कक्षा में तैरता रहेगा, ये किसी भी सैटेलाइट या लोअर अर्थ ऑर्बिट मिशन के लिये खतरनाक साबित हो सकता है।


लखीमपुर खीरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए


नई दिल्ली (New Delhi) . लखीमपुर खीरी मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने नव गठित एसआईटी को जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने आदेश में कहा, ‘ऐसे अपराधों की जांच करते समय, न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए दिखना और समझा भी जाना चाहिए.इस प्रकार हम न्याय प्रणाली के आपराधिक प्रशासन में लोगों के विश्वास और भरोसे को बनाए रखने के लिए एसआईटी का फिर से गठन करना उचित समझते हैं ताकि जांच समयबद्ध तरीके से हो.इसके अलावा, अपराध के पीड़ितों को पूर्ण और पूर्ण न्याय का आश्वासन देने के लिए, हम आदेश देने के इच्छुक हैं कि चल रही जांच की निगरानी एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (judge) द्वारा की जाए जिनकी जड़ें उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य में नहीं हैं.’

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा, ‘इसलिए, हम मामले में जांच के परिणाम में पारदर्शिता, फेयरनेस और पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चल रही जांच की निगरानी के लिए पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राकेश कुमार जैन को नियुक्त करते हैं.’ इसके अलावा एसआईटी का फिर से गठन करते हुए शॉर्टलिस्ट किए गए अधिकारी हैं – एस बी शिराडकर, सु पद्मजा चौहान, डॉ. प्रीतिंदर सिंह तीनों आईपीएस हैं और विभिन्न राज्यों में पदस्थ हैं.

भारत में बने लड़ाकू हेलीकॉप्टर, ड्रोन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट सेना को सौंपेंगे पीएम


नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी में राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व के दौरान सशस्त्र सेना प्रमुखों को भारत में बने लड़ाकू हेलीकॉप्टर, ड्रोन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट सौंपेंगे. बुधवार (Wednesday) से प्रारम्भ तीन दिवसीय राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को मनाने के लिए केंद्र के ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह का हिस्सा है. यह कार्यक्रम झांसी में 17 से 19 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है.

एक सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा डिजाइन और विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर वायु सेना प्रमुख को सौंपेंगे. वह भारतीय स्टार्ट-अप द्वारा निर्मित ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) को थल सेना प्रमुख व जहाजों के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा निर्मित आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट नौसेना प्रमुख को सौंपेंगे.

पीएमओ ने कहा कि एलसीएच में प्रभावी लड़ाकू भूमिकाओं के लिए आधुनिक तकनीकों और रणनीतिक सुविधाओं को शामिल किया गया है जबकि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा भारतीय यूएवी की तैनाती भी भारतीय ड्रोन उद्योग इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता का प्रमाण है. आधुनिक ईडब्ल्यू सूट का उपयोग विभिन्न नौसैनिक जहाजों में किया जाएगा, जिनमें विध्वंसक, युद्धपोत आदि शामिल हैं.

पीएमओ के मुताबिक पीएम मोदी 19 नवंबर को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में झांसी की अपनी यात्रा के दौरान शाम को लगभग 5:15 बजे, ”राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व” में रक्षा क्षेत्र की कई पहलों का शुभारंभ करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) रक्षा औद्योगिक गलियारे के झांसी खंड में 400 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे. साथ ही एनसीसी के पूर्व छात्रों को एनसीसी के साथ फिर से जोड़ने में सक्षम बनाने के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री एनसीसी पूर्व छात्र (student) संघ की शुरूआत भी करेंगे.

प्रधानमंत्री एनसीसी की तीनों इकाइयों के लिए सिमुलेशन प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से एनसीसी कैडेटों के लिए सिमुलेशन प्रशिक्षण के राष्ट्रीय कार्यक्रम को आरंभ करेंगे. इसमें एनसीसी की सैन्य इकाई के लिए राइफल फायरिंग सिमुलेटर की स्थापना, एयर विंग के लिए माइक्रोलाइट फ्लाइंग सिमुलेटर और नेवल विंग के लिए रोइंग सिमुलेटर शामिल हैं.

परम तत्व दर्शन