Thursday, April 14, 2022

यूपी में कोरोना के बढ़ रहे केस, सक्रिय मामले 307, योगी सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश


उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर कोरोना (Corona) के मामले तेजी से बढ़ने लगे है. बुधवार को कोरोना वायरस के 55 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इसी दौरान सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 307 हो गई है. बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राज्य में 293 लोग होम क्वारंटीन हैं. पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश में कोरोना के 1,24,673 सेंपल टेस्ट किए गए.

इस टेस्टिंग में 55 लोग संक्रमित मिले. वहीं, इस दौरान 4,73,441 लोगों को वैक्सीन दी गई. प्रदेश में कोरोना संक्रमण दर 1.89 प्रतिशत है. मंगलवार को 37 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए. फिलहाल, प्रदेश में रिकवरी रेट 98.9 फीसदी है. प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच सरकार ने कुछ दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं.

साथ ही योगी मुख्यमंत्री आदित्यानाथ (CM Yogi Adityanath) ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर फौरन समस्या का निस्तारण करें. हर ऑफिस में सिटीजन चार्टर को प्रभावी रूप से लागू किया जाए. साथ ही किसी भी ऑफिस में कोई फाइल तीन दिनों से ज्यादा लंबित न रहे. देरी होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी.

कोविड प्रबंधन के लिए टीम09 गठित कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जारी किए दिशा-निर्देश
प्रदेशवासियों को कोविड टीकाकवर उपलब्ध कराने का हमारा महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है. 30 करोड़ 56 लाख से ज्यादा कोविड टीकाकरण के साथ ही अब तक 103.65% से ज्यादा वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 85.63% लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है. 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग के टीकाकरण की प्रगति को तेज किया जाए . साथ ही सीमावर्ती कुछ राज्यों में कोविड के केस बढ़ रहे हैं, ऐसे में सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए.

कोविड से बचाव की हमारी ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की नीति आशातीत सफलता देने वाली रही है.वर्तमान में कुल एक्टिव केस की 307 है. इनमें से 293 लोग घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. पिछले 24 घंटों में 1 लाख 24 हजार 673 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 55 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई. इस दौरान 37 लोग इलाज लेकर कोरोना मुक्त भी हुए है. फिलहाल संक्रमण दर 0.05% है. यह अच्छे संकेत हैं. सतर्कता-सावधानी बनाए रखी जाए.

18+ आयु के लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है. 700 निजी टीकाकरण केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाया जा सकता है. इन टीकाकरण केंद्रों और बूस्टर डोज की महत्ता के बारे में आम लोगों को जागरूक किया जाए.प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी नागरिक वैक्सीन से छूट न जाए.

शासकीय कार्यालयों में हर अधिकारी/कर्मचारी की समय से उपस्थिति होनी सुनिश्चित की जाए. लेटलतीफी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी.साथ ही सीनियर अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया जाए. लापरवाह, लेटलतीफ अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

नियम विरुद्ध संचालित और अधोमानक नर्सिंग कॉलेजों को चिन्हित कर इनके संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए. बिना मान्यता के कॉलेज संचालन युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है. ऐसी हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लेते हुए तत्परता से कार्रवाई की जाए.

Wednesday, April 13, 2022

खरगोन दंगा मामले में ओवैसी की CM शिवराज को धमकी! कहा याद रखें आज सरकार है कल नहीं होगी


खरगोन दंगा मामले में ओवैसी की CM शिवराज को धमकी! कहा याद रखें आज सरकार है कल नहीं होगी

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा पर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है. सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है. मामले में अब ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की भी एंट्री हो चुकी है. उन्होंने घटना को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर धमकी भरे अंदाज में निशाना साधा है. ओवैसी ने कहा कि एमपी में कानून के शासन पर भीड़तंत्र हावी हो चुका है. भले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की विचारधारा मस्जिदों को नापाक करने और बुजुर्गों पर हमले को सही ठहराती हो, लेकिन उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि वे संवैधानिक पद पर बैठे हैं. 

'आज उनकी सरकार है, कल नहीं होगी'
शिवराज सरकार पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि सत्ता के नशे में गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं. उन्हें याद रहे कि आज उनकी सरकार है, कल नहीं होगी. जनता की जान-माल की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है. 10 अप्रैल को राम नवमी के मौके पर खरगोन में शोभायात्रा निकाली जा रही थी. यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने पथराव  शुरू कर दिया था. इसके बाद क्षेत्र में हिंसा शुरू हो गई थी, जो काफी बढ़ गई. घटनाक्रम में आम जनता सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन ने आरोपियों के घर गिरा दिए. ओवैसी शिवराज सरकार की इस कार्रवाई को एकतरफा बता रहे हैं. ये बयानबाजी अगले साल 2023 में मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए हो रही है. ओवैसी भी इस बार एमपी चुनाव में उतरने के मूड में हैं. उनकी पार्टी की एमपी चुनाव में एंट्री को लेकर कई कयास लग रहे हैं.

दिग्विजय सिंह का फेक ट्वीट

खरगोन हिंसा मामले में इस समय दिग्विजय सिंह का एक फेक ट्वीट भी चर्चा में है. दिग्विजय ने एक फोटो के साथ ट्वीट कर शिवराज सरकार पर निशाना साधा था, जिसपर खुद सीएम ने नाराजगी जाहिर की और उनके खिलाफ एक्शन की बात कही है. सीएम ने कहा दिग्विजय सिंह ने एक धार्मिक स्थल पर युवक द्वारा भगवा झंडा फहराने का फोटो सहित ट्वीट किया है. वह मध्यप्रदेश का नहीं है. श्री दिग्विजय सिंह का यह ट्वीट प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने का षड्यंत्र है और प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने की साजिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा बयान, बोले- न करे भाजपा का विरोध, मुस्लिम नेता करें सपा छोड़ने का एलान


बरेली में आला हजरत के संगठन ऑल इंडिया तंजीम उलमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि मुसलमान सपा को छोड़कर दूसरे विकल्पों पर विचार करें।भाजपा का विरोध न करें।

बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा बयान, बोले- न करे भाजपा का विरोध, मुस्लिम नेता करें सपा छोड़ने का एलान

 उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से मुसलमान मायूस हैं। उनके सामने सवाल उठ खड़ा हुआ है कि मुसलमानों का भविष्य क्या होगा ? मुसलमानों में एक तरह का डर और निराशा है लेकिन परिस्थितियां कैसी भी हों, मुसलमानों को निराश या भयभीत होने की जरूरत नहीं है। कोई समस्या है तो उसका समाधान भी है।यह भविष्य के लिए एक सबक है। हमें एक नई रणनीति के साथ आने की जरूरत है।यह बात ऑल इंडिया तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रिज़वी ने कही।

मौलाना ने कहा कि भविष्य के बारे में अच्छी उम्मीदें रखना और हमेशा आशावादी रहना अच्छी बात है।भविष्य को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना होगा।आज की स्थिति में मुसलमानों को भी यही रवैया अपनाने की जरूरत है।उन्हें नकारात्मकता से बचना होगा।मुसलमानों को अपनी स्थिति पर विश्लेषण करना होगा।उन्हें आज तक कुछ नहीं मिला है।इसके विपरीत, कई दल अक्सर अपनी हार के ठीकरे अपने सिर पर फोड़ते हैं।

जैसा कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने हाल ही में अनिश्चित शब्दों में कहा है कि मुसलमानों ने हमें वोट नहीं दिया है जबकि वह सच में कहना चाहती हैं कि हम मुसलमानों की वजह से सीट पाने में सफल नहीं हुए हैं।समाजवादी पार्टी, जिसे मुसलमानों ने सामूहिक रूप से वोट दिया है।वह भी सत्ता खो चुकी है।समाजवादी पार्टी ने अपनी सीटों में इजाफा किया है, लेकिन उसे इतनी सीटें नहीं मिल पाई हैं। जिससे उनकी सरकार बन सके।

इसका मुख्य कारण यह है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने स्वयं के समुदाय को पूरी तरह से एकीकृत नहीं कर पाए हैं। इसके बावजूद भी मुस्लिम वोट समाजवादी पार्टी को मिला, लेकिन कई जगहों पर अखिलेश यादव के समुदाय के लोगों ने समाजवादी पार्टी को वोट नहीं दिया. जिसका सबूत है कि यादव बह़ुल्य क्षेत्रों में बीजेपी ने 43 सीटों पर जीत हासिल की है.

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि मुसलमानों को अब राजनीति और अपनी भागीदारी के बारे में बात नये सिरे से करनी होगी।जब तक कि वे किसी एक खास पार्टी के सहारे जीतते रहेंगे, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा।बल्कि मुसलमानों को अब नई रणनीति बनानी चाहिए।

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि मुसलमानों को अब राजनीति और अपनी भागीदारी के बारे में बात नये सिरे से करनी होगी।जब तक कि वे किसी एक खास पार्टी के सहारे जीतते रहेंगे, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा।बल्कि मुसलमानों को अब नई रणनीति बनानी चाहिए। मौलाना ने मुसलमानों को मशवरा दिया है कि अब नए हालात हैं और नए तकाज़े है इसके पेशेनज़र समाजवादी पार्टी के अलावा दूसरे विकल्पों पर विचार करना चाहिए और किसी भी पार्टी के खिलाफ मुखर होकर दुश्मनी मोल नहीं लेनी चाहिए!

वैश्विक अस्थिरता कम करने को काम कर रहे भारत-अमेरिका


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता से दोनों देशों को उस अस्थिरता और अनिश्चितता को कम करने के लिए रणनीति बनाने में मदद मिली, जिसका दुनिया वर्तमान समय में सामना कर रही है।

जयशंकर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन तथा रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बयान दिया। जो बाइडन के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद दोनों देशों के मंत्रियों ने सोमवार को पहली टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता की थी।

जयशंकर ने पत्रकारों से कहा, इस चर्चा से हमें अस्थिरता और अनिश्चितता को कम करने के लिए रणनीति बनाने में मदद मिली, जिसका दुनिया वर्तमान में सामना कर रही है। यह स्वाभाविक रूप से हमारी नीतियों में नजर आएगी।

चर्चा के दौरान दोनों देशों को विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दीर्घकालिक चुनौतियों पर एक साथ सोचने का मौका मिला। इससे दोनों देशों के बीच उभरते प्रमुख द्विपक्षीय संबंधों पर गौर करने का अवसर भी मिला।

भारत के, यूक्रेन पर आक्रमण रोकने के लिए दबाव बनाने के सवाल पर जयशंकर ने कहा, मुझे लगता है कि हमारी चर्चा का एक लक्ष्य, नफरत को समाप्त करने के लिए दबाव बनाना भी है, मुझे लगता है कि इस बात से सब सहमत होंगे कि इससे ही मामले सुलझेंगे और दुनिया में अनिश्चितता कम होगी।

उन्होंने कहा कि भारत, वैश्विक अस्थिरता और अनिश्चितता को कम करने के लिए काम कर रहा है। जब हम मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में हम यूक्रेन के लोगों के साथ संपर्क में हैं.. खासकर दवाओं की आपूर्ति के लिए..हम पहले ही यूक्रेन और कुछ पड़ोसी देशों को मानवीय राहत प्रदान कर चुके हैं। इस समय जब हम बात कर रहे हैं, तब भी दवाओं की एक खेप भेजी जा रही है या बहुत जल्द कीव भेजी जाएगी।

हैं तैयार हम' मुहिम में अकेले नहीं शिवपाल, कई और बड़े चेहरे हैं उनके साथ


शिवपाल सिंह यादव के भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं. (फोटो- @shivpalsinghyad)

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल (Shivpal Yadav) अपने भतीजे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से नाराज हैं. वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं. ये दोनों सूचनाएं पुरानी हो चुकी हैं. बल्कि, अब ये खबर भी फीकी हो गई है कि वे ‘हैं तैयार हम’ मुहिम चला रहे हैं. इसमें ताजा खबर ये है कि शिवपाल और उनके समर्थक इस मुहिम में अकेले नहीं हैं. बल्कि सपा (SP) और अन्य दलों के नेता भी धीरे-धीरे जुड़ रहे हैं.

शिवपाल के करीबी बताते हैं कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (PSP) के प्रमुख शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) सपा के नाराज विधायकों और नेताओं के संपर्क में हैं. साथ ही, सपा गठबंधन में शामिल छोटे दलों के साथ भी बात कर रहे हैं. क्योंकि वे अपने अपमान का बदला लेने के लिए अखिलेश यादव को तगड़ी चोट देने का मन बना चुके हैं. साथ ही, भाजपा में एक मजबूत नेता के रूप में शामिल होना चाहते हैं. दल-बल के साथ. इसीलिए उनकी कोशिश है कि अधिक से अधिक सपा विधायकों और उसके सहयोगी दलों के नेताओं को अपने साथ लेकर भाजपा में जाया जाए.

लिहाजा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर नाम इस तरह के नेताओं में प्रमुख रूप से उभर कर आया है. एसबीएसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने शिवपाल के साथ फोटो साझा करते हुए हाल ही में ट्विटर पर लिखा भी, ‘हैं तैयार हम’. इसके साथ आजमगढ़ से सपा के दिग्गज नेता रमाकांत यादव भी बराबर शिवपाल के संपर्क में बताए जाते हैं. आजमगढ़ में चर्चा है कि भाजपा रमाकांत को वहां से उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है. अवध क्षेत्र में बड़े जनाधार वाले सपा के एक अन्य नेता शिवपाल के संपर्क में हैं, ऐसा भी कहा जा रहा है.

मुहिम दरअसल भाजपा की है, 2024 के लिए
वैसे, प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार रंजीव इसे शिवपाल के बजाय भाजपा (BJP) की मुहिम बताते हैं. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पिछड़ों में 9-10% यादव हैं. ये राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय हैं. लोकसभा चुनाव-2024 (Lok Sabha Elections-2024) में राज्य की 75 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा के लिए यह 10% वोट मायने रखता है. इसीलिए शिवपाल को पूरे दल-बल के साथ अपने पाले में लाने को तैयार है. यही कारण है कि उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्या, जो कल तक ‘नो वेकेंसी’ की बात कह रहे थे, अब कहने लगे हैं कि ‘पार्टी में जो आना चाहे, उसका स्वागत है.’

इसीलिए शिवपाल पहले साथ आने वालों की सूची लंबी कर रहे हैं
इस संबंध में शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) कहते हैं, ‘पहले मैं अयोध्या और हनुमानगढ़ी दर्शन करूंगा. फिर योगी जी की तरह ईंट पर राम नाम की मुहर लगाऊंगा. उसके बाद अच्छी खबर दूंगा.’ इस बाबत जानकार बताते हैं कि शिवपाल की अयोध्या-यात्रा जल्द हो सकती है. हालांकि उससे पहले वे उन नेताओं की सूची लंबी करना जरूर चाहेंगे, जो उनके संग भाजपा के साथ जुड़ने को तैयार हों. उनकी इस मुहिम के बदले, जैसा कि कहा जा रहा है, भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है या उत्तर प्रदेश विधानसभा का उपाध्यक्ष बना सकती है. उनके बेटे आदित्य को जसवंतनगर से विधानसभा चुनाव लड़ा सकती है. यह सीट लंबे वक्त से शिवपाल के पास है.

Tuesday, April 12, 2022

यूक्रेन-रूस युद्ध: मारियुपोल मेयर का चौंकाने वाला बयान, कहा- रूसी हमले में शहर में मृतकों का आंकड़ा हो सकता है 20 हजार के पार


यूक्रेन-रूस युद्ध: मारियुपोल मेयर का चौंकाने वाला बयान, कहा- रूसी हमले में शहर में मृतकों का आंकड़ा हो सकता है 20 हजार के पार

यूक्रेन-रूस युद्ध: मारियुपोल मेयर का चौंकाने वाला बयान, कहा- रूसी हमले में शहर में मृतकों का आंकड़ा हो सकता है 20 हजार के पार

रूस और यूक्रेन के बीच करीब छह हफ्तों से युद्ध जारी है। बीता कुछ वक्त यूक्रेन के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। उसके कई शहर पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। मारियुपोल सबसे ज्यादा तबाही झेलने वाले शहरों की फेहरिस्त में शामिल है। इस शहर के मेयर वादिम बॉयचेंको का कहना है कि रूसी हमले की वजह से 10 हजार से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। यूक्रेन के बंदरगाह शहर मारियुपोल के मेयर ने दावा किया है कि रूसी हमलों में 10,000 से अधिक आम लोगों ने अपनी जान गवां दी है। उन्होंने कहा कि रूसी बलों द्वारा शहर के घेराव के दौरान किए गए हमलों से 10,000 से अधिक आम लोगों की जान चली गई।

मेयर वी. बॉयशेंको ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से बातचीत के दौरान कहा कि रूसी हमले के कारण मारियुपोल में मृतक संख्या बढ़कर 20,000 के पार जा सकती है क्योंकि सड़कों पर कफन से ढकी लाशें देखी जा सकती हैं। मेयर ने यह भी दावा किया कि रूसी बल शवों को ठिकाने लगाने के लिए अपने साथ कुछ उपकरण भी लाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी बल कई शवों को एक विशाल शॉपिंग केन्द्र ले गए और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आशंका जताते हुए कहा है कि रूस यूक्रेन में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से रूस के खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का आह्वान भी किया है। सोमवार को ऐसी अपुष्ट खबरें थीं कि मारियुपोल के दक्षिणी यूक्रेनी बंदरगाह को घेरने में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। जेलेंस्की ने इन खबरों को लेकर चिंता जताई और कहा कि हम इसे बेहद ही गंभीरता से लेते हैं।

रामनवमी पर हुई हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण उठाने होंगे कड़े कदम:प्रताप मिश्रा


यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रामनवमी के पावन मौके पर देश में कई जगहों पर हमले किए गए...मुस्लिम जहां भी बड़ी संख्या में हैं, उन्होंने रामनवमी के त्योहार के दौरान हमले किए, लोगों को घायल किया और मारने की कोशिश की।

दरअसल रामनवमी के मौके पर रविवार को कई शहरों में जुलूस का आयोजन किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों से पथराव और तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों के दो समूहों में मेस में कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसने को लेकर झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक जेएनयू की घटना में छह छात्र घायल हो गए।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रामनवमी के पावन मौके पर देश में कई जगहों पर हमले किए गए…मुस्लिम जहां भी बड़ी संख्या में हैं, उन्होंने रामनवमी के त्योहार के दौरान हमले किए, लोगों को घायल किया और मारने की कोशिश की। जैन ने कहा कि वह सभी ईसाई मिशनरी, जिहादियों और वामपंथी उदारवादियों से यह समझने की अपील करते हैं कि हिंदू समाज इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं कर सकता।

 यह सबकी जिम्मेदारी है..मैं मुस्लिम नेताओं से अपील करता हूं कि वे अपने समाज को इस तरह के रास्ते पर न ले जाएं। यह न तो आपके, ना ही आपके समाज के हित में है। मध्य प्रदेश के खरगोन में कर्फ्यू लगा दिया गया और रामनवमी के जुलूस में पथराव के बाद 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया। खरगोन के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी को हिंसा के दौरान गोली लगी और उनके अलावा छह पुलिसर्किमयों सहित कम से कम 24 अन्य भी घायल हो गए।

गुजरात में, पुलिस ने आनंद जिले के खंबात शहर में रामनवमी जुलूस के दौरान कथित रूप से पथराव करने और हिंसा में शामिल होने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं हिम्मतनगर में इसी तरह की घटनाओं के बाद निषेधाज्ञा लागू की गई। रविवार को खंभात कस्बे में हुई झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई। साबरकांठा के जिलाधिकारी हितेश कोया ने रविवार शाम एक आदेश में छपरिया क्षेत्र सहित शहर के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी, जहां आगजनी हुई थी। निषेधाज्ञा 13 अप्रैल तक लागू रहेगी।

परम तत्व दर्शन