Tuesday, March 21, 2023

भारतीय सेना उत्तर में पाकिस्तान से लड़ रही होगी, हम दक्षिण से भारत पर कब्जा करेंगे ! इस्लामिक संगठन PFI का खतरनाक प्लान


भारतीय सेना उत्तर में पाकिस्तान से लड़ रही होगी, हम दक्षिण से भारत पर कब्जा करेंगे ! इस्लामी राष्ट्र का खतरनाक प्लानराष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नापाक और बेहद खतरनाक इरादों का खुलासा किया है, जिससे हर भारतवासी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। NIA ने मुस्लिम युवकों को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने, उन्हें भर्ती करने और विशेष रूप से आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में हथियारों तथा हिंसा की ट्रेनिंग देने को लेकर PFI के 5 सदस्यों के खिलाफ  चार्जशीट दाखिल की है। बता दें कि, PFI का उद्देश्य 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना है, इसके लिए वो लगातार मुसलमानों को भड़का रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, PFI की कोर टीम के सदस्यों में शामिल और NIA के संरक्षित प्रमुख गवाहों में से एक ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने रिकॉर्ड किए गए बयान में दावा करते हुए कहा है कि कट्टरपंथी संगठन के सभी गिरफ्तार सदस्यों को खतरनाक साजिशें रचने के बारे में सिखाया गया था। NIA ने दिल्ली की एक कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में बताया है कि पाकिस्तान से अशांति के दौरान भारतीय सेना के उत्तर में व्यस्त रहने के समय PFI के प्रशिक्षण से ये सदस्य दक्षिण भारत पर कब्जा कर सकते हैं और फिर उत्तर की तरफ बढ़ सकते हैं। यानी PFI का भारत पर दोतरफा हमला करने का प्लान है, जब पाकिस्तान बॉर्डर पर हरकत करेगा और भारतीय सेना वहां उसका मुकाबला करने में व्यस्त रहेगी, इसी का फायदा उठाकर PFI के इस्लामी आतंकी भारत पर दक्षिण की तरफ से कब्ज़ा करना शुरू कर देंगे। 

देश को अस्थिर करने के मकसद से आपराधिक साजिश रच रहे PFI के 19 वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि एक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन की आड़ में, PFI एक अत्यधिक प्रेरित, प्रशिक्षित वर्ग बल को एक साथ रख रहा था ताकि 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन की स्थापना के अपने मकसद को पूरा कर सके। इसमें हिन्दुओं में फूट डालकर पहले दलित और OBC वर्ग को अपनी तरफ मिलाना, तथा हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा कर भारत की सत्ता पर कब्ज़ा करना है। इसके लिए PFI खुलकर कहता है कि, यदि 10% मुसलमान भी साथ आ गए तो कायर हिन्दुओं को घुटनों पर ले आएँगे।  

Monday, March 20, 2023

जापान के PM किशिदा का आज से दो दिवसीय भारत दौरा, प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे मुलाकात


जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. (फाइल फोटो)

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा आज (सोमवार) से दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंच रहे हैं. वे नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. किशिदा यहां क्वाड शिखर सम्मेलन, जी-20 और जी-7 के एजेंडे को लेकर बातचीत करेंगे. फुमियो 21 मार्च को वापस जापान के लिए रवाना हो जाएंगे. उनकी इस यात्रा को बेहद खास माना जा रहा है. किशिदा 20 मार्च को सुषमा स्वराज संस्थान में द्विपक्षीय संबंधों पर व्याख्यान देंगे.

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने रविवार को भारत रवाना होने से पहले ट्वीट किया और कहा- मैं भारत का दौरा करने जा रहा हूं और वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलूंगा. इस साल जापान G7 की अध्यक्षता करेगा और भारत G20 की अध्यक्षता करेगा. मैं उस भूमिका पर विचारों का आदान-प्रदान करना चाहता हूं जो हमारे दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों को हल करने और हमारी विशेष सामरिक वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने में निभानी चाहिए.

हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन

बता दें कि जापान 19 मई को किशिदा के निर्वाचन क्षेत्र हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें पीएम मोदी भी हिस्सा लेंगे. मोदी उसी महीने सिडनी में होने वाले QUAD समिट में भी शामिल होंगे. नई दिल्ली इस साल सितंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के साथ 4 जुलाई को एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

इन मसलों पर होगी चर्चा

फिलहाल, नई दिल्ली में पीएम मोदी और पीएम किशिदा के बीच मीटिंग में जी-7, क्वाड और जी-20 शिखर सम्मेलन पर चर्चा होगी. दोनों नेता यूक्रेन युद्ध पर भी बात कर सकते हैं. जापान युद्ध के कारण रूस पर सख्त रुख अपनाए हुए है और पश्चिमी देशों की तरह प्रतिबंध लगाए हुए है. जबकि भारत, रूस विरोधी रुख अपनाए बिना युद्ध को समाप्त करवाना चाहता है.

पीएम मोदी करेंगे जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का दौरा

बता दें कि पीएम मोदी जापान के हिरोशिमा में आयोजित G7 में शामिल होंगे और 19 से 21 मई तक दौरे पर रहेंगे. पीएम उसी महीने यानी मई में क्वाड समिट में ऑस्ट्रेलिया जाएंगे. जून में अमेरिका की यात्रा करेंगे. वे 21 जून को न्यूयॉर्क में विश्व योग दिवस में हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी वॉशिंगटन डीसी और शिकागो भी जाएंगे. शिकागो में कम्युनिटी इवेंट में हिस्सा लेंगे. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडेन पीएम मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज रख सकते हैं.

Monday, March 13, 2023

अमेरिका ने जिस शख्स को बताया था दुनिया के लिए खतरा, ड्रैगन ने उसे बनाया रक्षा मंत्री


img

चीनी प्रेसिडेंट जिनपिंग ने अपने करीबी विश्वासपात्र जनरल ली शांगफू को देश का नया रक्षा मंत्री बनाया है। जनरल शांगफू के नाम को संडे को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई। जनरल शांगफू चीन के सबसे विवादित जनरल हैं और अमेरिका ने उन पर बैन लगा दिया है।

शांगफू की रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति को चीन का एक कदम बताया जा रहा है जो यूएसए संग तनाव बढ़ा सकता है। जनरल शांगफू हमेशा अमेरिका के लिए सिरदर्द रहे हैं।

चीन के नए रक्षा मंत्री कौन हैं?

जनरल शांगफू ने चीन में कई प्रमुख एयरोस्पेस परियोजनाओं का प्रभार संभाला है। वे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सामरिक समर्थन बल में शामिल होने वाले पहले सैनिक हैं और अब देश के केंद्रीय सैन्य आयोग का हिस्सा होंगे। राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सैन्य आयोग के प्रमुख हैं।

बीते कल को जब नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में जनरल शांगफू के नाम की घोषणा की गई तो अमेरिका और चीन के बीच संबंधों में तनाव आना तय था। ली शांगफू वेई फेंगे की जगह लेंगे। अक्टूबर 2022 में आयोजित कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में यह घोषणा की गई कि ली को चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग में शामिल किया जाएगा।

अमेरिका ने क्यों बैन किया?

2018 में, वह S-400 मिसाइल प्रणाली को लेकर अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किए जाने वाले पहले जनरल बने। ली ने देश की सेना के लिए एस-400 और सुखोई-35 के लिए रूसी हथियार कंपनी रोसबोर्नएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। जिस समय उन पर प्रतिबंध लगाया गया था, उस वक्त वे चीन की रक्षा तकनीक को संभाल रहे थे। उस समय वे सर्वोच्च सैन्य आयोग में उपकरण विकास विभाग के निदेशक थे। ली और उनके डिवीजन के अलावा, अमेरिका ने कुछ रूसी रक्षा इकाइयों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

नहीं मिलेगा यूएस वीजा

प्रतिबंध के बाद जनरल शांगफू अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था के तहत कोई लेन-देन नहीं कर सकेंगे। साथ ही, संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकार क्षेत्र के तहत विदेशी मुद्रा लेनदेन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ साथ अमेरिका में सभी संपत्तियां अवरुद्ध हैं और उन्हें कभी भी अमेरिकी वीजा नहीं मिल सकता है।

2015 में, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सामरिक सहायता बल का शुभारंभ किया। इसका मकसद अंतरिक्ष, साइबर, राजनीतिक और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध को आगे बढ़ाना था। जनरल शांगफू को इन सभी क्षेत्रों में महारत हासिल है।

Thursday, March 9, 2023

छेड़ोगे तो छोड़ेगा नहीं भारत, अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया


उकसाया तो छोड़ेगा नहीं भारत, अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पाकिस्तानी उकसावे का सैन्य बल के साथ जवाब दे सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले की तुलना में अब इसकी ज्यादा संभावना है कि भारत पूरी ताकत के साथ पाकिस्तान को जवाब दे.

2023 के एनुअल थ्रेट एसेसमेंट रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का भारत विरोधी आतंकवादी समूहों का समर्थन करने का एक लंबा इतिहास रहा है. इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के सैन्य बल के साथ पहले की तुलना में जवाब देने की ज्यादा संभावना है.

जम्मू कश्मीर में आए दिन पाकिस्तान नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश में रहता है और भारत पर हाल ही में हुए आतंकी हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है.

अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया घटनाक्रम विवादों की मुख्य वजह है. भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे सहित सीमा-पार से होने वाले आतंकी हमलों की वजह से संबंध खराब रहे हैं.

दोनों देश शांति कायम रखना चाहते हैं

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि “दो परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच बढ़ते जोखिम की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच संकट विशेष चिंता का विषय है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली और इस्लामाबाद संभावित रूप से 2021 की शुरुआत में नियंत्रण रेखा पर हुए संघर्षविराम के बाद शांति कायम करने के इच्छुक हैं.

भारत-चीन के बीच भी जारी रह सकता है तनाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां भारत और चीन द्विपक्षीय सीमा वार्ता में लगे हुए हैं और बॉर्डर पॉइंट को सुलझा रहे हैं, वहीं 2020 में सीमा पर हिंसात्मक झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण बने रहेंगे, जो दशकों में सबसे गंभीर है.

भारत और चीन के बीच बढ़ रहे सैन्य तनाव दोनों परमाणु संपन्न देश के बीच मिलिट्री टकराव के जोखिम को बढ़ाते हैं. इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अमेरिकी नागरिकों को खतरा हो सकता है, और यही वजह है कि इसमें अमेरिकी हस्तक्षेप जरूरी है. पिछले घटनाक्रमों की वजह से एलएसी पर लगातार छिटपुट टकराव सामने आ सकते हैं.

Wednesday, March 8, 2023

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत की पाकिस्‍तान को दो टूक, कहा-झूठे प्रचार का जवाब देना भी योग्‍य नहीं


संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत की पाकिस्‍तान को दो टूक, कहा-झूठे प्रचार का जवाब देना भी योग्‍य नहीं

संयुक्‍त राष्‍ट्र के वैश्विक मंच पर एक बार फिर से भारत ने पाकिस्‍तान को कश्‍मीर मसले पर खरी-खरी सुनाई है।भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कांबोज ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जरदारी को तीखा जवाब दिया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इस महीने के लिए मोजाम्बिक के राष्ट्रपति के तहत आयोजित परिषद की बहस में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जरदारी ने जम्मू-कश्मीर का एक स्पष्ट संदर्भ दिया।

भारत ने अपने विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के बाद सुरक्षा परिषद की बहस में 'महिला, शांति और सुरक्षा' पर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को उछाला। भारतीय केंद्र शासित प्रदेश पर उनकी टिप्पणी का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत रुचिरा कंबोज ने मंगलवार को कहा कि इस तरह के 'दुर्भावनापूर्ण और झूठे प्रचार' का जवाब देना भी 'योग्य' नहीं है। उन्होंने उनके बयान को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया।

खुली बहस में बोलते हुए, रुचिरा कंबोज ने टिप्पणी की, "बहस को समाप्त करने से पहले, मुझे जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के बारे में पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा की गई ओछी, निराधार और राजनीति से प्रेरित टिप्पणी को खारिज कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरा प्रतिनिधिमंडल इस तरह के दुर्भावनापूर्ण और झूठे प्रचार का जवाब देना भी अयोग्य समझता है।"

भारतीय राजदूत के भाषण की खास बातें

- कंबोज ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि 'महिला, शांति और सुरक्षा' पर सुरक्षा परिषद की बहस में कहा, "महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सबसे अधिक अत्याचार और अपराध विदेशी कब्जे और लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के दमन की स्थितियों में होते हैं।

- भारत ने पूर्व में अवगत कराया है, कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों के पूरे क्षेत्र पाकिस्तान के लिए भारत का हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

- देश ने दोहराया है कि वह अपने शत्रुतापूर्ण पड़ोसी पाकिस्तान के साथ सामान्य आधार पर मैत्रीपूर्ण संबंध रखना चाहता है और आतंकवाद और दुश्मनी से मुक्त माहौल में इस तरह के रिश्ते को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है।


Tuesday, March 7, 2023

‘हिन्दुओं से बदला लेंगे, भारत में बहेगा खून और होंगे हमले’: ISIS ने ली कोयम्बटूर मंदिर धमाके की जिम्मेदारी


NIA ने फरवरी में इस मामले में दक्षिण भारत के 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी। दोनों ब्लास्ट के कॉमन लिंक को लेकर जाँच चल रही है।

कोयम्बटूर ब्लास्ट, ISIS, ISKP

कोयम्बटूर में मंदिर के सामने हुए बम ब्लास्ट की जिम्मेदारी ISIS (खोरासन) ने ली है। इसके बाद भाजपा ने तमिलनाडु की DMK सरकार पर निशाना साधा है। ‘इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रांत’ अफगानिस्तान में ISIS का ही एक आतंकी संगठन है। उसने अब भारत में खून-खबराबे और हमले की धमकी दी है। ISKP के ‘वॉइस ऑफ खोरासन’ ने ये धमकियाँ दी हैं। इस संगठन को ISIS की सबसे खूँखार शाखाओं में से एक में गिना जाता है।

तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आतंकी संगठन ‘द इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस’ ने कोयम्बटूर में हुए आत्मघाती बम हमले की जिम्मेदारी ली है। आशा है कि DMK वाले कम से कम अब नींद से जागेंगे और अपनी ‘सिलिंडर ब्लास्ट’ वाली थ्योरी को बंद करेंगे। बता दें kiNIA इस मामले की जाँच कर रही है। सब ये साफ़ हो गया है कि ये हिन्दुओं के खिलाफ एक जिहादी हमला था।

कर्नाटक के मंगलुरु में भी इसी तरह का बम हमला हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी भी इसी आतंकी संगठन ने ली है। ISKP के ‘अल-अज़ाइम मीडिया फाउंडेशन’ के 68 पन्नों मुखपत्र में भारत में खून बहाने की धमकियाँ दी गई हैं। उसने लिखा है कि इन बम हमलों के जरिए ‘हमारी भाइयों ने बदला लिया’। NIA ने फरवरी में इस मामले में दक्षिण भारत के 40 ठिकानों पर छापेमारी की थी। दोनों ब्लास्ट के कॉमन लिंक को लेकर जाँच चल रही है।

23 अक्टूबर, 2022 को हुई इस घटना को लेकर NIA ने कई गिरफ्तारियाँ भी की हैं। जहाँ मंगलुरु में ऑटोरिक्शा में ब्लास्ट हुआ था, वहीं कोयम्बटूर में कोट्टई ईश्वरन मंदिर के सामने कार में धमाका हुआ था। जामेशा मुबीन नामक हमलावर शख्स इस हमले में मारा गया था। अब ISKP से हिन्दुओं और भाजपा से बदला लेने की धमकी दी है। मेंगलुरु ब्लास्ट में शामिल शरीक भी मुबीन को जानता था, ऐसा पता चला है। श्रीलंका में हुए बम ब्लास्ट से भी इसके तार जुड़े थे।

Sunday, March 5, 2023

लखनऊ कौशल महोत्सव में बोले सीएम योगी, दो करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार

सीएम योगी ने राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अयोजित दो दिवसीय 'लखनऊ कौशल महोत्सव' के समापन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आने वाले सालों में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार स जोड़ने की बात कही।
Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने सीएम अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग शुरू की है। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख युवाओं को जोड़ेंगे। विश्विद्यालय और महाविद्यालय में अध्ययन करने वाले युवाओं को अप्रेंटिसशिप स्कीम के तहत आधा मानदेय सरकार और आधा मानदेय इंडस्ट्री देगी। उनको हम अनुभवजन्य कार्य और नई ट्रेनिंग के साथ जोड़ने का कार्य करेंगे। प्रदेश में मिशन रोजगार के तहत एक बड़ा अभियान चल रहा है। सारे अभियान को मिलाकर जब हम कार्य करेंगे तो आने वाले तीन-चार वर्ष में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में नौकरी और रोजगार से जोड़ने में सफल रहेंगे।

सीएम योगी ने रविवार को राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अयोजित दो दिवसीय 'लखनऊ कौशल महोत्सव' के समापन समारोह संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में 112 कंपनियों का आना इस बात को साबित करता है कि हमारे पास पोटेंशियल है। हजारों नौजवानों को नौकरी और रोजगार के साथ जोड़ने की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के स्केल को स्किल से जोड़ने का अभियान है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की घोषणा की थी तो लोगों को यह लगता था कि यह मिशन क्या कर पाएगा। आज करोड़ों नौजवानों की भावनाओं को इस मिशन ने एक नई उड़ान, पहचान और मंच दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 6 वर्ष के अंदर 16 लाख युवाओं का पीएम कौशल विकास मिशन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और श्रम एवं सेवा योजन के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट किया है।

स्किल डेवलपमेंट पर होगा काम

सीएम योगी ने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले हमारी सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के यूवाओं को स्किल डेवलपमेंट के साथ जोड़ने का एग्रीमेंट किया है। इसके माध्यम से 35 हजार युवाओं को ऑन जॉब और एप्रेंटिसशिप की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में आने वाली हर एक इंडस्ट्री से यह बात कही है कि वह किसी न किसी इंस्टीट्यूशन को अपने साथ जोड़ें। जहां इंडस्ट्री लगाएं वहां के युवाओं के स्किल डेवलपमेंट में अपना योगदान दें। अब हमारे युवा को पलायन नहीं करना पड़ेगा। उसे उसके गांव और उसके जनपद में रोजगार प्राप्त होगा। इससे प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन की भूमिका का निर्वहन कर सकेगा।

एक फैमली एक आई कार्ड शुरू कर रहे हैं

सीएम योगी ने कहा कि अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था की वजह से ही अगले तीन से चार वर्ष में उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं के लिए नौकरी की संभावना यूपी में होने वाले निवेश से बन रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एक फैमली एक आई कार्ड शुरू करने जा रही है। इसके माध्यम से हम प्रदेश के हर एक परिवार की मैपिंग करने जा रहे हैं। इससे हम एक क्लिक पर जान लेंगे कि शासन की कौन सी योजना और रोजगार किस परिवार को नहीं मिला है और उसे वह उपलब्ध कराएंगे।

परम तत्व दर्शन